संजय कुमार
पटना (अपना नालंदा)। ग्रामीण एवं प्रखंड स्तर पर कार्यरत पत्रकारों की सुरक्षा, मान्यता, पेंशन और सामाजिक-आर्थिक अधिकारों से जुड़े मुद्दों को लेकर मुजफ्फरपुर जिले के सरैया स्थित आमंत्रण रिसॉर्ट में मीडिया फॉर बॉर्डर हार्मोनी, भारत-नेपाल के पत्रकार संगठन की ओर से ‘हमारी आवाज’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बिहार के विभिन्न जिलों से पहुंचे पत्रकारों ने पत्रकार हित से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की और अपनी मांगों को एक मांग-पत्र के रूप में प्रस्तुत किया। मांग-पत्र को उपस्थित पत्रकारों ने ध्वनि मत से सर्वसम्मति से पारित किया।
कार्यक्रम में मुजफ्फरपुर, वैशाली, पूर्वी चंपारण, पश्चिमी चंपारण, सीतामढ़ी, शिवहर, दरभंगा, समस्तीपुर, फारबिसगंज सहित कई जिलों से पत्रकार शामिल हुए। पत्रकारों ने कहा कि प्रखंड एवं ग्रामीण स्तर पर कार्यरत पत्रकार सरकार की योजनाओं, जनसमस्याओं और स्थानीय घटनाओं को आम लोगों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इसके बावजूद उन्हें सुरक्षा, मान्यता और सामाजिक सुरक्षा से जुड़ी कई समस्याओं का सामना करना पड़ता है।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पारू विधायक शंकर राय ने कहा कि सूचना तंत्र की वास्तविक रीढ़ प्रखंड स्तर पर काम करने वाले पत्रकार हैं। उन्होंने कहा कि पहले पत्रकारिता का केंद्र मुख्य रूप से अनुमंडल स्तर तक सीमित था, लेकिन अब प्रखंड स्तर पर भी बड़ी संख्या में पत्रकार सक्रिय हैं। ये पत्रकार ग्रामीण क्षेत्रों की समस्याओं और सरकारी योजनाओं की जानकारी सामने लाने का कार्य कर रहे हैं।
विधायक ने पत्रकारों की सुरक्षा और पेंशन सहित अन्य मांगों को सरकार के समक्ष रखने तथा विधानसभा में प्रमुखता से उठाने का प्रयास करने का भरोसा दिलाया। वहीं लालगंज विधायक संजय सिंह ने भी पत्रकारों की सुरक्षा, सम्मान तथा सामाजिक एवं आर्थिक सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर आवश्यक पहल करने का आश्वासन दिया।
पत्रकारों की प्रमुख मांगें
पत्रकारों ने मांग की कि बिहार पत्रकार संरक्षण आयोग का गठन कर पत्रकारों की सुरक्षा एवं अधिकारों का संरक्षण किया जाए। ग्रामीण और प्रखंड स्तर पर कार्यरत पत्रकारों को मान्यता प्राप्त पत्रकार का दर्जा देने की मांग भी उठाई गई।

इसके अलावा मान्यता के आवेदन में जिला एवं अनुमंडल के साथ प्रखंड का कॉलम जोड़ने तथा कोटा सिस्टम समाप्त करने की मांग की गई। 58 वर्ष की आयु पूरी कर चुके वरीय पत्रकारों को पत्रकार पेंशन योजना में शामिल करने की मांग भी प्रमुख रही, ताकि लंबे समय तक पत्रकारिता करने वाले पत्रकारों को आर्थिक सुरक्षा मिल सके।
पत्रकारों ने सरकार की लोककल्याणकारी योजनाओं की जानकारी पत्रकारों तक पहुंचाने के लिए प्रेस क्लबों का नियमित संचालन करने तथा प्रत्येक जिले के प्रेस क्लब में जिला प्रशासन की ओर से मासिक पत्रकार गोष्ठी आयोजित करने की मांग रखी। आकस्मिक परिस्थितियों में पत्रकारों को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने के लिए पत्रकार आकस्मिक सहायता कोष गठित करने की मांग भी की गई।
कार्यक्रम में जिला पार्षद विपिन शाही, मुखिया प्रतिनिधि चिदानंद द्विवेदी, जिला पार्षद प्रतिनिधि मुन्ना राइन, कार्यालय प्रभारी सुमित कुमार, वैशाली जिला अध्यक्ष प्रभात कुमार, मोतिहारी जिला अध्यक्ष नवेंदु कुमार सिंह तथा मुजफ्फरपुर के सदस्यता अभियान प्रभारी पत्रकार विनोद पासवान सहित कई लोग मौजूद रहे।
कार्यक्रम की अध्यक्षता मीडिया फॉर बॉर्डर हार्मोनी के मुजफ्फरपुर जिला अध्यक्ष रंजन कुमार ने की। संचालन वरिष्ठ पत्रकार अमरेंद्र तिवारी ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन कृत्यानंद सिंह ने किया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में पत्रकारों ने भाग लेकर पत्रकार हित से जुड़े मुद्दों को मजबूती से उठाने का संकल्प लिया।







