बिहार में कानून का राज बहाल करने की मांग को लेकर भाकपा माले का प्रतिवाद मार्च, सरकार पर जमकर बरसे नेता

Written by Sanjay Kumar

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हिलसा (अपना नालंदा)। बिहार में बढ़ते अपराध, मॉब लिंचिंग, कथित फर्जी मुठभेड़ों, बुलडोजर कार्रवाई और पुलिस प्रशासन के रवैये के खिलाफ भाकपा (माले) द्वारा राज्यव्यापी आंदोलन के तहत शनिवार को हिलसा में आक्रोशपूर्ण प्रतिवाद मार्च निकाला गया। बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं ने मार्च में भाग लेकर राज्य सरकार के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया और कानून का राज स्थापित करने की मांग उठाई।
प्रतिवाद मार्च की शुरुआत भाकपा (माले) के हिलसा स्थित पार्टी कार्यालय से हुई। मार्च काली स्थान, वरुण ताल, सिनेमा मोड़ सहित शहर के प्रमुख मार्गों से गुजरते हुए जोगीपुर मोड़ पहुंचा, जहां यह एक सभा में तब्दील हो गया। पूरे मार्ग में कार्यकर्ता हाथों में झंडे और बैनर लेकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते रहे। प्रदर्शनकारियों ने “संविधान और कानून का राज स्थापित करो”, “मॉब लिंचिंग बंद करो”, “फर्जी मुठभेड़ बंद करो”, “मुख्यमंत्री जवाब दो”, “महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा की गारंटी करो” जैसे नारे लगाए।
सभा की अध्यक्षता करायपरसुराय प्रखंड सचिव रविंद्र पासवान ने की। इस दौरान भाकपा (माले) हिलसा सचिव अरुण यादव ने कहा कि बिहार में अपराध की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं और आम लोगों में असुरक्षा का माहौल है। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में बुलडोजर कार्रवाई, कथित फर्जी एनकाउंटर और मॉब लिंचिंग जैसी घटनाएं बढ़ी हैं, जिससे कानून के शासन पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
अरुण यादव ने कहा कि भाकपा (माले) संविधान और कानून के शासन की रक्षा के लिए संघर्ष को और तेज करेगी। उन्होंने कहा कि पार्टी सरकार की नीतियों के विरोध में राज्यभर में चरणबद्ध आंदोलन चलाएगी तथा लोकतांत्रिक अधिकारों और नागरिक सुरक्षा के मुद्दों पर जनता को संगठित करेगी।
सभा को संबोधित करते हुए भाकपा (माले) के जिला कमेटी सदस्य दिनेश कुमार यादव, विजय यादव, चुन्नू चंद्रवंशी, प्रखंड कमेटी सदस्य भीम बिंद, दिनेश पासवान, साधु बिंद, मिथिलेश पासवान, रामप्रवेश साहनी, नागेश्वर पासवान समेत अन्य नेताओं ने भी अपने विचार रखे। वक्ताओं ने राज्य सरकार से अपराध पर प्रभावी नियंत्रण, महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने तथा संविधान के अनुरूप कानून व्यवस्था कायम करने की मांग की।
कार्यक्रम का समापन लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा और जनहित के मुद्दों पर संघर्ष जारी रखने के संकल्प के साथ हुआ। बड़ी संख्या में मौजूद कार्यकर्ताओं ने कहा कि यदि सरकार जनसरोकारों की अनदेखी करती रही तो आंदोलन को और व्यापक बनाया जाएगा।

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