सावन की हरियाली, राखी की खुशियां और पर्यावरण संदेश से गूंजा डैफोडिल स्कूल

Written by Sanjay Kumar

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संजय कुमार
बिहारशरीफ (अपना नालंदा)। सावन महोत्सव एवं रक्षाबंधन के पावन अवसर पर मंगलास्थान स्थित डैफोडिल ग्रुप ऑफ स्कूल्स में भारतीय संस्कृति, पर्यावरण संरक्षण तथा भाई-बहन के पवित्र प्रेम को समर्पित विविध कार्यक्रमों का आयोजन उत्साह और उल्लास के साथ किया गया। विद्यालय परिसर में आयोजित समारोह में विद्यार्थियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और गीत-संगीत, नृत्य, राखी निर्माण एवं मेहंदी कला के माध्यम से अपनी रचनात्मक प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया।

कार्यक्रम की शुरुआत सावन की हरियाली और प्राकृतिक सौंदर्य से जुड़े गीत-संगीत एवं मनमोहक नृत्य प्रस्तुतियों से हुई। विद्यार्थियों की प्रस्तुतियों ने पूरे विद्यालय परिसर को उत्सवमय बना दिया। सावन के पारंपरिक रंग और सांस्कृतिक भावनाओं को प्रस्तुत करते हुए बच्चों ने अपनी कला के माध्यम से प्रकृति के संरक्षण, हरियाली बढ़ाने और पर्यावरण के प्रति जिम्मेदार बनने का संदेश दिया।

इको-फ्रेंडली राखी बनी आकर्षण का केंद्र

समारोह में आयोजित इको-फ्रेंडली राखी मेकिंग प्रतियोगिता विशेष आकर्षण का केंद्र रही। विद्यार्थियों ने कागज, ऊन, कपड़े, मोतियों, पत्तियों तथा अन्य पर्यावरण-अनुकूल सामग्रियों का इस्तेमाल कर आकर्षक एवं रचनात्मक राखियां तैयार कीं। बच्चों की कल्पनाशीलता और कलात्मक प्रतिभा ने सभी को प्रभावित किया। प्रतियोगिता के माध्यम से विद्यार्थियों को प्लास्टिक एवं अन्य हानिकारक सामग्रियों के उपयोग से बचने तथा पर्यावरण-अनुकूल जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित किया गया।

मेहंदी प्रतियोगिता में दिखी रचनात्मकता

मेहंदी प्रतियोगिता में छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। उन्होंने हाथों पर सुंदर और आकर्षक डिजाइनों के माध्यम से अपनी कलात्मक प्रतिभा एवं रचनात्मकता का प्रदर्शन किया। विभिन्न डिजाइनों ने कार्यक्रम में मौजूद लोगों का मन मोह लिया। प्रतियोगिता ने छात्राओं को अपनी कला और कल्पनाशक्ति को प्रदर्शित करने का अवसर प्रदान किया।

कार्यक्रम के दौरान विद्यालय की सलाहकार समिति की अध्यक्ष रश्मि रानी ने विद्यार्थियों को रक्षाबंधन के सांस्कृतिक, सामाजिक और भावनात्मक महत्व की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि रक्षाबंधन भाई-बहन के स्नेह, विश्वास और आपसी जिम्मेदारी का प्रतीक है। ऐसे पर्व बच्चों को भारतीय परंपराओं और पारिवारिक मूल्यों से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

विद्यालय के चेयरमैन रंजीत प्रसाद सिंह एवं प्राचार्य डॉ. रवि चंद कुमार ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि त्योहार केवल मनोरंजन के अवसर नहीं हैं, बल्कि इनके माध्यम से नई पीढ़ी को हमारी समृद्ध संस्कृति, परंपराओं, पारिवारिक मूल्यों और पर्यावरण संरक्षण से जोड़ने का महत्वपूर्ण अवसर मिलता है। इस प्रकार के आयोजन विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के साथ उनमें रचनात्मकता, सहयोग, संवेदनशीलता, अनुशासन और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना विकसित करते हैं।

उन्होंने कहा कि बच्चों को त्योहारों की खुशी के साथ प्रकृति और पर्यावरण के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को भी समझना चाहिए। पर्यावरण-अनुकूल राखी निर्माण जैसे कार्यक्रम बच्चों में छोटी उम्र से ही पर्यावरण संरक्षण की आदत विकसित करने में सहायक हैं।

समारोह के सफल आयोजन में प्रिया कुमारी, प्रीतम भास्कर, रेनू, सभ्यता चामलिंग, सुरवी राय, अनुषा रूपल, निशा भारती, श्यामा परवीन, फलक अमरीन, ज्योति कुमारी, शबाना तबस्सुम, प्रीति कुमारी, पूजा शर्मा, विद्या नंदन सिन्हा, अवधेश कुमार, सदफ नियाज, अनीशा राज, भावना कुमारी, पूनम, आसमां परवीन, प्रियदर्शिनी रानी सहित अन्य शिक्षक-शिक्षिकाओं का महत्वपूर्ण योगदान रहा।

विद्यार्थियों की उत्साहपूर्ण भागीदारी, आकर्षक सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और पर्यावरण संरक्षण के संदेश ने सावन महोत्सव एवं रक्षाबंधन समारोह को यादगार बना दिया। पूरे कार्यक्रम के दौरान विद्यालय परिसर में उत्सव, उमंग और भारतीय संस्कृति के रंग दिखाई दिए।

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