हरिओम कुमार
हरनौत (अपना नालंदा)। बिहार सरकार की हर घर नल-जल योजना हर घर तक शुद्ध पेयजल पहुंचाने के उद्देश्य से शुरू की गई थी, लेकिन नालंदा जिले के हरनौत प्रखंड के बीरमपुर गांव में यह योजना ग्रामीणों के लिए परेशानी का कारण बन गई है। गांव के करीब 70 से 80 घरों में पिछले कई दिनों से नल-जल योजना का पानी नहीं पहुंच रहा है, जिससे सैकड़ों परिवार भीषण पेयजल संकट का सामना कर रहे हैं।
बुधवार दोपहर ग्रामीण रविशंकर कुमार, रोहित कुमार, रंजीत कुमार, शिवशंकर कुमार, मौली सिंह, रमाकांत सिंह, उषा देवी और प्रमोद महतो समेत अन्य लोगों ने बताया कि लगभग सात वर्ष पूर्व गांव में नल-जल योजना के तहत बोरिंग कराई गई थी, लेकिन आज तक जलमीनार का निर्माण नहीं कराया गया। इसके कारण पूरे गांव में पर्याप्त दबाव से पानी की आपूर्ति नहीं हो पा रही है।
ग्रामीणों का कहना है कि मोटर चालू रहने के बावजूद नियमित रखरखाव के अभाव में व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। बोरिंग के आसपास स्थित कुछ घरों तक ही पानी पहुंचता है, जबकि आधे से अधिक गांव के लोग पानी की एक-एक बूंद के लिए परेशान हैं। इससे पीने, खाना बनाने और अन्य घरेलू कार्यों में भारी कठिनाई हो रही है।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि कई बार जनप्रतिनिधियों और संबंधित अधिकारियों को शिकायत देने के बावजूद अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं किया गया। उन्होंने स्थानीय मुखिया और प्रखंड प्रशासन से अविलंब जलमीनार निर्माण एवं नल-जल योजना को दुरुस्त कर नियमित जलापूर्ति बहाल करने की मांग की है।
इस संबंध में प्रखंड विकास पदाधिकारी डॉ. पंकज कुमार ने कहा कि मामला उनके संज्ञान में है और शीघ्र ही समस्या का समाधान कराया जाएगा। अब ग्रामीणों की नजर प्रशासन के इस आश्वासन पर टिकी है।
बीरमपुर में नल-जल योजना फेल, 80 घरों के सैकड़ों लोग पेयजल संकट से बेहाल
Written by Sanjay Kumar
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