हरिओम कुमार
हरनौत (अपना नालंदा)। नालंदा जिले के हरनौत नगर पंचायत क्षेत्र में हल्की बारिश भी लोगों के लिए बड़ी परेशानी का कारण बन जाती है। बरसात की शुरुआत होते ही नगर पंचायत की कई प्रमुख सड़कें जलजमाव और कीचड़ की चपेट में आ जाती हैं। खराब जल निकासी व्यवस्था के कारण लोगों का पैदल चलना तो मुश्किल हो ही जाता है, वहीं दोपहिया और चारपहिया वाहनों का परिचालन भी जोखिम भरा हो जाता है।
नगर पंचायत क्षेत्र में जलजमाव की समस्या वर्षों पुरानी है। कई मोहल्लों में स्थिति इतनी गंभीर हो चुकी है कि जल निकासी के लिए स्थायी पंप सेट लगाए गए हैं, जिन्हें प्रतिदिन सरकारी डीजल से चलाकर पानी निकाला जाता है। इसके बावजूद नगर पंचायत की कई महत्वपूर्ण सड़कों पर बारिश के बाद जलभराव की समस्या जस की तस बनी हुई है।
सबसे अधिक परेशानी हरनौत–जलगोबिंदपुर मार्ग पर देखने को मिल रही है। थाना मोड़ से पूर्व दिशा की ओर हल्की बारिश होते ही सड़क पर पानी भर जाता है। सड़क पर जमा पानी के कारण लोग किनारे-किनारे चलने को मजबूर हैं। वहीं बीडीओ सरकारी आवास से दीदी अधिकार केंद्र तक का मार्ग पूरी तरह कीचड़मय हो जाता है, जिससे रोजाना आने-जाने वाले लोगों को काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
यह सड़क क्षेत्र का प्रमुख संपर्क मार्ग है, जिससे प्रतिदिन बड़ी संख्या में ग्रामीण, छात्र-छात्राएं, व्यापारी, सरकारी कर्मी और विभिन्न विभागों के अधिकारी आवागमन करते हैं। लेकिन बारिश के दौरान सड़क पर जलभराव होने से आवागमन बेहद जोखिमपूर्ण हो जाता है। खासकर दोपहिया वाहन चालकों को फिसलने का डर बना रहता है, जिसके कारण वे बेहद धीमी गति से वाहन चलाने को मजबूर हैं। वहीं पैदल चलने वाले लोगों को पानी और कीचड़ के बीच होकर गुजरना पड़ रहा है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क किनारे बने नाले वर्षों से जर्जर हैं और उनकी नियमित सफाई नहीं होने के कारण पानी की निकासी बाधित रहती है। बारिश का पानी निकलने का उचित रास्ता नहीं होने से घंटों बल्कि कई बार दिनों तक सड़क पर जलजमाव बना रहता है। इससे सड़क की गुणवत्ता लगातार खराब हो रही है और जगह-जगह गड्ढे भी बन गए हैं।
ग्रामीणों और स्थानीय नागरिकों ने नगर पंचायत प्रशासन से जल्द स्थायी समाधान की मांग की है। उनका कहना है कि यदि समय रहते जल निकासी की समुचित व्यवस्था नहीं की गई तो बरसात के पूरे मौसम में लोगों को भारी परेशानी झेलनी पड़ेगी। लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि समस्या का शीघ्र समाधान नहीं हुआ तो वे आंदोलन करने को बाध्य होंगे।
स्थानीय लोगों का कहना है कि नगर पंचायत को केवल अस्थायी उपायों के बजाय जल निकासी व्यवस्था को दुरुस्त करने, जर्जर नालों का पुनर्निर्माण कराने और प्रभावित सड़कों की मरम्मत कराने की दिशा में ठोस कदम उठाने चाहिए, ताकि हर बारिश में लोगों को इस समस्या से दो-चार न होना पड़े।
हल्की बारिश में ही डूब जाती हैं हरनौत की सड़कें, जलजमाव और कीचड़ से लोगों का निकलना हुआ मुश्किल
Written by Sanjay Kumar
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