अजीत कुमार
जहानाबाद (अपना नालंदा)। राष्ट्रीय एवं बिहार राज्य विधिक सेवा प्राधिकार के निर्देशानुसार शनिवार, 12 सितंबर 2026 को जिला विधिक सेवा प्राधिकार, जहानाबाद के तत्वावधान में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया। लोक अदालत के माध्यम से विभिन्न प्रकार के लंबित एवं समझौता योग्य मामलों के त्वरित निष्पादन की पहल की गई। कार्यक्रम का उद्देश्य आम लोगों को सरल, सुलभ एवं कम खर्च में न्याय उपलब्ध कराना तथा आपसी सहमति के आधार पर मामलों का समाधान सुनिश्चित करना रहा।
राष्ट्रीय लोक अदालत के अवसर पर उद्घाटन समारोह का आयोजन व्यवहार न्यायालय परिसर स्थित विधिक सेवा सदन में किया गया। कार्यक्रम में न्यायिक पदाधिकारियों, जिला प्रशासन, पुलिस एवं विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने भाग लिया। इस दौरान लोगों को लोक अदालत की उपयोगिता, इसके माध्यम से विवादों के शीघ्र समाधान तथा समझौते के आधार पर मामलों के निपटारे से होने वाले लाभों के बारे में जानकारी दी गई।
इस बार राष्ट्रीय लोक अदालत में एकमुश्त यातायात चालान निपटान योजना-2026 पर विशेष जोर दिया गया। योजना के तहत लंबित यातायात चालानों के निपटारे के लिए लोगों को विशेष सुविधा उपलब्ध कराई गई। विभागीय निर्देशों के अनुरूप शमन राशि में निर्धारित छूट का लाभ देते हुए लंबित चालानों का त्वरित निष्पादन करने की व्यवस्था की गई। इससे बड़ी संख्या में वाहन चालकों को अपने लंबित यातायात मामलों का सरल तरीके से समाधान कराने का अवसर मिला।
लोक अदालत के मुख्य कार्यक्रम अब्दुल बारी नगर भवन एवं व्यवहार न्यायालय परिसर में आयोजित किए गए। यहां विभिन्न मामलों के निपटारे के लिए संबंधित पक्षकारों एवं अधिकारियों की उपस्थिति में सुनवाई एवं समझौते की प्रक्रिया संचालित की गई। लोक अदालत की विशेषता यह रही कि इसमें पक्षकारों को लंबी न्यायिक प्रक्रिया से राहत दिलाने के उद्देश्य से आपसी सहमति और समझौते के आधार पर मामलों का समाधान कराया गया।
कार्यक्रम में जिला प्रशासन एवं पुलिस प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों की भी सक्रिय भागीदारी रही। अपर पुलिस अधीक्षक मनोज कुमार पांडे तथा जिला परिवहन पदाधिकारी सहित संबंधित विभागों के पदाधिकारी मौजूद रहे। अधिकारियों ने लोक अदालत की प्रक्रिया को सुचारु रूप से संचालित कराने में सहयोग किया तथा यातायात चालान से संबंधित मामलों के त्वरित निष्पादन की व्यवस्था का जायजा लिया।

वहीं न्यायिक पदाधिकारियों में प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश-सह-अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकार तथा सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकार की उपस्थिति प्रमुख रही। न्यायिक अधिकारियों ने लोक अदालत के उद्देश्यों और इसके महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि लोक अदालत विवादों के शांतिपूर्ण एवं आपसी सहमति से समाधान का प्रभावी माध्यम है। इसके जरिए पक्षकारों को समय और धन दोनों की बचत होती है तथा उन्हें लंबे समय तक चलने वाली न्यायिक प्रक्रिया से भी राहत मिलती है।
राष्ट्रीय लोक अदालत में विभिन्न विभागों से संबंधित समझौता योग्य मामलों को प्राथमिकता के साथ लिया गया। पक्षकारों को अपने मामलों के समाधान के लिए संबंधित पीठ के समक्ष उपस्थित होने का अवसर दिया गया। अधिकारियों एवं विधिक सेवा प्राधिकार से जुड़े कर्मियों द्वारा लोगों को आवश्यक जानकारी एवं मार्गदर्शन भी उपलब्ध कराया गया।
लोक अदालत का आयोजन न्याय तक आम लोगों की पहुंच को आसान बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। विशेष रूप से यातायात चालानों के एकमुश्त निपटान की व्यवस्था से लोगों को लंबित मामलों के समाधान का अवसर मिला। इससे न केवल न्यायालयों में लंबित मामलों का बोझ कम करने में मदद मिलती है, बल्कि आम नागरिकों को भी त्वरित एवं सुलभ न्याय उपलब्ध कराने का उद्देश्य पूरा होता है।
जिला विधिक सेवा प्राधिकार की ओर से लोगों से अपील की गई कि वे लोक अदालत की सुविधा का लाभ उठाएं और समझौता योग्य मामलों को आपसी सहमति से समाप्त कराने की दिशा में आगे आएं। लोक अदालत के माध्यम से विवादों का समाधान होने से दोनों पक्षों के बीच अनावश्यक विवाद और तनाव समाप्त करने में भी मदद मिलती है।







