विजय प्रकाश उर्फ पिन्नू
नूरसराय (अपना नालंदा)। नालंदा जिले के औद्योगिक विकास को रविवार को नई गति मिली, जब जनता दल (यूनाइटेड) के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने शांतमणि हैंड पेपर मिल्स एलएलपी की विस्तारित उत्पादन इकाई का विधिवत उद्घाटन किया। इस अवसर पर बिहार सरकार के ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार, नालंदा के सांसद कौशलेंद्र कुमार, जद(यू) के राष्ट्रीय महासचिव एवं पूर्व विधायक इंजीनियर सुनील कुमार, नालंदा की जिलाधिकारी उदिता सिंह (आईएएस) सहित अनेक जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी, उद्योगपति और बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौजूद रहे।
वर्ष 1996 में शांतमणि समूह के चेयरमैन इंजीनियर अनिल कुमार द्वारा स्थापित शांतमणि हैंड पेपर मिल्स ने लगभग तीन दशकों में बिहार के कागज उद्योग में अपनी अलग पहचान बनाई है। अब अत्याधुनिक तकनीक से लैस नई डबल वायर पेपर मशीन के शुरू होने के साथ ही मिल की उत्पादन क्षमता 60 टन प्रतिदिन से बढ़कर सीधे 200 टन प्रतिदिन हो गई है। इस विस्तार को नालंदा ही नहीं, बल्कि पूरे बिहार के औद्योगिक विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।
नई मशीन के माध्यम से कागज की गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार होगा। साथ ही उत्पादन प्रक्रिया पहले की तुलना में अधिक आधुनिक, तेज, ऊर्जा दक्ष और पर्यावरण अनुकूल बनेगी। इससे बाजार की मांग के अनुरूप उच्च गुणवत्ता वाले उत्पादों का निर्माण संभव होगा और राज्य के उद्योग को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान मिलेगी।
समारोह को संबोधित करते हुए शांतमणि समूह के चेयरमैन इंजीनियर अनिल कुमार ने कहा कि वर्ष 1996 में शुरू हुआ उनका छोटा-सा औद्योगिक प्रयास आज आधुनिक तकनीक और गुणवत्ता के बल पर देश के प्रमुख पेपर उद्योगों में अपनी जगह बनाने की ओर अग्रसर है। उन्होंने कहा कि नई डबल वायर मशीन से उत्पादन क्षमता में तीन गुना से अधिक वृद्धि हुई है, वहीं उत्पाद की गुणवत्ता और प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता भी काफी बेहतर होगी।
उन्होंने बताया कि वर्तमान में संस्थान में 300 से अधिक लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार मिल रहा है। विस्तारित इकाई के पूरी क्षमता से संचालन शुरू होने के बाद यह संख्या बढ़कर 500 से अधिक हो जाएगी। इसके अलावा परिवहन, कच्चे माल की आपूर्ति, रखरखाव, पैकेजिंग और अन्य सहायक क्षेत्रों में भी बड़ी संख्या में अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर सृजित होंगे, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को नई मजबूती मिलेगी।
उन्होंने कहा कि शांतमणि समूह का उद्देश्य केवल व्यावसायिक विस्तार नहीं, बल्कि क्षेत्रीय आर्थिक विकास, रोजगार सृजन और पर्यावरण संरक्षण के साथ सतत औद्योगिक विकास को बढ़ावा देना है। भविष्य में भी समूह आधुनिक तकनीक को अपनाकर बिहार को औद्योगिक क्षेत्र में नई पहचान दिलाने के लिए निरंतर कार्य करता रहेगा।
उद्घाटन समारोह में उद्योग जगत के प्रतिनिधियों, व्यापारिक संगठनों, जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों तथा बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिकों ने भाग लिया। सभी ने शांतमणि हैंड पेपर मिल्स के इस विस्तार को नालंदा और बिहार के औद्योगिक विकास के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि बताते हुए इसे रोजगार और आर्थिक प्रगति की नई शुरुआत करार दिया।
नालंदा को मिली औद्योगिक उड़ान, शांतमणि हैंड पेपर मिल्स की क्षमता 60 से बढ़कर 200 टन प्रतिदिन
Written by Sanjay Kumar
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