रतनपुरा की बहू ज्योति कुमारी ने रचा इतिहास, BPSC में बनीं ब्लॉक एससी-एसटी कल्याण पदाधिकारी

Written by Sanjay Kumar

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संघर्ष, समर्पण और सफलता की मिसाल बनीं ज्योति कुमारी, क्षेत्र में खुशी की लहर

विजय प्रकाश उर्फ पिन्नू
नालंदा/जहानाबाद (अपना नालंदा)। बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) की 70वीं संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा के अंतिम परिणाम में नालंदा जिले के नूरसराय प्रखंड अंतर्गत रतनपुरा गांव की बहू ज्योति कुमारी ने शानदार सफलता हासिल करते हुए ब्लॉक एससी-एसटी कल्याण पदाधिकारी के पद पर चयनित होकर अपने परिवार, ससुराल, मायके तथा पूरे क्षेत्र का नाम रोशन किया है। उनकी इस उपलब्धि से गांव और आसपास के इलाके में खुशी का माहौल है। लोग उन्हें बधाई देने उनके घर पहुंच रहे हैं।


ज्योति कुमारी मूल रूप से जहानाबाद जिले के निहालपुर गांव की निवासी हैं। विवाह के बाद उनका ससुराल नालंदा जिले के रतनपुरा गांव में है। उनके पति पुरुषोत्तम प्रियदर्शी भारतीय रेलवे में वरिष्ठ गुड्स ट्रेन प्रबंधक के पद पर कार्यरत हैं। ज्योति स्वयं भी अपने लक्ष्य के प्रति पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ वर्षों से तैयारी कर रही थीं। आखिरकार उनकी मेहनत रंग लाई और उन्होंने बीपीएससी जैसी प्रतिष्ठित परीक्षा में सफलता हासिल कर अपने सपनों को साकार कर दिखाया।
ज्योति कुमारी की सफलता के पीछे वर्षों का कठिन परिश्रम, अनुशासित जीवनशैली और अटूट आत्मविश्वास रहा है। उन्होंने सीमित संसाधनों और कई चुनौतियों के बावजूद कभी हार नहीं मानी। कठिन परिस्थितियों में भी निरंतर अध्ययन जारी रखा और अपने लक्ष्य पर पूरी तरह केंद्रित रहीं। परिवार के सदस्यों का सहयोग और प्रोत्साहन भी उनकी सफलता में महत्वपूर्ण रहा।
उनकी उपलब्धि आज उन हजारों युवाओं, विशेषकर ग्रामीण क्षेत्रों की बेटियों के लिए प्रेरणा बन गई है जो प्रशासनिक सेवाओं में जाकर समाज की सेवा करना चाहती हैं। ज्योति कुमारी ने यह साबित कर दिया है कि यदि लक्ष्य स्पष्ट हो और प्रयास ईमानदारी से किए जाएं तो किसी भी मंजिल को हासिल किया जा सकता है।
ज्योति कुमारी के चयन की खबर मिलते ही परिवार में जश्न का माहौल बन गया। परिजनों, मित्रों, शुभचिंतकों और ग्रामीणों ने मिठाइयां बांटकर अपनी खुशी व्यक्त की। लोगों ने विश्वास जताया कि ज्योति एक संवेदनशील, कर्मठ और जनहितैषी अधिकारी के रूप में समाज के वंचित, गरीब और कमजोर वर्गों के कल्याण के लिए महत्वपूर्ण कार्य करेंगी।
उनकी इस सफलता पर अरुण प्रसाद, माधुरी कुमारी, नीरज प्रियदर्शी सहित अनेक सामाजिक एवं शैक्षणिक क्षेत्र से जुड़े लोगों ने उन्हें बधाई देते हुए उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दी हैं। ग्रामीणों ने कहा कि ज्योति की उपलब्धि पूरे क्षेत्र के लिए गर्व का विषय है और इससे अन्य युवाओं को भी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए प्रेरणा मिलेगी।
ज्योति कुमारी की यह सफलता केवल एक परीक्षा में मिली उपलब्धि नहीं है, बल्कि संघर्ष, मेहनत, धैर्य और सेवा-भाव की ऐसी प्रेरक कहानी है जो आने वाली पीढ़ियों को अपने सपनों को साकार करने का साहस देती रहेगी।

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