मुलुकरानी देवी की 22वीं पुण्यतिथि पर उमड़ा श्रद्धा का सैलाब, बीबीएम महाविद्यालय में शिक्षकों व कर्मियों का हुआ सम्मान

Written by Sanjay Kumar

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अजीत कुमार
जहानाबाद (अपना नालंदा)। ओकरी स्थित बीबीएम महाविद्यालय की संस्थापिका परम आदरणीय मुलुकरानी देवी की 22वीं पुण्यतिथि श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाई गई। इस अवसर पर महाविद्यालय परिसर में धार्मिक अनुष्ठान, श्रद्धांजलि एवं शिक्षक सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए और संस्थापिका की स्मृति में उनके चरणों में पुष्प अर्पित कर उन्हें नमन किया।
मुलुकरानी देवी एक ग्रामीण महिला थीं, लेकिन शिक्षा को लेकर उनकी सोच और दूरदृष्टि असाधारण थी। उनके मन में ग्रामीण एवं सुदूर क्षेत्र के बच्चों, विशेषकर बेटियों को उच्च शिक्षा उपलब्ध कराने का सपना था। इसी सोच को उनके बड़े पुत्र स्वर्गीय सांसद डॉ. महेंद्र प्रसाद उर्फ किंग महेंद्र ने साकार रूप दिया और ओकरी जैसे ग्रामीण क्षेत्र में बीबीएम महाविद्यालय की स्थापना कर शिक्षा के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण पहल की।
डॉ. महेंद्र प्रसाद उर्फ किंग महेंद्र एरिस्टो फार्मा कंपनी के चेयरमैन भी रहे। उन्होंने अपनी माता के सपने को मूर्त रूप देते हुए ऐसे क्षेत्र में महाविद्यालय स्थापित किया, जहां उच्च शिक्षा की सुविधाएं सीमित थीं। खासकर छात्राओं को कॉलेज की पढ़ाई के लिए दूर-दराज के क्षेत्रों में जाना पड़ता था, जिसके कारण अनेक बेटियां उच्च शिक्षा से वंचित रह जाती थीं। बीबीएम महाविद्यालय की स्थापना के बाद क्षेत्र की छात्राओं के लिए उच्च शिक्षा का रास्ता आसान हुआ।


