आरसीपी सिंह ने प्रगति आईकॉनिक क्लासेस में बेटियों की शिक्षा के प्रयास को सराहा, विद्यार्थियों को दिया सफलता का मंत्र
संजय कुमार
बिहारशरीफ (अपना नालंदा)। शिक्षा के क्षेत्र में लगभग 32 वर्षों से लगातार सक्रिय रहकर विद्यार्थियों को सफलता की ऊंचाइयों तक पहुंचाने वाली असिस्टेंट प्रोफेसर प्रगति आनंद आज भी अपने मिशन के साथ पूरी लगन और समर्पण के साथ काम कर रही हैं। उनका स्पष्ट सपना है कि कोई भी लड़की आर्थिक अभाव के कारण शिक्षा से वंचित न रहे और हर बेटी पढ़-लिखकर जीवन में ऊंचा मुकाम हासिल करे। इसी उद्देश्य को लेकर वे वर्षों से छात्र-छात्राओं को मार्गदर्शन देती आ रही हैं।
प्रगति आनंद वर्तमान में बिहारशरीफ के कांटा पर स्थित आनंद कुंज परिसर, श्री कृष्णा पैलेस के पीछे अपने संस्थान प्रगति आईकॉनिक क्लासेस का संचालन कर रही हैं। वर्ष 2022 से संचालित इस संस्थान में छात्र-छात्राओं को विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कराई जा रही है। उन्होंने बताया कि शिक्षा को समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के उद्देश्य से वे पूरी निष्ठा के साथ इस मिशन में जुड़ी हुई हैं।
प्रगति आनंद ने बताया कि उन्होंने करीब सात वर्षों तक मालती बीएड कॉलेज में असिस्टेंट प्रोफेसर के रूप में अध्यापन का कार्य किया। इस दौरान और उसके बाद अब तक उनके मार्गदर्शन में पढ़े लगभग डेढ़ हजार से अधिक छात्र-छात्राएं विभिन्न सरकारी विद्यालयों में शिक्षक के रूप में कार्यरत हैं। इसके अलावा उनके कई छात्र-छात्राएं बीपीएससी, बैंक पीओ समेत विभिन्न सरकारी सेवाओं में चयनित होकर अपने परिवार और संस्थान का नाम रोशन कर रहे हैं।

इसी क्रम में पूर्व केंद्रीय इस्पात मंत्री एवं पूर्व वरिष्ठ भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारी रामचंद्र प्रसाद सिंह उर्फ आरसीपी सिंह भी हाल ही में प्रगति आईकॉनिक क्लासेस पहुंचे। उन्होंने संस्थान की गतिविधियों और यहां संचालित पढ़ाई की व्यवस्था के बारे में विस्तार से जानकारी ली। इस अवसर पर प्रगति आनंद ने उन्हें अपने मिशन के बारे में बताया कि उनका लक्ष्य है कि आर्थिक रूप से कमजोर परिवार की बेटियां भी उच्च शिक्षा प्राप्त कर आगे बढ़ सकें।
आरसीपी सिंह ने प्रगति आनंद के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि यदि किसी के मन में सच्ची लगन और दृढ़ संकल्प हो तो मंजिल दूर नहीं रहती। उन्होंने अपने प्रशासनिक अनुभव साझा करते हुए प्रगति आनंद और उनकी टीम को शिक्षा के क्षेत्र में बेहतर कार्य करने के लिए कई महत्वपूर्ण सुझाव भी दिए।

इसके पूर्व संस्थान पहुंचने पर आरसीपी सिंह को प्रगति आनंद ने माला तथा शाल ओढ़ाकर सम्मानित किया।
प्रगति आनंद ने बताया कि उनके संस्थान में ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से कक्षाएं संचालित की जाती हैं। यहां संघ लोक सेवा आयोग, बिहार लोक सेवा आयोग, दरोगा, कर्मचारी चयन आयोग, रेलवे सहित अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कराई जाती है। इसके साथ ही शिक्षण से जुड़ी परीक्षाओं जैसे बीपीएससी शिक्षक भर्ती, सीटेट, स्टेट, यूजीसी नेट आदि की भी विशेष तैयारी कराई जाती है। सामान्य ज्ञान, सामान्य अध्ययन, समसामयिक घटनाएं, गणित और रीजनिंग के साथ-साथ कक्षा एक से बारहवीं तक की एनसीईआरटी आधारित पढ़ाई भी कराई जाती है।
उन्होंने बताया कि प्रगति डोर स्टेप एजुकेशन कार्यक्रम के तहत रीजनिंग के साथ आठवीं से बारहवीं तक की एनसीईआरटी आधारित पढ़ाई कराई जाती है।छात्राओं की शिक्षा को विशेष प्राथमिकता दी जा रही है। इसके अंतर्गत एक वर्ष तक सभी लड़कियों को निशुल्क शिक्षा देने का निर्णय लिया गया है ताकि आर्थिक कठिनाइयों के कारण कोई भी बेटी पढ़ाई से वंचित न रह जाए।
प्रगति आनंद ने कहा कि उन्हें सबसे अधिक खुशी तब मिलती है जब उनके छात्र-छात्राएं मेहनत के बल पर उच्च पदों तक पहुंचते हैं और समाज में अपनी पहचान बनाते हैं।
इस अवसर पर डॉ. विपिन कुमार यादव, संजय कुमार सिन्हा, खुशबू सिन्हा, सुलेखा कुमारी, विपिन कुमार, बबलू गुप्ता, श्रवण शर्मा, रवि नंदन प्रसाद सिन्हा, अरविंद कुमार सिन्हा, गौरव पंडित, चिंटू साव सहित कई गणमान्य लोग मौजूद थे।







