अखिलेंद्र कुमार
बिहारशरीफ (अपना नालंदा)। प्रधानमंत्री अनुसूचित जाति अभ्युदय योजना के अंतर्गत प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम योजना के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर शुक्रवार को नालंदा समाहरणालय में जिलाधिकारी उदिता सिंह की अध्यक्षता में जिलास्तरीय एकदिवसीय कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यशाला का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया। इसमें जिला एवं प्रखंड स्तरीय अधिकारियों, विकास मित्रों तथा सर्वेक्षण दलों को योजना के तहत सर्वेक्षण, आधारभूत आंकड़ों के संग्रहण और मोबाइल ऐप के माध्यम से ऑनलाइन डाटा अपलोड करने का प्रशिक्षण दिया गया।
जिला कल्याण पदाधिकारी योगेंद्र कुमार ने बताया कि परवलपुर प्रखंड को छोड़कर जिले के 19 प्रखंडों की 77 ग्राम पंचायतों के 102 गांवों का चयन प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम योजना के लिए किया गया है। योजना का उद्देश्य चयनित गांवों का समग्र विकास कर उन्हें सभी आवश्यक आधारभूत सुविधाओं से सुसज्जित करना है। इसके तहत पेयजल, शौचालय, शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण, सामाजिक सुरक्षा, ग्रामीण सड़क, आवास, बिजली, स्ट्रीट लाइट, गैस कनेक्शन, कृषि विकास, सॉयल हेल्थ कार्ड और जल संरक्षण सहित 10 प्रमुख क्षेत्रों में 50 संकेतकों के आधार पर विकास कार्य किए जाएंगे।
उन्होंने बताया कि प्रत्येक चयनित गांव के विकास के लिए 21 लाख रुपये उपलब्ध कराए जाएंगे, जिसमें 20 लाख रुपये विकास कार्यों तथा एक लाख रुपये प्रशासनिक, प्रशिक्षण एवं जागरूकता गतिविधियों पर खर्च होंगे। योजना में 40 प्रतिशत से अधिक अनुसूचित जाति आबादी या कम से कम 500 अनुसूचित जाति की आबादी वाले गांवों को शामिल किया गया है।
जिलाधिकारी उदिता सिंह ने सभी अधिकारियों को निर्देश दिया कि सर्वेक्षण कार्य निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरी पारदर्शिता और गुणवत्ता के साथ पूरा करें, ताकि योजना का लाभ समय पर चयनित गांवों तक पहुंचाया जा सके।
नालंदा के 102 गांव बनेंगे आदर्श ग्राम, पीएम योजना के क्रियान्वयन को लेकर जिलास्तरीय कार्यशाला आयोजित
Written by Sanjay Kumar
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