हरनौत में मॉडल स्‍कूल का शुभारंभ,छात्रों को स्मार्ट क्लास, डिजिटल बोर्ड,आधुनिक विज्ञान लैब,बेहतर फर्नीचर और समृद्ध पुस्तकालय जैसी सुविधाएं उपलब्ध

Written by Sanjay Kumar

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हरिओम कुमार

हरनौत(अपना नालंदा)।नालंदा जिले के हरनौत प्रखण्ड में सरस्वती विद्या निकेतन (मॉडल स्‍कूल) का शुभारंभ रविवार से किया गया।उदघाट्न समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में जिला भू-अर्जन पदाधिकारी डॉ साकेत सुमन सौरभ,विशिष्ट अतिथि के रूप में गोनावां पंचायत के मुखिया अमरेश उपाध्याय व पोआरी पंचायत के मुखिया प्रतिनिधि बरे पासवान, प्रचार्य अनिल कुमार,जदयू नेता रामटहल साव सहित ने फीता काटकर संयुक्त रुप से किया।इस दौरान छात्र-छात्राओं में गजब का उत्साह दिखा।वहीं विशिष्ट अतिथि अमरेश उपाध्याय ने कहा कि मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी द्वारा राज्यभर के 551 मॉडल स्‍कूल शुभारम्भ किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य आयोजन बेगूसराय में हुआ,जहां से मुख्यमंत्री इस योजना की शुरुआत की।उन्होंने ने कहा कि इस विद्यालय को ‘सरस्वती विद्या निकेतन’ की तर्ज पर विकसित किया जाएगा,ताकि सरकारी स्कूलों में भी निजी संस्थानों जैसा अनुशासन और आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध हो सकें।यहां से बच्चे पढ़कर प्रखंड से लेकर देश स्तर शिक्षा के क्षेत्र में अलख जगाएंगे।वहीं मुख्य अतिथि ने कहा यह स्कूल 1949ई. से है।यहां अब छात्र-छात्राएं को विभिन्न सुविधाएं मिलेंगी। सरकार इसीलिए इस स्कूल को चयन किया है।

स्मार्ट क्लास से आधुनिक लैब तक, मिलेंगी हाईटेक सुविधाएं

वहीं प्रचार्य अनिल कुमार ने बताया कि इस मॉडल स्कूल में छात्रों को स्मार्ट क्लास,डिजिटल बोर्ड, आधुनिक विज्ञान लैब,बेहतर फर्नीचर और समृद्ध पुस्तकालय जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। इस योजना का सीधा लाभ9-12वीं कक्षा के विद्यार्थियों को मिलेगा।इसके लिए मुख्य भवन के पहला तल्ला पर पुस्तकालय जबकि सामने वाला भवन के पहला तल्ला पर स्मार्ट क्लास, कंप्यूटर कक्ष
व आधुनिक विज्ञान लैब की व्यवस्था है।इस दौरान अधिकारियों ने इस सुविधा का घुम-घुम कर अवलोकन किया।प्राचार्य ने कहा कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रवेश प्रक्रिया को भी विशेष बनाया गया है।इन स्कूलों में केवल राष्ट्रीय आय-सह-मेधा छात्रवृत्ति परीक्षा में सफल विद्यार्थियों को प्रवेश दिया गया है।साथ ही बेहतर शिक्षण व्यवस्था के लिए प्रत्येक सेक्शन में छात्रों की संख्या अधिकतम40रखी गई है।

1949 ई. से है स्कूल ,40 होनहार बच्चें पर रहेगी विशेष निगाह

प्राचार्य अनिल कुमार बताते हैं कि सन् 1949 ईस्वी में इस स्कूल की स्थापना हुई थी। जिसमें ग्रामीणों ने अपना जमीन दान दी है। तकरीबन 4 बिगहा में इस स्कूल का परिसर है। उन्होंने कहा कि नौवीं से 12वीं कक्षा तक के लिए गणित-विज्ञान के 10 समेत कुल 24 शिक्षक-शिक्षिकाएं है।इसके साथ ही एक-एक परिचारी,नाईट गार्ड,लाइब्रेरीयन व
लिपिक कार्यरत है। इसमें दो भवन में 24 कमरे की सुविधा छात्र-छात्राएं के लिए उपलब्ध है। उन्होंने कहा कि सत्र 2025-26 हेतु प्रखंड क्षेत्र के विभिन्न गांवों से नौवीं कक्षा के मात्र 40 बच्चें को मॉडल स्कूल में पढ़ने हेतु चयन किया है।इस विद्यार्थी का चयन राष्ट्रीय आय-सह-मेधा छात्रवृत्ति योजना (NMMS) में 50 फिसदी अंक लाने के आधार पर किया गया है।इस छात्रों पर शिक्षकों का विशेष ध्यान रहेगा। उन्होंने कहा कि अगली सत्र से जैसा निर्देश मिलेगा।वैसा हीं दाखिला लिया जाएगा।

पोआरी गांव में पहली चली थी पठन-पाठन का कार्य

पोआरी गांव के ग्रामीण
सह मगही अकादमी के पूर्व अध्यक्ष उदय शंकर शर्मा उर्फ कवि जी बताते है कि पहली बार पोआरी गांव में पठन-पाठन का कार्य चला।इसके बाद गोनावां में। पुनः अपने निर्धारित स्थल(NH31A किनारे )पर ।
इसमें पोआरी गांव के जमींदार बाबू तिरपित नारायण सिंह,बाबु जंगबहादुरगंज सिंह एवं सूर्यदेव सिंह तथा गोनावां गांव के सुरेश नंदन प्रसाद सिंह व बबन बाबू सिंह ने अपना जमीन दान दीं हैं।मौके पर समाजसेवी डॉ सुधांशु,जिले से बीआरपी सुंदरम,बीआरसी के डीईओ धुर्व,
बीआरसी के आईटीआई
समन्वयक ऋषि,सीआरसी के समन्वयक
सूर्यनंदन,माधवी,
प्रशांत,तारिक अनवर,मनीष,शुभम,चंदन,रजनीश,राजीव, सरीता,रूपम,रिना,,अंजु,नंदकिशोर,मनोज, सचिदानंद,सुधांशु,संजीत,बिरंजन,कल्याणी, साक्षी,रानी सहित सैकड़ों छात्र- छात्राएं मौजूद थे।

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