कार्यक्रम की शुरुआत धार्मिक अनुष्ठान के साथ हुई। इसके बाद उपस्थित अतिथियों, शिक्षकों, कर्मचारियों एवं गणमान्य लोगों ने मुलुकरानी देवी की प्रतिमा/स्मृति स्थल पर पुष्पांजलि अर्पित की। लोगों ने उनके चरणों में श्रद्धा निवेदित करते हुए उनके आदर्शों और शिक्षा के प्रति समर्पण से प्रेरणा लेने का संकल्प लिया।
किंग महेंद्र के बाद भोला बाबू संभाल रहे जिम्मेदारी
डॉ. महेंद्र प्रसाद उर्फ किंग महेंद्र के निधन के बाद महाविद्यालय एवं अन्य संस्थागत जिम्मेदारियां उनके छोटे भाई श्री उमेश शर्मा उर्फ भोला बाबू के कंधों पर आईं। वे एरिस्टो फार्मा के एमडी के रूप में कंपनी की जिम्मेदारी संभालने के साथ-साथ महाविद्यालय के विकास में भी सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।
भोला बाबू ने महाविद्यालय को और विस्तृत करते हुए शिक्षा को रोजगार से जोड़ने पर विशेष जोर दिया है। पारंपरिक शिक्षा के साथ-साथ छात्र-छात्राओं को तकनीकी एवं व्यावहारिक प्रशिक्षण उपलब्ध कराने की दिशा में भी कार्य किया जा रहा है। विभिन्न स्थानों पर तकनीकी शिक्षा से संबंधित शाखाओं की स्थापना की गई है, जहां युवाओं को सिलाई-कढ़ाई, मोबाइल रिपेयरिंग, कंप्यूटर संचालन सहित विभिन्न तकनीकी प्रशिक्षण दिए जाने की व्यवस्था की गई है।
इस पहल का उद्देश्य विद्यार्थियों को केवल डिग्री तक सीमित न रखते हुए उन्हें रोजगारपरक शिक्षा उपलब्ध कराना है, ताकि वे प्रशिक्षण प्राप्त कर जल्द से जल्द अपने पैरों पर खड़े हो सकें और आत्मनिर्भर बन सकें।
बिहार के विभिन्न हिस्सों से पहुंचे लोग
मुलुकरानी देवी की पुण्यतिथि के अवसर पर ओकरी में श्रद्धालुओं और शुभचिंतकों की बड़ी भीड़ जुटी। जहानाबाद के अलावा बिहार के विभिन्न क्षेत्रों से लोग कार्यक्रम में पहुंचे और संस्थापिका को श्रद्धांजलि अर्पित की। उपस्थित लोगों में विभिन्न राजनीतिक दलों से जुड़े नेता एवं कार्यकर्ता, सामाजिक कार्यकर्ता, शिक्षाविद, बुद्धिजीवी, शिक्षक, कर्मचारी और ग्रामीण शामिल रहे। कार्यक्रम में मीडिया प्रतिनिधियों की भी मौजूदगी रही।
शिक्षक सम्मान समारोह में शिक्षकों व कर्मियों को सम्मान
पुण्यतिथि कार्यक्रम के साथ शिक्षक सम्मान समारोह का भी आयोजन किया गया। शिक्षक दिवस के अवसर पर बीबीएम महाविद्यालय के सभी शिक्षकों एवं कर्मचारियों को सम्मानित किया गया। सम्मान प्राप्त करने वाले शिक्षकों एवं कर्मचारियों में खासा उत्साह देखने को मिला।
कार्यक्रम में मौजूद अतिथियों ने कहा कि शिक्षकों का समाज निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान है। शिक्षक विद्यार्थियों को शिक्षा देने के साथ उनके व्यक्तित्व एवं भविष्य के निर्माण में भी अहम भूमिका निभाते हैं। महाविद्यालय के शिक्षकों एवं कर्मचारियों की मेहनत और संस्थान के प्रति समर्पण की भी सराहना की गई।
गणमान्य अतिथियों ने अर्पित की श्रद्धांजलि
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में कुलसचिव विनोद कुमार मंगलम उपस्थित रहे। वहीं आगंतुक अतिथि के रूप में पूर्व मंत्री अभिराम शर्मा ने कार्यक्रम में शिरकत की। इसके अलावा प्रो. डॉ. अंजनी कुमार, हिसुआ, प्रो. डॉ. कुमकुम कुमारी सहित कई वरिष्ठ शिक्षाविद एवं गणमान्य लोग मौजूद रहे।
कार्यक्रम की अध्यक्षता सचिव शैलेंद्र कुमार ने की। प्रो. सत्येंद्र कुमार, प्रभारी प्रधानाचार्य, बीबीएम महाविद्यालय ओकरी, जहानाबाद सहित महाविद्यालय के शिक्षक एवं कर्मचारी कार्यक्रम को सफल बनाने में सक्रिय रहे। आयोजन को सफल बनाने में टूना बाबू की भी महत्वपूर्ण भूमिका रही।
मंच पर उपस्थित सभी गणमान्य अतिथियों ने मुलुकरानी देवी के चरणों में पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। मुख्य अतिथि ने कहा कि मुलुकरानी देवी के चरणों का दर्शन एवं उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित करना उनके लिए सौभाग्य की बात है। उन्होंने शिक्षा के क्षेत्र में उनके परिवार द्वारा किए जा रहे कार्यों की सराहना की।
कार्यक्रम के दौरान लोगों ने कहा कि मुलुकरानी देवी की शिक्षा के प्रति सोच आज भी बीबीएम महाविद्यालय के माध्यम से जीवंत है। डॉ. महेंद्र प्रसाद उर्फ किंग महेंद्र ने जिस सपने को साकार किया, उसे आगे बढ़ाने में भोला बाबू द्वारा किए जा रहे प्रयास भी सराहनीय हैं।
पुण्यतिथि समारोह ने एक बार फिर यह संदेश दिया कि ग्रामीण क्षेत्र में शिक्षा का विस्तार केवल विद्यार्थियों के भविष्य को बदलता ही नहीं, बल्कि पूरे समाज के विकास की नींव मजबूत करता है। उपस्थित लोगों ने मुलुकरानी देवी की पुण्य स्मृति को नमन करते हुए उन्हें कोटि-कोटि श्रद्धांजलि अर्पित की।

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