चितरंजन कुमार
चंडी (अपना नालंदा)। प्रखंड मुख्यालय स्थित कार्यशाला भवन में सोमवार को आयोजित पंचायत समिति की बैठक जनप्रतिनिधियों के विरोध और सामूहिक बहिष्कार के कारण शुरू होने से पहले ही स्थगित हो गई। बैठक के लिए निर्धारित समय दोपहर एक बजे के बाद करीब डेढ़ घंटे तक अधिकारियों और उपस्थित जनप्रतिनिधियों ने अन्य सदस्यों के आने का इंतजार किया, लेकिन पर्याप्त संख्या में पंचायत समिति सदस्य और मुखिया बैठक में शामिल नहीं हुए। अंततः कोरम पूरा नहीं होने के कारण प्रखंड प्रमुख पिंकू देवी ने बैठक स्थगित करने की घोषणा कर दी।
प्रखंड प्रमुख के अनुसार, चंडी प्रखंड में कुल 19 पंचायत समिति सदस्य हैं, जिनमें से केवल 7 सदस्य बैठक में पहुंचे। वहीं कुल 13 मुखियाओं में से मात्र एक मुखिया ही बैठक में उपस्थित हुए। निर्धारित संख्या में जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी नहीं होने के कारण पंचायत समिति की बैठक की औपचारिक कार्यवाही शुरू नहीं की जा सकी।
विकास योजनाओं पर होनी थी महत्वपूर्ण चर्चा
पंचायत समिति की बैठक में प्रखंड क्षेत्र के विकास से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा प्रस्तावित थी। इसमें सड़क, नाली, पेयजल, मनरेगा, पंचायतों में विकास योजनाओं के चयन एवं क्रियान्वयन सहित विभिन्न योजनाओं की समीक्षा की जानी थी। इसके अलावा विभागीय योजनाओं की प्रगति, पंचायत स्तर पर आ रही समस्याओं और विकास कार्यों में आ रही अड़चनों पर भी जनप्रतिनिधियों से सुझाव लिए जाने थे।
बैठक स्थगित होने के कारण इन सभी मुद्दों पर चर्चा नहीं हो सकी। योजनाओं के चयन और विकास कार्यों से जुड़े कई प्रस्तावित निर्णय भी फिलहाल टल गए हैं।
दो वर्षों से बैठक नहीं होने का आरोप
बैठक के बहिष्कार को लेकर मुखिया संघ के अध्यक्ष मणिकांत मनीष ने कहा कि पंचायत समिति की बैठक नियमित रूप से आयोजित कराने को लेकर मुखिया संघ की ओर से कई बार आग्रह किया गया, लेकिन इसके बावजूद लंबे समय से बैठक नहीं हो सकी।
उन्होंने आरोप लगाया कि करीब दो वर्षों से पंचायत समिति की बैठक नहीं होने के कारण पंचायतों के कई विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं। जनप्रतिनिधियों का कहना है कि पंचायत स्तर की समस्याओं और योजनाओं पर सामूहिक रूप से चर्चा नहीं होने से विकास कार्यों की प्राथमिकता तय करने में भी परेशानी हो रही है।
11 पंचायत समिति सदस्यों ने किया बहिष्कार का फैसला
मुखिया संघ के अध्यक्ष के अनुसार, बैठक से करीब दो दिन पहले 11 पंचायत समिति सदस्यों ने मुखिया संघ के अध्यक्ष समेत अन्य मुखियाओं से मुलाकात की थी। इस दौरान पंचायत समिति की बैठक नियमित नहीं होने और विकास योजनाओं से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की गई।
इसके बाद 11 पंचायत समिति सदस्यों और 12 मुखियाओं ने सोमवार को आयोजित बैठक में शामिल नहीं होने तथा सामूहिक रूप से इसका बहिष्कार करने का निर्णय लिया। इसी कारण बैठक में निर्धारित संख्या में जनप्रतिनिधि नहीं पहुंच सके और कोरम पूरा नहीं हो पाया।
योजनाओं में कथित मनमानी का मुद्दा भी उठा
बैठक का बहिष्कार करने वाले जनप्रतिनिधियों ने बैठक स्थल से अलग होकर अपने स्तर पर चर्चा की। इस दौरान पंचायत समिति की योजनाओं के चयन और संचालन में कथित मनमानी का आरोप लगाते हुए नाराजगी जताई गई।
जनप्रतिनिधियों ने मांग की कि पंचायत समिति की योजनाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित की जाए, पंचायतों की प्राथमिकता और स्थानीय जरूरतों के आधार पर विकास कार्यों का चयन किया जाए तथा पंचायत समिति की बैठक नियमित अंतराल पर आयोजित की जाए।
जनप्रतिनिधियों का कहना था कि पंचायतों के विकास से जुड़े महत्वपूर्ण फैसलों में निर्वाचित प्रतिनिधियों की सहभागिता और उनकी राय को प्राथमिकता मिलनी चाहिए।
प्रमुख ने कहा- कोरम नहीं था, इसलिए स्थगित हुई बैठक
वहीं, प्रखंड प्रमुख पिंकू देवी ने कहा कि बैठक के लिए निर्धारित समय के बाद भी पर्याप्त संख्या में जनप्रतिनिधि उपस्थित नहीं हुए। नियमानुसार कोरम पूरा नहीं होने के कारण बैठक की कार्यवाही शुरू करना संभव नहीं था। इसी वजह से बैठक स्थगित करनी पड़ी।
उन्होंने उम्मीद जताई कि अगली बैठक में सभी पंचायत समिति सदस्य और मुखिया समय पर उपस्थित होंगे तथा आपसी मतभेदों को दूर कर पंचायतों के विकास से जुड़े मुद्दों पर सकारात्मक चर्चा की जाएगी।
अगली बैठक में मतभेद दूर करना प्रशासन के लिए चुनौती
पंचायत समिति की बैठक का इस तरह स्थगित होना प्रखंड क्षेत्र में जनप्रतिनिधियों के बीच चल रहे मतभेद को उजागर करता है। एक ओर जहां जनप्रतिनिधि लंबे समय से बैठक नहीं होने और योजनाओं में कथित मनमानी का मुद्दा उठा रहे हैं, वहीं दूसरी ओर प्रशासन के सामने अगली बैठक को सफलतापूर्वक आयोजित कराने की चुनौती है।
अब देखना होगा कि प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के बीच संवाद के जरिए विवाद का समाधान किस प्रकार निकाला जाता है और अगली पंचायत समिति की बैठक में विकास योजनाओं पर चर्चा शुरू हो पाती है या नहीं।
चंडी पंचायत समिति बैठक का बहिष्कार, कोरम नहीं पूरा होने से कार्यवाही स्थगित
Written by Sanjay Kumar
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