चितरंजन कुमार
पटना (अपना नालंदा)। कबीरपंथी आश्रम, मीठापुर के महंथ ब्रजेश मुनि जी महाराज ने बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव में जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर की जीत का स्वागत करते हुए इसे बिहार में सामाजिक समरसता, विकास और सकारात्मक राजनीति के पक्ष में मिला जनादेश बताया है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में जनता का फैसला सर्वोपरि होता है और सभी राजनीतिक दलों को जनमत का सम्मान करना चाहिए। उन्होंने बांकीपुर की जनता को इस निर्णय के लिए बधाई देते हुए इसे राज्य की बदलती राजनीतिक सोच का संकेत बताया।
महंथ ब्रजेश मुनि ने प्रधानमंत्री को एक विस्तृत पत्र भेजकर बिहार के समग्र विकास के लिए प्रशांत किशोर को राज्य का मुख्य सलाहकार नियुक्त करने की मांग की है। उन्होंने अपने पत्र में कहा कि बिहार आज शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, उद्योग, कृषि, आधारभूत संरचना, सुशासन और पलायन जैसी अनेक गंभीर चुनौतियों से जूझ रहा है। इन समस्याओं के स्थायी समाधान के लिए दूरदर्शी सोच, प्रभावी प्रशासनिक रणनीति और जनहित आधारित नीति निर्माण की आवश्यकता है।

उन्होंने कहा कि प्रशांत किशोर लंबे समय से विकास, सुशासन और प्रशासनिक सुधार के मुद्दों को प्रमुखता से उठाते रहे हैं। उनका मानना है कि यदि उन्हें बिहार के विकास से जुड़ी नीतियों के निर्माण और क्रियान्वयन में महत्वपूर्ण भूमिका दी जाती है, तो राज्य में शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, कृषि, उद्योग और प्रशासनिक व्यवस्था में सकारात्मक परिवर्तन देखने को मिल सकता है। उन्होंने कहा कि योग्य व्यक्तियों को जिम्मेदारी देने से राज्य की विकास गति तेज होगी और जनता का सरकार पर विश्वास भी मजबूत होगा।
महंथ ब्रजेश मुनि ने अपने पत्र में यह भी उल्लेख किया कि बिहार सदियों से ज्ञान, संस्कृति और सामाजिक समरसता की भूमि रहा है। लेकिन वर्तमान समय में जातीय और धार्मिक आधार पर समाज को विभाजित करने की प्रवृत्ति बढ़ी है, जिससे विकास की प्रक्रिया प्रभावित हुई है। उन्होंने कहा कि राज्य में योग्यता, क्षमता और ईमानदारी के आधार पर निर्णय लेने की परंपरा को मजबूत करना समय की आवश्यकता है।
उन्होंने आरोप लगाया कि भ्रष्टाचार, पक्षपात और राजनीतिक हस्तक्षेप के कारण कई बार योग्य एवं ईमानदार लोगों की उपेक्षा कर अयोग्य व्यक्तियों को महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां सौंप दी जाती हैं। ऐसी व्यवस्था राज्य के विकास में सबसे बड़ी बाधा बनती जा रही है, इसलिए इसमें व्यापक सुधार की आवश्यकता है।
महंथ ब्रजेश मुनि ने प्रधानमंत्री से आग्रह किया कि बिहार के भविष्य और राज्य के सर्वांगीण विकास को ध्यान में रखते हुए उनकी इस मांग पर गंभीरता से विचार किया जाए। उन्होंने कहा कि यदि केंद्र सरकार समय रहते विकास को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए ठोस और प्रभावी कदम नहीं उठाती है, तो इसका राजनीतिक प्रभाव आगामी चुनावों में भी देखने को मिल सकता है।
उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि विकास, सुशासन और सामाजिक सद्भाव को केंद्र में रखकर बनाई गई नीतियां बिहार को नई दिशा देंगी। अंत में उन्होंने कहा कि बिहार को आगे बढ़ाने के लिए व्यापक राजनीतिक इच्छाशक्ति, दूरदर्शी नेतृत्व और जनहित को सर्वोच्च प्राथमिकता देने वाली सोच की आवश्यकता है, जिससे राज्य विकास और समृद्धि के नए आयाम स्थापित कर सके।







