अजीत कुमार
जहानाबाद (अपना नालंदा)। जिले में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने एवं विद्यालयों की नियमित मॉनिटरिंग को लेकर जिला प्रशासन लगातार सक्रिय नजर आ रहा है। जिला पदाधिकारी के निर्देशानुसार जिला शिक्षा अधिकारी सरस्वती कुमारी द्वारा जिले के विभिन्न विद्यालयों का लगातार औचक निरीक्षण किया जा रहा है, ताकि शैक्षणिक व्यवस्था में पारदर्शिता एवं अनुशासन बनाए रखा जा सके।
इसी क्रम में गुरुवार को जिला शिक्षा अधिकारी ने जहानाबाद के विभिन्न सरकारी विद्यालयों का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान विद्यालयों में शैक्षणिक गतिविधियों, छात्रों की उपस्थिति, शिक्षकों की कार्यशैली, मध्याह्न भोजन व्यवस्था, साफ-सफाई, पठन-पाठन की गुणवत्ता तथा विद्यालय प्रबंधन से संबंधित कई महत्वपूर्ण बिंदुओं की गहन जांच की गई।
निरीक्षण के दौरान कुछ विद्यालयों में अनियमितताएँ भी पाई गईं, जिस पर जिला शिक्षा अधिकारी ने नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने संबंधित शिक्षकों एवं कर्मियों को फटकार लगाते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए तथा व्यवस्था में तत्काल सुधार सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि शिक्षा व्यवस्था में लापरवाही किसी भी परिस्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
हालांकि कई विद्यालयों में शिक्षकों द्वारा बेहतर शैक्षणिक कार्य एवं अनुशासित वातावरण बनाए रखने की भी सराहना की गई। जिला शिक्षा अधिकारी ने कहा कि जो शिक्षक ईमानदारी एवं समर्पण के साथ गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने का कार्य कर रहे हैं, उन्हें भविष्य में सम्मानित भी किया जाएगा, ताकि अन्य शिक्षकों को भी बेहतर कार्य करने की प्रेरणा मिल सके।
उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता है कि सरकारी विद्यालयों में बच्चों को बेहतर शिक्षा उपलब्ध कराई जाए और इसके लिए लगातार निगरानी की जा रही है। विद्यालयों में शिक्षा की गुणवत्ता से किसी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।
वहीं शिक्षा विभाग की कार्रवाई को लेकर स्थानीय लोगों एवं अभिभावकों के बीच यह चर्चा भी रही कि जिस प्रकार सरकारी विद्यालयों का औचक निरीक्षण किया जा रहा है, उसी प्रकार निजी विद्यालयों में भी नियमित जांच अभियान चलाया जाना चाहिए। लोगों का कहना है कि निजी स्कूलों में फीस, अनुशासन, शिक्षण व्यवस्था एवं अन्य गतिविधियों की भी समय-समय पर जांच आवश्यक है, ताकि शिक्षा व्यवस्था में संतुलन और पारदर्शिता बनी रहे।
अभिभावकों ने उम्मीद जताई कि जिला शिक्षा विभाग सरकारी विद्यालयों के साथ-साथ निजी विद्यालयों पर भी प्रभावी निगरानी रखेगा, जिससे जिले में शिक्षा का समग्र स्तर और बेहतर हो सके।







