हरिओम कुमार
हरनौत (अपना नालंदा)। मानसून की नियमित बारिश ने नालंदा जिले के हरनौत प्रखंड में भूजल स्तर को राहत पहुंचाई है। पिछले कुछ दिनों से रुक-रुक कर हो रही वर्षा के कारण इस बार जून-जुलाई में भूजल स्तर में सामान्य वर्षों की तुलना में कम गिरावट दर्ज की गई है। लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग (पीएचईडी) के अनुसार, समय-समय पर हुई बारिश से ग्रामीण क्षेत्रों में जलस्तर संतुलित बना हुआ है और पेयजल संकट की स्थिति उत्पन्न नहीं हुई।
पीएचईडी की कनिय अभियंता सुप्रिया कुमारी ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में सामान्य भूजल स्तर 25 से 30 फीट माना जाता है, जबकि वर्तमान में यह लगभग 32 फीट पर है। कुछ स्थानों पर चापाकलों से पानी का प्रवाह कम जरूर हुआ, लेकिन नल-जल योजना के सुचारु संचालन और समय पर मरम्मत कार्य के कारण लोगों को अधिक परेशानी का सामना नहीं करना पड़ा।
उन्होंने बताया कि बिहारशरीफ पीएचईडी प्रमंडल के अंतर्गत आने वाले 11 प्रखंडों में विशेष चापाकल मरम्मत अभियान चलाकर पीएचईडी और जिला परिषद के माध्यम से लगाए गए 2900 से अधिक आईएम-2 व आईएम-3 सहित सरकारी हैंडपंपों की मरम्मत की गई। हालांकि कई गांवों में सरकारी और निजी चापाकलों की पहचान मुश्किल है, क्योंकि अधिकांश पर विभाग का बोर्ड या लोगो नहीं लगा है।
कनिय अभियंता ने कहा कि यदि आगे भी नियमित बारिश होती रही तो भूजल स्तर में गिरावट की आशंका काफी कम रहेगी। विभाग प्रतिदिन संवेदकों से संपर्क कर जलापूर्ति की स्थिति की समीक्षा कर रहा है। कहीं भी खराबी की सूचना मिलने पर अभियंता और संवेदक तत्काल पहुंचकर समस्या का समाधान कर रहे हैं।
लगातार बारिश से हरनौत में सुधरा भूजल स्तर, 11 प्रखंडों के 2900 से अधिक हैंडपंप हुए दुरुस्त
Written by Sanjay Kumar
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