आलेख: -जेपी चौधरी
पश्चिम बंगाल में नई सरकार के गठन के बाद मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी की अध्यक्षता में पहली कैबिनेट बैठक आयोजित की गई, जिसमें सुशासन, सुरक्षा, पारदर्शिता और विकास को लेकर कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में अब “डबल इंजन सरकार” के माध्यम से विकास की नई यात्रा शुरू हो चुकी है, जो देश के अन्य भाजपा शासित राज्यों की तर्ज पर आगे बढ़ेगी।
मुख्यमंत्री ने संविधान निर्माता डॉ. भीमराव आंबेडकर के “For the People, By the People, Of the People” के सिद्धांतों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा कि सरकार जनता के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देगी।
कैबिनेट बैठक में सबसे पहले हाल ही में संपन्न विधानसभा चुनाव को लेकर चर्चा हुई। सरकार की ओर से राज्य के मतदाताओं, प्रशासनिक अधिकारियों और चुनाव प्रक्रिया से जुड़े सभी लोगों को धन्यवाद दिया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि लंबे समय बाद पश्चिम बंगाल में भयमुक्त, हिंसामुक्त और निष्पक्ष चुनाव संपन्न हुए हैं।

बैठक में भाजपा के 321 दिवंगत कार्यकर्ताओं को श्रद्धांजलि अर्पित की गई। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि राजनीतिक हिंसा में शामिल लोगों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी और शहीद कार्यकर्ताओं के परिवारों को हरसंभव सहायता दी जाएगी।
सीमा सुरक्षा को लेकर भी सरकार ने बड़ा निर्णय लिया है। कैबिनेट ने सीमा सुरक्षा बल को आवश्यक भूमि हस्तांतरित करने की प्रक्रिया को मंजूरी दे दी है। मुख्य सचिव और भूमि एवं भूमि सुधार विभाग को 45 दिनों के भीतर प्रक्रिया पूरी करने का निर्देश दिया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा के साथ कोई समझौता नहीं किया जाएगा।

स्वास्थ्य क्षेत्र में बड़ा फैसला लेते हुए पश्चिम बंगाल सरकार ने आधिकारिक रूप से आयुष्मान भारत योजना से जुड़ने की घोषणा की। इसके साथ ही प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना, प्रधानमंत्री कृषक बीमा योजना, पीएम श्री, विश्वकर्मा योजना, बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ और उज्ज्वला योजना जैसी कई केंद्रीय योजनाओं को राज्य में सक्रिय रूप से लागू करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। जिला प्रशासन को निर्देश दिया गया है कि पात्र लोगों के आवेदन शीघ्र संबंधित मंत्रालयों तक भेजे जाएं।
प्रशासनिक सुधारों के तहत राज्य के आईएएस अधिकारियों को केंद्रीय प्रशिक्षण कार्यक्रमों में भाग लेने का निर्देश दिया गया है। वहीं, राज्य में भारतीय न्याय संहिता के प्रावधानों को पूरी तरह लागू करने का भी निर्णय लिया गया है।
युवाओं को राहत देते हुए सरकारी नौकरियों में आवेदन की अधिकतम आयु सीमा पांच वर्ष बढ़ाने की घोषणा की गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि इससे लाखों शिक्षित युवाओं को रोजगार के बेहतर अवसर मिलेंगे।
मुख्यमंत्री ने यह भी आरोप लगाया कि पूर्ववर्ती सरकार ने केंद्र सरकार के कई निर्देशों की अनदेखी की थी। उन्होंने कहा कि लंबित जनगणना संबंधी प्रशासनिक निर्देशों को तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है।
बैठक के अंत में मुख्यमंत्री ने कहा, “यह सरकार अहंकार से नहीं, सिद्धांतों से चलेगी।” उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के “Bhoy Out, Bharosa In” संदेश का उल्लेख करते हुए कहा कि नई सरकार राज्य में सुरक्षा, विश्वास और विकास का नया वातावरण तैयार करेगी।
प्रथम कैबिनेट बैठक के बाद मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी की महत्वपूर्ण घोषणाएं






