बिहारशरीफ (अपना नालंदा)। अक्षय तृतीया के अवसर पर बाल विवाह जैसी कुप्रथा पर रोक लगाने के उद्देश्य से आइडिया संस्था द्वारा राजगीर स्थित कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य लोगों को बाल विवाह के दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करना और समाज को इस कुरीति के खिलाफ एकजुट करना था।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राजगीर अनुमंडलीय पदाधिकारी सह अनुमंडलीय मजिस्ट्रेट सूर्य कुमार गुप्ता ने कहा कि बाल विवाह बच्चों के शारीरिक, मानसिक और सामाजिक विकास पर गंभीर प्रभाव डालता है। इससे बच्चों का भविष्य प्रभावित होता है और समाज के समग्र विकास में भी बाधा उत्पन्न होती है। उन्होंने लोगों से अपील करते हुए कहा कि यदि कहीं भी बाल विवाह की सूचना मिले तो तुरंत प्रशासन को इसकी जानकारी दें।

बाल कल्याण समिति नालंदा की अध्यक्षा पुष्पा पांडे ने भी कार्यक्रम में अपने विचार रखते हुए बालिकाओं के स्वास्थ्य, शिक्षा और सुरक्षा पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि बाल विवाह को रोकना समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है और इसके लिए जागरूकता अत्यंत आवश्यक है।
आइडिया संस्था की निदेशक रागिनी कुमारी ने बताया कि अक्षय तृतीया जैसे अवसरों पर अक्सर बाल विवाह की घटनाएं बढ़ जाती हैं, इसलिए समाज के हर वर्ग को सतर्क रहने की जरूरत है। कार्यक्रम के दौरान विद्यालय की छात्राओं ने बाल विवाह पर आधारित नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत कर लोगों को जागरूक किया।
कार्यक्रम के अंत में उपस्थित सभी लोगों ने बाल विवाह को जड़ से समाप्त करने की शपथ ली। इस मौके पर आइडिया संस्था के जिला समन्वयक मंटू कुमार, उज्ज्वल कुमार, अश्विनी, विवेक, गंगोत्री, विनोद पांडे सहित विद्यालय के शिक्षक व छात्राएं मौजूद थीं।







