नालंदा में साइबर ठगी गिरोह पर बड़ी कार्रवाई, अस्थावां से छह साइबर अपराधी गिरफ्तार; 10 मोबाइल बरामद

Written by Sanjay Kumar

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अखिलेंद्र कुमार
बिहारशरीफ (अपना नालंदा)। नालंदा पुलिस ने साइबर अपराध के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस अधीक्षक हदय कांत के निर्देश पर अस्थावां थाना पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए छह साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी संगठित गिरोह के रूप में काम करते हुए सोशल मीडिया, मोबाइल कॉल और अन्य ऑनलाइन माध्यमों से लोगों को झांसा देकर साइबर ठगी की वारदात को अंजाम देते थे। कार्रवाई के दौरान आरोपियों के कब्जे से साइबर अपराध में इस्तेमाल किए जा रहे 10 स्मार्ट मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं।

पुलिस के अनुसार, 11 सितंबर 2026 को गुप्त सूचना मिली थी कि अस्थावां थाना क्षेत्र के चुलिहारी पुल के पास कुछ युवक साइबर ठगी की गतिविधियों में संलिप्त हैं। सूचना के सत्यापन के बाद पुलिस टीम ने तत्काल छापेमारी की और मौके से चार साइबर अपराधियों को गिरफ्तार कर लिया।
आरोपियों की निशानदेही पर दो और गिरफ्तार
प्रारंभिक पूछताछ के दौरान गिरफ्तार आरोपियों से मिली जानकारी के आधार पर पुलिस ने आगे कार्रवाई की। उनकी निशानदेही पर ग्राम उगावां के खंधा क्षेत्र में छापेमारी की गई, जहां से दो अन्य आरोपियों को भी गिरफ्तार किया गया। इस तरह पुलिस ने कुल छह साइबर अपराधियों को अपनी गिरफ्त में लिया।
पुलिस का कहना है कि गिरफ्तार सभी आरोपी एक संगठित गिरोह के तौर पर काम कर रहे थे और अलग-अलग तरीकों से आम लोगों को अपने जाल में फंसाकर उनसे पैसे की ठगी करते थे।
सोशल मीडिया और मोबाइल कॉल के जरिए बनाते थे शिकार
पुलिस जांच में सामने आया है कि साइबर अपराधी सोशल मीडिया, मोबाइल कॉल और अन्य ऑनलाइन माध्यमों का इस्तेमाल कर लोगों से संपर्क करते थे। पुलिस के मुताबिक, आरोपी लोगों को सेक्स स्कॉर्ट सर्विस में रोजगार दिलाने का झांसा देकर ठगी करते थे। इसके अलावा फर्जी बाबा बनकर मनचाही महिला या पुरुष को वशीकरण करने का दावा करते हुए भी लोगों को अपने जाल में फंसाया जाता था।
ऐसे मामलों में आरोपी पहले लोगों को आकर्षक ऑफर या झूठे दावे से प्रभावित करते थे और इसके बाद विभिन्न बहानों से उनसे पैसे की मांग करते थे। पुलिस अब गिरफ्तार आरोपियों के मोबाइल फोन की जांच कर उनके संपर्क में रहे अन्य लोगों और गिरोह के नेटवर्क का पता लगाने में जुटी है।

10 स्मार्ट मोबाइल फोन बरामद
छापेमारी के दौरान पुलिस ने साइबर अपराध में इस्तेमाल किए जा रहे 10 स्मार्ट मोबाइल फोन बरामद किए हैं। पुलिस इन मोबाइल फोन की तकनीकी जांच कर रही है। जांच के दौरान आरोपियों द्वारा किए गए ऑनलाइन लेनदेन, कॉल, सोशल मीडिया गतिविधियों और संभावित पीड़ितों से जुड़े साक्ष्य सामने आने की उम्मीद है।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों में चुलिहारी गांव निवासी बंटी कुमार (21 वर्ष), सोनु कुमार (19 वर्ष), सोनेलाल पासवान (36 वर्ष) और लक्की कुमार (18 वर्ष) शामिल हैं। वहीं, उगावां गांव निवासी दीपक कुमार (19 वर्ष) और सोनू कुमार (20 वर्ष) को भी गिरफ्तार किया गया है। सभी आरोपी अस्थावां थाना क्षेत्र के रहने वाले बताए गए हैं।
पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर अग्रेतर कार्रवाई शुरू कर दी है। साथ ही गिरोह से जुड़े अन्य लोगों और साइबर ठगी के संभावित मामलों की भी जांच की जा रही है।
इन पुलिसकर्मियों की टीम ने की कार्रवाई
छापेमारी अभियान का नेतृत्व पुलिस निरीक्षक सह थानाध्यक्ष सत्यम कुमार ने किया। टीम में पुलिस अवर निरीक्षक धर्मेंद्र कुमार (2019), पुलिस अवर निरीक्षक जितेंद्र कुमार साह, सहायक अवर निरीक्षक धर्मवीर पासवान, सहायक अवर निरीक्षक गयानंद पांडेय, सिपाही लालू राय, सिपाही अरुण कुमार, महिला सिपाही रंभा कुमारी, सिपाही मुरारी कुमार दास, बीएचजी शैलेन्द्र कुमार तथा चालक बीएचजी इंद्रजीत कुमार शामिल थे।
पुलिस की आम लोगों से अपील
नालंदा पुलिस ने आम लोगों से साइबर अपराधियों से सतर्क रहने की अपील की है। पुलिस ने कहा है कि किसी भी तरह के ऑनलाइन लालच, फर्जी कॉल, संदिग्ध लिंक या अनजान व्यक्ति के झांसे में न आएं। किसी भी अज्ञात व्यक्ति के साथ ओटीपी, बैंक खाते से जुड़ी जानकारी, एटीएम/डेबिट कार्ड संबंधी जानकारी या अन्य गोपनीय विवरण साझा नहीं करें।
पुलिस ने लोगों से अपील की है कि साइबर ठगी का शिकार होने पर समय गंवाए बिना राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर संपर्क करें और cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज कराएं। साथ ही घटना की सूचना तत्काल संबंधित थाना पुलिस को भी दें।

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