हसनपुर में ताला तोड़कर घर में कराया गया प्रवेश, पति का मोबाइल लगातार बंद रहने से उठे सवाल
बिहारशरीफ (अपना नालंदा)। राजगीर प्रखंड के हसनपुर गांव निवासी एवं हाजीपुर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में कार्यरत एएनएम मालती देवी (56 वर्ष) की इलाज के दौरान रांची में मौत हो गई। बुधवार की सुबह जब उनकी पुत्री अदिति कुमारी और दामाद साहिल राज शव लेकर पैतृक गांव हसनपुर पहुंचे तो घर में ताला बंद मिला। काफी देर तक इंतजार और संपर्क की कोशिश के बावजूद घर का दरवाजा नहीं खुला तथा मृतका के पति राम विनय प्रसाद से भी संपर्क नहीं हो सका। बाद में ग्रामीणों और पुलिस की मौजूदगी में घर का ताला तोड़कर प्रवेश कराया गया।
घटना के बाद पूरे गांव में शोक और चर्चा का माहौल बना हुआ है। ग्रामीणों के अनुसार मालती देवी लंबे समय से डिमेंशिया बीमारी से पीड़ित थीं और उनका इलाज रांची में चल रहा था। इलाज के दौरान ही उनकी तबीयत अचानक बिगड़ गई, जिसके बाद उनकी मौत हो गई। मौत की खबर मिलने के बाद परिवार में कोहराम मच गया।
मृतका की पुत्री अदिति कुमारी और उनके पति साहिल राज ने बताया कि मां का इलाज रांची में कराया जा रहा था। इलाज के दौरान निधन होने के बाद वे शव लेकर हसनपुर गांव पहुंचे, लेकिन घर बंद मिला। उन्होंने बताया कि घटना के बाद मृतका के पति राम विनय प्रसाद से संपर्क करने का कई बार प्रयास किया गया, लेकिन उनका मोबाइल लगातार स्विच ऑफ बता रहा था। यहां तक कि रांची के लेबर भूतिया क्षेत्र स्थित उनके आवास पर भी संपर्क की कोशिश की गई, लेकिन वहां भी उनका कोई पता नहीं चल सका।
बताया जाता है कि राम विनय प्रसाद कृषि विभाग में कार्यरत हैं। गांव के लोगों के अनुसार पिछले कुछ समय से पति-पत्नी के संबंध सामान्य नहीं थे। ग्रामीणों का कहना है कि दोनों के बीच पारिवारिक विवाद की स्थिति बनी रहती थी। इसी कारण घटना के बाद पति के गांव नहीं पहुंचने को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं।
पुत्री अदिति कुमारी की शादी नूरसराय प्रखंड के धर्मपुर गांव निवासी साहिल राज से हुई है। उनका एक पुत्र अयांश राज भी है। परिजनों ने बताया कि अदिति अपने पिता से सीधे संपर्क में कम रहती थीं और अधिकतर बातचीत उनके मौसेरे भाई राजू के माध्यम से होती थी।
घटना की सूचना मिलने के बाद स्थानीय ग्रामीण और पुलिस मौके पर पहुंचे। काफी प्रयास के बाद भी जब घर नहीं खुला और राम विनय प्रसाद से संपर्क नहीं हो सका, तब ग्रामीणों और पुलिस की उपस्थिति में घर का ताला तोड़कर अंदर प्रवेश किया गया।
इधर मालती देवी का अंतिम संस्कार फतुहा में किया गया, जहां उनकी पुत्री अदिति कुमारी ने अपनी मां को मुखाग्नि दी। अंतिम संस्कार के दौरान परिवार और रिश्तेदारों की आंखें नम दिखीं। गांव के लोगों ने बताया कि मालती देवी स्वभाव से मिलनसार थीं और स्वास्थ्य विभाग में अपनी जिम्मेदारियों का ईमानदारी से निर्वहन करती थीं।
घटना के बाद पूरे गांव में शोक का माहौल है। वहीं पत्नी के निधन के बाद भी पति के गांव नहीं पहुंचने और संपर्क से बाहर रहने को लेकर लोगों के बीच कई तरह की चर्चाएं जारी हैं।







