संजय कुमार
बिहारशरीफ (अपना नालंदा)। नालंदा जिले के बिहारशरीफ स्थित कर्पूरी भवन में भारतीय स्वतंत्र शिक्षण संघ द्वारा निजी विद्यालयों की सत्रांत सभा सह नौवां समागम भव्य रूप से आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में नालंदा समेत राज्य के विभिन्न जिलों से आए निजी विद्यालयों के संचालक, प्राचार्य, शिक्षक और प्रतिनिधियों ने बड़ी संख्या में भाग लिया। कार्यक्रम का उद्घाटन संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष भारत मानस, संरक्षिका श्रीमती रेखा भारती, संरक्षक डॉ. शशिभूषण कुमार, राष्ट्रीय महासचिव डॉ. संतोष कुमार शर्मा, प्रदेश सचिव राजकुमार, प्रदेश उपाध्यक्ष श्रीपति नारायण, गया जिला सचिव विनोद कुमार मेहरवार, नालंदा जिलाध्यक्ष मोहम्मद जाहिद अनवर तथा जिला उपाध्यक्ष धर्मेंद्र कुमार ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया। कार्यक्रम की शुरुआत राष्ट्रगान के साथ हुई।
इस अवसर पर सभी अतिथियों का स्वागत माल्यार्पण कर पुष्पगुच्छ, स्मृति चिन्ह, पौधा एवं अंगवस्त्र भेंट कर सम्मानित करते हुए किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य निजी विद्यालयों से जुड़ी समस्याओं पर व्यापक चर्चा करना और उनके समाधान की दिशा में ठोस पहल करना था।

सत्रांत सभा के दौरान विभिन्न जिलों से आए प्रतिनिधियों ने अपने-अपने क्षेत्रों की समस्याओं और अनुभवों को साझा किया। वक्ताओं ने कहा कि बिहार में लगभग 30 हजार निजी विद्यालय संचालित हैं, लेकिन कई जिलों के शिक्षा विभाग के पास इन विद्यालयों का सही और अद्यतन आंकड़ा तक उपलब्ध नहीं है। इसके साथ ही यह भी कहा गया कि शिक्षा विभाग समय-समय पर नए आदेश जारी करता है, लेकिन निजी विद्यालयों की वास्तविक परिस्थितियों को समझने का गंभीर प्रयास नहीं किया जाता, जिससे विद्यालय संचालकों और शिक्षकों को प्रशासनिक दबाव और आर्थिक समस्याओं का सामना करना पड़ता है।
बैठक में आरटीई (शिक्षा का अधिकार) के तहत मिलने वाली प्रतिपूर्ति राशि को लेकर भी गंभीर चिंता व्यक्त की गई। संघ के पदाधिकारियों ने बताया कि वर्ष 2019-20 से कई विद्यालयों को अब तक प्रतिपूर्ति राशि नहीं मिल पाई है। नालंदा जिले में लगभग 600 विद्यालयों ने आरटीई से संबंधित डाटा अपलोड किया था, लेकिन अब तक केवल 167 विद्यालयों की ही प्रक्रिया आगे बढ़ पाई है।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राष्ट्रीय अध्यक्ष भारत मानस ने कहा कि कोरोना महामारी और लॉकडाउन के बाद निजी विद्यालयों के लिए कठिन दौर चल रहा है। उन्होंने कहा कि इस स्थिति से उबरने के लिए निजी विद्यालयों को संगठित होकर सरकार और प्रशासन तक अपनी बात पहुंचानी होगी। उन्होंने नालंदा की ऐतिहासिक शैक्षणिक परंपरा का उल्लेख करते हुए कहा कि यह ज्ञान की भूमि है और यहां आयोजित यह सभा निजी विद्यालयों की समस्याओं के समाधान की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है।
कार्यक्रम में राष्ट्रीय महासचिव डॉ. संतोष कुमार शर्मा, प्रदेश सचिव राजकुमार, प्रदेश उपाध्यक्ष श्रीपति नारायण, पटना जिला कार्यकारिणी सदस्य उदय राय, गया जिला सचिव विनोद मेहरवार, कोषाध्यक्ष संतोष कुमार, उपसचिव उदय भास्कर, कार्यक्रम कार्यकारिणी सदस्य निताय कुमार, संयुक्त सचिव विमलेश कुमार, गया जिले के फतेहपुर प्रखंड अध्यक्ष रामावतार प्रसाद, मुजफ्फरपुर से राजनाथ झा तथा मुंगेर से सुमन कल्याण ने भी अपने विचार व्यक्त किए।

समारोह के दौरान उत्कृष्ट शिक्षक पुरस्कार से कई शिक्षकों को सम्मानित किया गया। इसमें नालंदा जिले से रंजीत कुमार, अरविंद प्रसाद, अखिलेश प्रसाद, अमित कुमार, विकास कुमार, धर्मेंद्र कुमार, मोहम्मद जाहिद अनवर, विभास कुमार, अरुण कुमार, दीनदयाल सिंह, शिवजी मिश्र, सुजीत शेखर, कुंदन कुमार, विनय कुमार, ओमप्रकाश कुमार, प्रमोद कुमार, तरुण कुमार सोनी, रुदल प्रसाद सिंह, उमेश प्रसाद उमेश, मुकेश कुमार, राजीव कुमार, अकेला कर, जयकिशोर प्रसाद, सत्येंद्र कुमार सिंह, जितेंद्र कुमार, राजन कुमार, रविराज, पीयूष कुमार, सुजीत कुमार, विकास कुमार, प्रसिद्ध नारायण, सोनू कुमार सक्सेना, निशिकांत कुमार, आशीष कुमार, स्मित बब्बर, सौरभ कुमार रंजन, टिंकू पाठक, बेचू सिंह पटेल, प्रमोद कुमार, मुन्ना प्रसाद, अभिषेक कुमार और अर्जुन कुमार सहित अनेक शिक्षकों को सम्मानित किया गया।
इस कार्यक्रम में नालंदा जिले के लगभग 500 विद्यालयों के प्रतिनिधियों के साथ-साथ मुजफ्फरपुर, गया, मुंगेर सहित विभिन्न जिलों से आए सैकड़ों शिक्षकों और विद्यालय संचालकों ने भाग लेकर इसे सफल बनाया। कार्यक्रम का समापन संघ की संरक्षिका श्रीमती रेखा भारती के धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ।






