तीस दिन में समस्या समाधान नहीं तो अधिकारी निलंबित, मुख्यमंत्री का बड़ा ऐलान

Written by Sanjay Kumar

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जेपी चौधरी
पटना (अपना नालंदा)। सम्राट चौधरी ने मंगलवार को सारण जिले के सोनपुर प्रखंड स्थित डुमरी बुजुर्ग पंचायत में “सबका सम्मान-जीवन आसान” अभियान के तहत आयोजित “सहयोग शिविर” का दीप प्रज्ज्वलित कर विधिवत शुभारंभ किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने जनसमस्याओं के त्वरित समाधान को लेकर बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि सहयोग शिविर में प्राप्त आवेदनों का 30 दिनों के भीतर निष्पादन हर हाल में करना होगा। यदि 30वें दिन तक आदेश जारी नहीं होता है तो 31वें दिन संबंधित अधिकारी स्वतः निलंबित माने जाएंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार आम लोगों को सरकारी कार्यालयों के चक्कर से मुक्ति दिलाने के उद्देश्य से यह पहल शुरू कर रही है। अब प्रत्येक माह के प्रथम और तृतीय मंगलवार को बिहार के सभी पंचायतों में सहयोग शिविर लगाए जाएंगे, जहां विभिन्न विभागों से संबंधित शिकायतों और आवेदनों का त्वरित समाधान किया जाएगा। उन्होंने बताया कि 11 मई को ही “सहयोग पोर्टल” और हेल्पलाइन नंबर 1100 जारी किया गया था, जिसके माध्यम से लोग सीधे अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आवेदन मिलने के 10वें दिन संबंधित अधिकारी को पहला नोटिस, 20वें दिन दूसरा और 25वें दिन तीसरा नोटिस मुख्यमंत्री सचिवालय की ओर से जारी किया जाएगा। बावजूद इसके यदि समय सीमा के भीतर निष्पादन नहीं होता है तो दोषी अधिकारियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई होगी। उन्होंने स्पष्ट कहा कि “अटकाने और भटकाने वाले अधिकारियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।”
उन्होंने कहा कि सहयोग शिविर सरकार और जनता के बीच सीधा संवाद स्थापित करने का माध्यम बनेगा। चाहे ग्रामीण इलाकों की समस्या हो या शहरी क्षेत्र की, हर शिकायत का समाधान समयबद्ध तरीके से किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार जनता के हितों को ध्यान में रखकर योजनाएं बना रही है और उनका उद्देश्य अंतिम व्यक्ति तक सरकारी लाभ पहुंचाना है।
सोनपुर क्षेत्र के विकास का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कई बड़ी घोषणाएं भी कीं। उन्होंने कहा कि पटना के जे०पी० गंगा पथ की तर्ज पर सोनपुर में “गंगा-अंबिका पथ” का निर्माण कराया जाएगा। इसके साथ ही सोनपुर क्षेत्र को नोएडा की तर्ज पर विकसित करने की दिशा में सरकार काम करेगी। उन्होंने बताया कि यहां एयरपोर्ट और बाबा हरिहरनाथ के नाम पर नया टाउनशिप भी विकसित किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि टाउनशिप निर्माण के दौरान किसी की जमीन अधिग्रहित होती है और संबंधित परिवार आर्थिक परेशानी में है या बेटी की शादी जैसी जरूरत है, तो उन्हें चार गुना मुआवजा राशि दी जाएगी। इसके लिए जिलाधिकारी को आवेदन देना होगा।
उन्होंने बिहार में आधारभूत संरचना के तेजी से हो रहे विकास का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में गांव-गांव तक सड़क, बिजली और पेयजल पहुंचाया गया है। अब रोजगार और उद्योग के क्षेत्र में भी तेजी से काम किया जा रहा है ताकि युवाओं को राज्य में ही रोजगार मिल सके।
महिलाओं की आर्थिक भागीदारी का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि जीविका स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाएं अब लाखों करोड़ का कारोबार कर रही हैं। सरकार महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए हर स्तर पर प्रयास कर रही है।
शिक्षा के क्षेत्र में भी सरकार की योजनाओं का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि जिन 211 प्रखंडों में डिग्री कॉलेज नहीं हैं, वहां इस वर्ष जुलाई से पढ़ाई शुरू कर दी जाएगी। साथ ही प्रत्येक प्रखंड में मॉडल स्कूल के रूप में सरस्वती विद्या निकेतन स्थापित कर गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित की जाएगी।
स्वास्थ्य व्यवस्था पर मुख्यमंत्री ने कहा कि सामान्य रोगियों को जिला या अनुमंडल अस्पताल से अनावश्यक रेफर करने की पुरानी व्यवस्था 15 अगस्त तक समाप्त करनी होगी। यदि सामान्य मरीजों को रेफर किया गया तो संबंधित सिविल सर्जन के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने लाभुकों के बीच बासगीत पर्चा, राशन कार्ड, जन्म प्रमाण पत्र, वृद्धजन पेंशन योजना का लाभ और स्वच्छ भारत मिशन के तहत प्रोत्साहन राशि के सांकेतिक चेक भी वितरित किए।
इस अवसर पर वैभव श्रीवास्तव, सांसद जनार्दन सिंह सिग्रीवाल, विधायक विनय कुमार सिंह सहित कई जनप्रतिनिधि, अधिकारी और बड़ी संख्या में आम लोग उपस्थित रहे।

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