चितरंजन कुमार
चंडी (अपना नालंदा)। विज्ञान, प्रावैधिकी एवं तकनीकी शिक्षा विभाग, बिहार सरकार तथा राष्ट्रीय विज्ञान संग्रहालय परिषद, संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार की संयुक्त पहल के तहत संचालित ‘भ्रमणशील विज्ञान प्रदर्शनी बस’ (Mobile Science Exhibition Bus) का सोमवार को नालंदा कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग, चंडी में भव्य स्वागत किया गया। कार्यक्रम के दौरान कॉलेज परिसर में विज्ञान एवं तकनीकी शिक्षा को लेकर उत्साह का माहौल देखने को मिला। इसके बाद संस्थान के प्राचार्य प्रो. (डॉ.) गोपाल नंदन ने हरी झंडी दिखाकर विज्ञान प्रदर्शनी बस को निर्धारित विद्यालयों के भ्रमण के लिए रवाना किया।
इस पहल का मुख्य उद्देश्य विज्ञान को केवल किताबों और कक्षा की पढ़ाई तक सीमित रखने के बजाय उसे व्यावहारिक, रोचक और प्रयोग आधारित तरीके से स्कूली विद्यार्थियों तक पहुंचाना है। विज्ञान प्रदर्शनी बस अपने निर्धारित भ्रमण कार्यक्रम के तहत क्षेत्र के विभिन्न सरकारी विद्यालयों में पहुंचेगी और वहां छात्र-छात्राओं को विज्ञान के अलग-अलग विषयों से संबंधित मॉडल, प्रयोग एवं प्रदर्शन के माध्यम से जानकारी उपलब्ध कराएगी।

स्कूलों तक पहुंचेगी विज्ञान की चलती-फिरती प्रयोगशाला
संस्थान के नोडल समन्वयक डॉ. धनंजय सिंह ने बताया कि इस अभियान के अंतर्गत विज्ञान प्रदर्शनी बस क्षेत्र के विभिन्न निर्धारित सरकारी विद्यालयों का भ्रमण करेगी। विद्यालयों में पहुंचने के बाद विद्यार्थियों को बस में स्थापित विभिन्न वैज्ञानिक मॉडलों एवं प्रयोगों के बारे में जानकारी दी जाएगी।
उन्होंने बताया कि इस तरह के कार्यक्रमों से विद्यार्थियों को विज्ञान के सिद्धांतों को देखने, समझने और प्रयोग के माध्यम से सीखने का अवसर मिलेगा। इससे बच्चों में विज्ञान के प्रति रुचि बढ़ने के साथ-साथ उनके अंदर सवाल पूछने, नई चीजों को जानने और वैज्ञानिक तरीके से सोचने की प्रवृत्ति को भी प्रोत्साहन मिलेगा।
वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित करना उद्देश्य
भ्रमणशील विज्ञान प्रदर्शनी बस में विज्ञान से जुड़े विभिन्न मॉडल एवं प्रयोग स्थापित किए गए हैं। इनका प्रदर्शन स्कूली विद्यार्थियों के लिए विशेष रूप से तैयार किया गया है, ताकि जटिल वैज्ञानिक अवधारणाओं को भी सरल और मनोरंजक तरीके से समझाया जा सके।

आयोजकों के अनुसार, विद्यार्थियों को जब विज्ञान के सिद्धांतों को वास्तविक मॉडल और प्रयोगों के माध्यम से समझने का अवसर मिलता है तो विषय के प्रति उनकी जिज्ञासा और रुचि और अधिक बढ़ती है। इसी उद्देश्य से विज्ञान प्रदर्शनी बस को विद्यालयों तक पहुंचाने की पहल की गई है।
इस अभियान से खासकर ग्रामीण एवं सरकारी विद्यालयों के उन विद्यार्थियों को लाभ मिलने की उम्मीद है, जिन्हें हर समय आधुनिक विज्ञान प्रयोगशालाओं और वैज्ञानिक उपकरणों तक पहुंच नहीं मिल पाती है। बस के माध्यम से विज्ञान से जुड़े मॉडल और प्रयोग सीधे विद्यालयों तक पहुंचेंगे।

फ्लैग-ऑफ कार्यक्रम में जुटे छात्र-छात्राएं
विज्ञान प्रदर्शनी बस को हरी झंडी दिखाने के दौरान नालंदा कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग के प्राध्यापक, कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। विद्यार्थियों ने विज्ञान प्रदर्शनी बस को लेकर उत्सुकता दिखाई और इसके उद्देश्य एवं कार्यप्रणाली के बारे में जानकारी प्राप्त की।
कॉलेज परिसर से बस के रवाना होने के साथ ही क्षेत्र के विभिन्न विद्यालयों में विज्ञान आधारित गतिविधियों के आयोजन का मार्ग प्रशस्त हुआ। इस पहल से स्कूली विद्यार्थियों को विज्ञान की दुनिया को करीब से समझने और उसके व्यावहारिक पक्ष से रूबरू होने का अवसर मिलेगा।
कार्यक्रम के माध्यम से यह संदेश भी दिया गया कि विज्ञान केवल पाठ्यपुस्तकों का विषय नहीं, बल्कि दैनिक जीवन और समाज के विकास से जुड़ा व्यावहारिक ज्ञान है। भ्रमणशील विज्ञान प्रदर्शनी बस इसी सोच को विद्यालय स्तर तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।







