बाघ बचाने की मुहिम तेज, राजगीर जू सफारी में हुआ बड़ा आयोजन और सम्मान समारोह

Written by Sanjay Kumar

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अखिलेंद्र कुमार
बिहारशरीफ (अपना नालंदा)। विश्व बाघ दिवस 2026 के अवसर पर राजगीर जू सफारी में वन्यजीव संरक्षण, पर्यावरण जागरूकता और वैज्ञानिक सहयोग को बढ़ावा देने के उद्देश्य से भव्य कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि क्षेत्रीय मुख्य वन संरक्षक (आरसीसीएफ) पटना डॉ. नेसामणि के तथा विशिष्ट अतिथि बिहार वेटेरिनरी कॉलेज, पटना के डीन डॉ. पल्लव शेखर रहे। इस अवसर पर वन्यजीव संरक्षण से जुड़े कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए और विद्यार्थियों को संरक्षण के प्रति जागरूक करने के लिए विभिन्न गतिविधियों का आयोजन किया गया।


कार्यक्रम का सबसे महत्वपूर्ण आकर्षण बिहार वेटेरिनरी कॉलेज, पटना एवं राजगीर जू सफारी के बीच समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर रहा। डॉ. पल्लव शेखर एवं राजगीर जू सफारी के निदेशक राम सुन्दर एम ने डॉ. नेसामणि के की उपस्थिति में एमओयू पर हस्ताक्षर किए। इस समझौते के तहत वन्यजीव चिकित्सा, स्वास्थ्य प्रबंधन, अनुसंधान, वेटेरिनरी छात्रों की इंटर्नशिप, प्रशिक्षण, प्रयोगशाला सहयोग, ज्ञान आदान-प्रदान तथा क्षमता विकास के क्षेत्र में दोनों संस्थान मिलकर कार्य करेंगे। अधिकारियों ने इसे बिहार में वन्यजीव संरक्षण और वैज्ञानिक अनुसंधान को नई दिशा देने वाला महत्वपूर्ण कदम बताया।
विश्व बाघ दिवस के अवसर पर राजगीर के विभिन्न विद्यालयों के लगभग 480 विद्यार्थियों के बीच चित्रकला एवं प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता आयोजित की गई। प्रतियोगिता का उद्देश्य बच्चों और युवाओं में बाघ संरक्षण, जैव विविधता तथा पर्यावरण के प्रति जागरूकता विकसित करना था। विजेता छात्र-छात्राओं को मुख्य अतिथि डॉ. नेसामणि के ने पुरस्कार एवं प्रशस्ति-पत्र देकर सम्मानित किया।


अपने संबोधन में डॉ. नेसामणि के ने कहा कि बाघ केवल भारत की राष्ट्रीय धरोहर नहीं, बल्कि स्वस्थ वन पारिस्थितिकी तंत्र के प्रमुख संकेतक हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से प्रकृति और वन्यजीव संरक्षण को जन-आंदोलन बनाने तथा पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाने का आह्वान किया। इस दौरान उन्होंने राजगीर जू सफारी परिसर में स्थापित नए एटीएम का भी विधिवत उद्घाटन किया।
बिहार वेटेरिनरी कॉलेज के डीन डॉ. पल्लव शेखर ने कहा कि यह एमओयू वन्यजीवों के बेहतर उपचार, अनुसंधान, प्रशिक्षण और संरक्षण के क्षेत्र में मील का पत्थर साबित होगा। वहीं, राजगीर जू सफारी के निदेशक राम सुन्दर एम ने कहा कि विश्व बाघ दिवस प्रकृति संरक्षण के प्रति सामूहिक संकल्प को मजबूत करने का अवसर है। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों की बड़ी भागीदारी पर्यावरण के प्रति बढ़ती जागरूकता का सकारात्मक संकेत है और भविष्य में भी जू सफारी संरक्षण, शिक्षा एवं जन-जागरूकता से जुड़े ऐसे कार्यक्रम नियमित रूप से आयोजित करता रहेगा।
कार्यक्रम में नालंदा वन प्रमंडल के वन प्रमंडल पदाधिकारी राजकुमार एम, बिहार वेटेरिनरी कॉलेज के विभागाध्यक्ष डॉ. अजित कुमार, डॉ. संजय भारती, जू सफारी के पशुचिकित्सा पदाधिकारी डॉ. संजीत कुमार एवं डॉ. अमित कुमार, सहायक वन संरक्षक सिम्मी प्रियनैना, अजय कुमार, वन क्षेत्र पदाधिकारी सूरज कुमार एवं शिवम सिन्हा सहित जू सफारी के अधिकारी-कर्मचारी, विभिन्न विद्यालयों के शिक्षक तथा बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। कार्यक्रम का समापन वन्यजीव संरक्षण एवं पर्यावरण सुरक्षा के सामूहिक संकल्प के साथ हुआ।

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