प्राचार्या प्रो. सुनीता सिन्हा बोलीं—आजादी के महत्व को समझें युवा, राष्ट्र निर्माण में निभाएं अहम भूमिका

Written by Sanjay Kumar

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संजय कुमार
बिहारशरीफ (अपना नालंदा)। नालंदा कॉलेज, बिहारशरीफ में शनिवार को देश का 80वां स्वतंत्रता दिवस पूरे उत्साह, उमंग और देशभक्ति के वातावरण में धूमधाम से मनाया गया। स्वतंत्रता दिवस समारोह की शुरुआत कॉलेज की प्राचार्या प्रोफेसर (डॉ.) सुनीता सिन्हा द्वारा राष्ट्रीय ध्वज फहराने के साथ हुई। जैसे ही तिरंगा आसमान में लहराया, पूरा कॉलेज परिसर राष्ट्रभक्ति के नारों और देशप्रेम की भावना से गूंज उठा। उपस्थित शिक्षकों, कर्मियों और छात्र-छात्राओं ने राष्ट्रध्वज को सलामी देते हुए देश की एकता, अखंडता और संप्रभुता की रक्षा का संकल्प लिया।
ध्वजारोहण के बाद आयोजित समारोह को संबोधित करते हुए कॉलेज की प्राचार्या प्रो. (डॉ.) सुनीता सिन्हा ने कहा कि 15 अगस्त केवल कैलेंडर की एक तारीख नहीं, बल्कि हमारे स्वाभिमान, शौर्य, संघर्ष और आजादी का प्रतीक है। यह दिन हमें उन असंख्य स्वतंत्रता सेनानियों के त्याग, तपस्या और बलिदान की याद दिलाता है, जिन्होंने देश की स्वतंत्रता के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया।


उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता हमें लंबे संघर्ष और असंख्य बलिदानों के बाद प्राप्त हुई है। इसलिए आजादी का वास्तविक सम्मान तभी होगा, जब हम अपने कर्म, अनुशासन, ईमानदारी और जिम्मेदार नागरिक के रूप में अपने दायित्वों का निर्वहन करेंगे। उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे शिक्षा को अपना हथियार बनाकर राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाएं तथा अपनी प्रतिभा और उत्कृष्ट कार्यों से देश और समाज का नाम रोशन करें।
प्राचार्या ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि देश का भविष्य युवाओं के हाथों में है। विद्यार्थियों को केवल डिग्री प्राप्त करने तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि शिक्षा के साथ नैतिक मूल्यों, सामाजिक जिम्मेदारी और राष्ट्रीय चेतना को भी अपने जीवन का हिस्सा बनाना चाहिए। उन्होंने कहा कि एक मजबूत और विकसित भारत के निर्माण में युवाओं की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है।
समारोह में नालंदा कॉलेज के पूर्व प्राचार्य प्रो. सचिदानंद प्रसाद सिंह, प्रो. देवकीनंदन प्रसाद सिंह एवं प्रो. रघुनाथ प्रसाद कच्छवे की गरिमामयी उपस्थिति रही। इसके अलावा कॉलेज के शिक्षक एवं कर्मचारी भी बड़ी संख्या में समारोह में शामिल हुए। इनमें डॉ. श्याम सुंदर प्रसाद, श्रद्धा कुमारी, डॉ. भावना, डॉ. चंपा कुमारी, डॉ. करिश्मा कुमारी, डॉ. मृत्युंजय प्रसाद सिंह, डॉ. अनिवार्ण चैटर्जी, डॉ. उपेन मंडल, डॉ. सर्वदमन कश्यप, डॉ. शशांक शेखर झा, दिलीप कुमार पटेल, डॉ. संगीता कुमारी, डॉ. गुड्डी कुमारी, डॉ. अल्लाउद्दीन, विनय कुमार, अंजनी कुमार, संतोष कुमार, धनंजय कुमार मुरारी सहित अन्य शिक्षक एवं कर्मचारी मौजूद रहे।
स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर कॉलेज परिसर में सांस्कृतिक कार्यक्रम का भी आयोजन किया गया। इसमें छात्र-छात्राओं ने देशभक्ति गीत, नृत्य, समूहगान एवं विभिन्न सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से स्वतंत्रता संग्राम की गौरवशाली गाथा और देशभक्ति की भावना को जीवंत कर दिया। विद्यार्थियों की शानदार प्रस्तुतियों ने समारोह में मौजूद लोगों को भावविभोर कर दिया।
देशभक्ति गीतों और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के दौरान पूरा परिसर भारत माता की जय, वंदे मातरम् और देशभक्ति के नारों से गूंजता रहा। छात्र-छात्राओं के उत्साह और उनकी प्रस्तुतियों ने समारोह को और भी आकर्षक बना दिया। कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों में देश के प्रति प्रेम, सम्मान और जिम्मेदारी की भावना स्पष्ट रूप से देखने को मिली।
कार्यक्रम के अंत में प्राचार्या प्रो. (डॉ.) सुनीता सिन्हा ने सभी छात्र-छात्राओं, शिक्षकों और कर्मचारियों को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं दीं तथा सांस्कृतिक कार्यक्रम में भाग लेने वाले विद्यार्थियों की सराहना की। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के आयोजन विद्यार्थियों में राष्ट्रीय चेतना, देशभक्ति, सांस्कृतिक मूल्यों और सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
उन्होंने विद्यार्थियों से स्वतंत्रता सेनानियों के आदर्शों को अपने जीवन में आत्मसात करने तथा देश की प्रगति, सामाजिक समरसता और राष्ट्र की एकता-अखंडता के लिए अपना योगदान देने की अपील की। समारोह पूरे उत्साह और देशभक्ति के वातावरण में संपन्न हुआ।

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