संजय कुमार/अखिलेंद्र कुमार
बिहारशरीफ (अपना नालंदा)।नालंदा जिले के ऐतिहासिक एवं धार्मिक नगरी राजगीर में रविवार को मलमास मेला-2026 का भव्य शुभारंभ हुआ। उद्घाटन अवसर पर बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने ब्रह्मकुंड परिसर में वैदिक मंत्रोच्चार के बीच पूजा-अर्चना की और महाआरती में शामिल होकर मेले की विधिवत शुरुआत की। यज्ञशाला परिसर में प्रमुख संतों के साथ ध्वजारोहण भी किया गया। इस दौरान जगतगुरु रामानुजाचार्य स्वामी बासुदेवाचार्य श्री भास्कर समेत कई संत-महात्मा उपस्थित रहे।

उद्घाटन के बाद मुख्यमंत्री ने मेले में आने वाले लाखों श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधाओं की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने प्रशासनिक अधिकारियों से भीड़ प्रबंधन, सुरक्षा व्यवस्था, पेयजल, आवासन, भोजन, स्वास्थ्य सेवाओं और यातायात व्यवस्था की जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी नहीं होनी चाहिए और सभी व्यवस्थाएं बेहतर तरीके से संचालित हों।
मुख्यमंत्री ने ब्रह्मकुंड के समीप नव नालंदा सेवा भारतीय नालंदा द्वारा आयोजित निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर का उद्घाटन भी किया। उन्होंने चिकित्सकों और स्वास्थ्यकर्मियों से श्रद्धालुओं की सेवा भाव से सहायता करने की अपील की।
मलमास मेले में आने वाले श्रद्धालुओं के ठहरने के लिए स्टेट गेस्ट हाउस में तैयार आवासन स्थल का भी उद्घाटन किया गया। इसके साथ ही श्रद्धालुओं को सस्ती दर पर शुद्ध भोजन उपलब्ध कराने के उद्देश्य से “दीदी की रसोई” का शुभारंभ किया गया। यहां आने वाले श्रद्धालुओं के लिए स्वच्छ और पौष्टिक भोजन की व्यवस्था की गई है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मलमास मेला केवल बिहार ही नहीं बल्कि पूरे देश की आस्था का केंद्र है। धार्मिक मान्यता के अनुसार मलमास के दौरान 33 कोटी देवी-देवताओं का निवास राजगीर में माना जाता है। इसी कारण देशभर से श्रद्धालु यहां पहुंचते हैं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी श्रद्धालु यहां से अच्छी यादें लेकर जाएं और उन्हें किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।

उन्होंने प्रशासन को विशेष रूप से भीड़ नियंत्रण और असामाजिक तत्वों पर नजर रखने का निर्देश दिया। साथ ही श्रद्धालुओं के सुगम आवागमन और ट्रैफिक व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने पर भी जोर दिया।
राजगीर भ्रमण के दौरान मुख्यमंत्री ने जू सफारी और नेचर सफारी का भी निरीक्षण किया। उन्होंने जू सफारी के विभिन्न हिस्सों का जायजा लिया और नियंत्रण कक्ष में जाकर वन्यजीवों की गतिविधियों की निगरानी व्यवस्था देखी। व्याख्या केंद्र में प्रदर्शित दुर्लभ वन्यजीव प्रजातियों की प्रदर्शनी का अवलोकन किया।

इस दौरान उन्होंने 180 डिग्री थिएटर में प्रदर्शित एनिमेशन फिल्म “द वाइल्ड कॉल” देखी। यह फिल्म भारत की जैव विविधता, वन्यजीवों के जीवन और जलवायु परिवर्तन जैसे महत्वपूर्ण विषयों को दर्शाती है। फिल्म में भारतीय हाथी, ग्रेट इंडियन बस्टर्ड समेत 23 प्रकार के वन्यजीवों को दिखाया गया है। राजगीर जू सफारी की इस फिल्म को 16वें दादा साहेब फाल्के फिल्म फेस्टिवल में बेस्ट एनिमेशन श्रेणी में “सर्टिफिकेट ऑफ एक्सिलेंस” से सम्मानित किया गया, जिसका प्रमाणपत्र मुख्यमंत्री को सौंपा गया।
मुख्यमंत्री ने नेचर सफारी के ग्लास ब्रिज का भी भ्रमण किया और पहाड़ियों की प्राकृतिक सुंदरता का आनंद लिया। सफारी वाहन से भ्रमण के दौरान उन्होंने शेर, बाघ और अन्य वन्यजीवों को करीब से देखा। वन्यजीव अस्पताल पहुंचकर वहां उपलब्ध चिकित्सा सुविधाओं की जानकारी ली तथा सिंह शावक का नामकरण “लक्ष्मी” किया।
उन्होंने कहा कि राजगीर की नेचर सफारी और जू सफारी राज्य के पर्यटन को नई पहचान दे रही हैं। यहां आने वाले पर्यटकों की सुविधाओं और वन्यजीवों के बेहतर संरक्षण पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है ताकि यह स्थान देश-दुनिया के पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र बना रहे।
इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी, ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार, पर्यटन मंत्री केदार प्रसाद गुप्ता, सांसद कौशलेंद्र कुमार, विधायक कौशल किशोर, मुख्यमंत्री के सचिव संजय कुमार सिंह, विशेष कार्य पदाधिकारी डॉ. गोपाल सिंह, पटना प्रमंडल के आयुक्त मयंक वरवड़े, पुलिस महानिरीक्षक जितेंद्र राणा, नालंदा जिलाधिकारी कुंदन कुमार, पुलिस अधीक्षक संकेत कुमार सहित कई वरीय अधिकारी मौजूद रहे।







