बिहारशरीफ में बैंककर्मियों ने निकाला जुलूस, सरकार के खिलाफ जताई नाराजगी; 28 से 30 सितंबर तक फिर हड़ताल की चेतावनी

Written by Sanjay Kumar

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संजय कुमार
बिहारशरीफ (अपना नालंदा)। यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन्स (UFBU) के बैनर तले शुक्रवार को बैंककर्मियों ने विभिन्न मांगों को लेकर एक दिवसीय पूर्ण बैंक हड़ताल की। हड़ताल के दौरान जिले के विभिन्न बैंकों के कर्मियों ने कामकाज से खुद को अलग रखते हुए अपनी मांगों के समर्थन में जोरदार एकजुटता दिखाई। बैंककर्मियों ने कहा कि लंबे समय से लंबित मांगों को लेकर सरकार और इंडियन बैंक्स एसोसिएशन (IBA) की ओर से लगातार आश्वासन दिया जाता रहा है, लेकिन अब तक अपेक्षित निर्णय नहीं लिया गया है।

हड़ताल का मुख्य मुद्दा पांच दिवसीय बैंकिंग व्यवस्था लागू करना रहा। बैंक यूनियनों का कहना है कि पांच दिवसीय बैंकिंग की मांग लंबे समय से उठाई जा रही है। इस संबंध में सरकार द्वारा IBA के माध्यम से कई बार आश्वासन भी दिया गया, लेकिन मामला लगातार लंबित रहने से बैंककर्मियों में नाराजगी बढ़ती जा रही है।

बैंककर्मियों ने कहा कि अब केवल आश्वासन से काम नहीं चलेगा। लंबित मांगों को लेकर बैंककर्मियों को अपनी सामूहिक शक्ति और एकजुटता दिखाने की जरूरत है। शुक्रवार की हड़ताल में कर्मियों की भागीदारी ने यह संदेश दिया कि बैंक कर्मचारी अपनी जायज मांगों को लेकर एकजुट हैं और जरूरत पड़ने पर आगे भी आंदोलन को तेज करने से पीछे नहीं हटेंगे।

बिहारशरीफ की सड़कों पर दिखी बैंककर्मियों की एकजुटता

हड़ताल के दौरान बैंककर्मियों ने बिहारशरीफ शहर में जुलूस निकालकर अपनी मांगों के समर्थन में आवाज बुलंद की। जुलूस रामचंद्रपुर से शुरू होकर भराव होते हुए अस्पताल मोड़ तक निकाला गया। इस दौरान बड़ी संख्या में विभिन्न बैंकों के कर्मचारी और बैंक यूनियनों से जुड़े पदाधिकारी शामिल हुए।

जुलूस में शामिल बैंककर्मी अपनी मांगों को लेकर नारेबाजी करते हुए आगे बढ़े। प्रदर्शन के दौरान बैंककर्मियों ने सरकार से लंबित मांगों पर जल्द निर्णय लेने की मांग की। शहर में निकाले गए इस जुलूस के माध्यम से बैंककर्मियों ने अपनी एकजुटता और आंदोलन के प्रति प्रतिबद्धता का प्रदर्शन किया।

मांगें पूरी नहीं हुईं तो आंदोलन होगा और तेज

बीपीबीईए नालंदा के महासचिव प्रभात कुमार रंजन ने कहा कि बैंककर्मियों की मांगों को लंबे समय से टाला जा रहा है। पांच दिवसीय बैंकिंग व्यवस्था लागू करने की मांग को लेकर सरकार और IBA के स्तर से आश्वासन मिलता रहा है, लेकिन अब तक ठोस पहल नहीं हुई है।

उन्होंने कहा कि शुक्रवार की हड़ताल में बैंककर्मियों ने जिस उत्साह और एकजुटता के साथ हिस्सा लिया, उससे स्पष्ट है कि कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर पूरी तरह जागरूक और सजग हैं। उन्होंने बैंककर्मियों से इसी तरह एकजुट होकर UFBU के आंदोलन को मजबूती प्रदान करने की अपील की।

प्रभात कुमार रंजन ने स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा कि यदि उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो 28, 29 और 30 सितंबर को भी बैंककर्मी हड़ताल पर जाएंगे। इसके बावजूद यदि मांगों का समाधान नहीं हुआ तो बैंककर्मी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने की तैयारी कर चुके हैं।

शुक्रवार को आयोजित प्रदर्शन और जुलूस में जिले के विभिन्न बैंकों के कर्मचारी शामिल हुए। प्रदर्शन का नेतृत्व विभिन्न बैंक यूनियनों से जुड़े राकेश कुमार, रणवीर कुमार, भूपेंद्र कुमार, जितेंद्र कुमार, सौरभ कुमार, अजय कुमार, रोशन कुमार, देवेंद्र कुमार सहित अन्य बैंककर्मियों ने किया।

आंदोलन में बड़ी संख्या में बैंककर्मी हुए शामिल

बैंककर्मियों ने कहा कि उनका आंदोलन केवल एक दिन की हड़ताल तक सीमित नहीं है, बल्कि यह लंबे समय से लंबित मांगों को लेकर चल रहा संघर्ष है। उन्होंने सरकार से बैंकिंग क्षेत्र के कर्मचारियों की मांगों पर गंभीरता से विचार कर शीघ्र समाधान निकालने की मांग की।

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