अखिलेंद्र कुमार
बिहारशरीफ (अपना नालंदा)। शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के आगामी चुनाव को लेकर विधान पार्षद नवल किशोर यादव ने बिहारशरीफ के विभिन्न विद्यालयों एवं महाविद्यालयों का दौरा कर शिक्षकों एवं संभावित मतदाताओं से जनसंपर्क किया। इस दौरान उन्होंने शिक्षकों से सीधा संवाद स्थापित कर उनकी समस्याओं, अपेक्षाओं और शिक्षक हितों से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की तथा आगामी चुनाव में समर्थन की अपील की।
जनसंपर्क अभियान के दौरान विधान पार्षद नवल किशोर यादव ने कहा कि अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने शिक्षकों के हितों को हमेशा प्राथमिकता दी है। उन्होंने कहा कि पूरी ईमानदारी और निष्ठा के साथ शिक्षकों की आवाज को सदन से लेकर सरकार तक बुलंद करने का काम किया है। शिक्षक हित से जुड़े विभिन्न मुद्दों को लगातार उठाते हुए उनके समाधान के लिए प्रयास किया गया है।
उन्होंने कहा कि मातृत्व अवकाश से संबंधित मामला हो या शनिवार को हाफ डे किए जाने का मुद्दा, शिक्षकों की मांगों को मजबूती से उठाने का उन्होंने काम किया है। उनका कहना था कि शिक्षक समाज की समस्याओं को समझते हुए उनके अधिकार और सम्मान के लिए लगातार संघर्ष किया गया है।

वित्त रहित शिक्षकों की मांग को लेकर संघर्ष का किया जिक्र
नवल किशोर यादव ने वित्त रहित शिक्षकों की समस्याओं का जिक्र करते हुए कहा कि वित्त रहित शिक्षकों के हितों की लड़ाई की शुरुआत उन्होंने की थी और इसे लगातार आगे बढ़ाने का प्रयास किया। उन्होंने कहा कि 5 सितंबर को मुख्यमंत्री श्री सम्राट चौधरी द्वारा वित्त रहित शिक्षकों के प्रति की गई घोषणा के लिए वे शिक्षक समाज की ओर से मुख्यमंत्री का धन्यवाद देते हैं।
उन्होंने कहा कि वित्त रहित शिक्षकों की समस्याएं लंबे समय से गंभीर मुद्दा रही हैं। ऐसे में सरकार की ओर से की गई घोषणा को शिक्षक हित में महत्वपूर्ण कदम बताते हुए उन्होंने कहा कि शिक्षकों की लंबित मांगों के समाधान के लिए आगे भी सकारात्मक पहल की आवश्यकता है।
‘बहरूपियों’ से शिक्षकों को सचेत रहने की अपील
शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के चुनावी माहौल को लेकर उन्होंने शिक्षकों को आगाह करते हुए कहा कि कुछ लोग बहरूपिया बनकर शिक्षकों का वोट हासिल करने के लिए तरह-तरह के हथकंडे अपना रहे हैं। उन्होंने शिक्षकों से ऐसे लोगों से सचेत रहने और सोच-समझकर अपने मताधिकार का प्रयोग करने की अपील की।

उन्होंने कहा कि शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में शिक्षक समुदाय को यह तय करना है कि उनके बीच रहकर लगातार उनकी समस्याओं और अधिकारों के लिए आवाज उठाने वाला प्रतिनिधि कौन है। उन्होंने अपने कार्यकाल के दौरान शिक्षकों के हित में किए गए कार्यों के आधार पर समर्थन देने का आग्रह किया।
कई शिक्षण संस्थानों में शिक्षकों से किया संवाद
जनसंपर्क अभियान के तहत नवल किशोर यादव ने नालंदा जिले के बड़ी पहाड़ी उच्च विद्यालय, बिहारशरीफ, मगध विद्यालय ओकनामा, डीपी राय उच्च विद्यालय, दीपनगर उच्च विद्यालय, राणा बिगहा, पैरू महतो सोमरी कॉलेज, उच्च विद्यालय मघड़ा सहित विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों का भ्रमण किया।
इन संस्थानों में उन्होंने शिक्षकों एवं संभावित मतदाताओं से मुलाकात की। शिक्षकों ने भी उनके समक्ष शिक्षा व्यवस्था, विद्यालयों की समस्याओं, सेवा शर्तों, वेतन एवं अन्य शिक्षक हित से जुड़े विषयों को रखा। नवल किशोर यादव ने शिक्षकों की बातों को सुना और उनके समाधान के लिए हरसंभव प्रयास करने का भरोसा दिलाया।

शैक्षणिक संस्थानों में संवाद के दौरान उन्होंने कहा कि शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने में शिक्षकों की महत्वपूर्ण भूमिका है। इसलिए शिक्षक सम्मान, उनकी सुविधाओं और अधिकारों से जुड़े मुद्दों पर गंभीरता से काम किया जाना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि शिक्षकों की समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर उठाना उनकी जिम्मेदारी है और वे आगे भी शिक्षक हित में अपनी आवाज बुलंद करते रहेंगे।
समर्थकों ने जगह-जगह किया स्वागत
नवल किशोर यादव के क्षेत्र भ्रमण के दौरान बड़ी संख्या में उनके समर्थक भी मौजूद रहे। विभिन्न स्थानों पर समर्थकों एवं शिक्षकों ने उनका स्वागत किया। इस दौरान चुनाव को लेकर शिक्षकों के बीच चर्चा भी होती रही।
अभियान के दौरान अजीत यादव, प्रोफेसर अवधेश, भारतेंदु कुमार, एखलाक अहमद, दिग्विजय नारायण, संजय कुमार, विनय बिहारी, विद्यासागर, अमीन अहमद, प्रोफेसर बलराम प्रसाद, ललित गिरी, प्रोफेसर शशिकांत, टोनी, जयंत शर्मा, राकेश पांडे, प्रोफेसर साबिर, रिंकू कुमार, विजय पांडे सहित बड़ी संख्या में शिक्षक मौजूद रहे।
क्षेत्र भ्रमण के दौरान नवल किशोर यादव ने शिक्षकों से लगातार संवाद बनाए रखने और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के चुनाव में शिक्षक हितों को केंद्र में रखकर निर्णय लेने की अपील की। उनके समर्थकों ने भी अभियान को सफल बनाने के लिए शिक्षकों से संपर्क तेज करने की बात कही।







