राजगीर में पुरुषोत्तम मास महोत्सव का भव्य आयोजन, एक माह तक गूंजेगी भक्ति, सत्संग और कबीर वाणी

Written by Sanjay Kumar

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बिहारशरीफ (अपना नालंदा)।आस्था, अध्यात्म और सनातन संस्कृति की पावन भूमि राजगीर एक बार फिर भक्ति और साधना के महाकुंभ का साक्षी बनने जा रही है। पुरुषोत्तम मास के शुभ अवसर पर राजगीर के निचली बाजार स्थित कबीरपंथी आश्रम में 17 मई से 15 जून 2026 तक एक माह तक चलने वाले “पुरुषोत्तम मास महोत्सव” का आयोजन किया जाएगा। इस आध्यात्मिक आयोजन में देश के विभिन्न राज्यों से संत-महात्मा, कथावाचक, योगाचार्य और हजारों श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है। आयोजन को लेकर आश्रम परिसर में व्यापक तैयारियां अंतिम चरण में पहुंच चुकी हैं।
आयोजन समिति के अनुसार पुरुषोत्तम मास को सनातन परंपरा में अत्यंत पुण्यदायी और आध्यात्मिक उन्नति का विशेष काल माना जाता है। मान्यता है कि इस मास में भगवान विष्णु की आराधना, कथा-श्रवण, दान, तप, सत्संग और सेवा करने से विशेष फल प्राप्त होता है। इसी उद्देश्य से कबीरपंथी आश्रम द्वारा पूरे एक माह तक धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों की श्रृंखला आयोजित की जा रही है, जिसमें श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक ज्ञान के साथ भारतीय संस्कृति और मानव सेवा का संदेश दिया जाएगा।


महोत्सव के दौरान प्रतिदिन दिव्य भक्त चरित्र कथा, श्रीमद्भागवत कथा, श्री कबीर चरितामृत कथा, संत प्रवचन, भजन संध्या, योग शिविर और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। पूरे आश्रम परिसर को आकर्षक ढंग से सजाया जा रहा है। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए बैठने, ठहरने, पेयजल, प्रसाद वितरण और सुरक्षा की विशेष व्यवस्था की जा रही है। आयोजकों का कहना है कि इस बार बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है, इसलिए सभी तैयारियां व्यवस्थित तरीके से की जा रही हैं।
आचार्य महंत ब्रजेश मुनि जी महाराज ने बताया कि यह महोत्सव केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि समाज में प्रेम, सद्भाव, सेवा और आध्यात्मिक चेतना फैलाने का माध्यम है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में लोग तनाव, भागदौड़ और भौतिक जीवन में उलझते जा रहे हैं। ऐसे में सत्संग, भजन और आध्यात्मिक कार्यक्रम मनुष्य को मानसिक शांति और सकारात्मक ऊर्जा प्रदान करते हैं। पुरुषोत्तम मास आत्मशुद्धि, प्रभु भक्ति और सत्संग का श्रेष्ठ अवसर है, इसलिए इस अवधि में अधिक से अधिक लोगों को धर्म और सेवा से जुड़ना चाहिए।
महोत्सव में देश के प्रसिद्ध संत और कथावाचक भी श्रद्धालुओं को संबोधित करेंगे। कार्यक्रम के प्रथम चरण में 17 मई से 22 मई तक प्रसिद्ध गीतकार एवं योग विशेषज्ञ पूज्य श्री हृदय नारायण जी महाराज प्रवचन देंगे। वे योग, स्वास्थ्य और आध्यात्मिक जीवन पर विशेष मार्गदर्शन करेंगे। उनके प्रवचनों में मानव जीवन के मूल्यों, भारतीय संस्कृति और सकारात्मक सोच पर विशेष चर्चा की जाएगी।
इसके बाद 23 मई से 29 मई तक महाराष्ट्र के युवा प्रेरणास्रोत अंतरराष्ट्रीय कथावाचक युवाचार्य श्री विवेक दास जी महाराज द्वारा श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ का आयोजन किया जाएगा। कथा के माध्यम से भगवान श्रीकृष्ण के जीवन, धर्म, कर्म और भक्ति के संदेश को श्रद्धालुओं तक पहुंचाया जाएगा। आयोजकों के अनुसार विवेक दास जी महाराज की कथा शैली युवाओं और श्रद्धालुओं के बीच काफी लोकप्रिय है और उनके कार्यक्रमों में बड़ी संख्या में लोग शामिल होते हैं।
महोत्सव के अंतिम चरण में 30 मई से 15 जून तक कबीरपंथी संत परंपरा के विद्वान आचार्य महंत ब्रजेश मुनि जी महाराज श्रद्धालुओं को कबीर वाणी, सत्संग और आध्यात्मिक संदेश से प्रेरित करेंगे। इस दौरान संत कबीर के विचारों, मानवता, भाईचारे और सामाजिक समरसता के संदेश को विस्तार से बताया जाएगा। साथ ही समाज में फैली कुरीतियों और नकारात्मक प्रवृत्तियों से दूर रहने की प्रेरणा भी दी जाएगी।
आश्रम परिसर में प्रतिदिन सुबह छह बजे योग एवं स्वास्थ्य साधना सत्र का आयोजन होगा, जिसमें श्रद्धालुओं को योगाभ्यास और स्वास्थ्य संबंधी जानकारी दी जाएगी। सुबह नौ बजे जलपान प्रसाद तथा 11 बजे महाप्रसाद वितरण किया जाएगा। दोपहर तीन बजे से कथा-सत्संग प्रारंभ होगा, जबकि शाम छह बजे से भजन संध्या एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। रात नौ बजे श्रद्धालुओं के लिए भोजन प्रसाद की व्यवस्था रहेगी। आयोजकों ने बताया कि पूरे पुरुषोत्तम मास में निःशुल्क अन्नक्षेत्र सेवा निरंतर चलती रहेगी, जिसमें सभी श्रद्धालुओं को भोजन कराया जाएगा।
राजगीर ऐतिहासिक, धार्मिक और आध्यात्मिक दृष्टि से सदियों से महत्वपूर्ण केंद्र रहा है। भगवान बुद्ध और भगवान महावीर की तपोभूमि रहे इस पवित्र नगर में हर वर्ष लाखों श्रद्धालु पहुंचते हैं। ऐसे में पुरुषोत्तम मास महोत्सव के आयोजन से राजगीर में धार्मिक वातावरण और अधिक भक्तिमय हो जाएगा। स्थानीय लोगों का मानना है कि इस प्रकार के आयोजनों से न केवल आध्यात्मिक चेतना का प्रसार होता है, बल्कि पर्यटन और स्थानीय व्यवसाय को भी बढ़ावा मिलता है।
कबीरपंथी आश्रम राजगीर परिवार ने देशभर के श्रद्धालुओं से परिवार सहित महोत्सव में शामिल होने की अपील की है। आयोजकों का कहना है कि यह महोत्सव लोगों को धर्म, सेवा, संस्कृति और मानवता के मार्ग पर आगे बढ़ने की प्रेरणा देगा। पूरे एक माह तक चलने वाले इस आध्यात्मिक आयोजन में श्रद्धालु भक्ति, सत्संग और संतों के सान्निध्य का लाभ उठा सकेंगे।

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