उपेंद्र कुमार विभूति ने मुख्यमंत्री से की राजगीर के सतधारा गर्म जलकुंड की वैज्ञानिक जांच की मांग

Written by Sanjay Kumar

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संजय कुमार
बिहारशरीफ (अपना नालंदा)। राजगीर के विश्वविख्यात ऐतिहासिक गर्म जलकुंड, विशेषकर सतधारा में गर्म पानी के घटते प्रवाह को लेकर चिंता जताते हुए अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार सुरक्षा फाउंडेशन, बिहार के प्रदेश अध्यक्ष उपेंद्र कुमार विभूति ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को पत्र भेजकर वैज्ञानिक जांच एवं संरक्षण की मांग की है।
पत्र में कहा गया है कि नालंदा जिले का राजगीर ऐतिहासिक, धार्मिक और पर्यटन की दृष्टि से बिहार की महत्वपूर्ण पहचान है। यहां स्थित गर्म जलकुंड सदियों से श्रद्धालुओं, पर्यटकों और शोधकर्ताओं के आकर्षण का केंद्र रहे हैं। लेकिन पिछले कुछ समय से स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं के बीच यह चर्चा है कि सतधारा में गर्म पानी का प्राकृतिक प्रवाह पहले की तुलना में काफी कम हो गया है। यदि समय रहते इस दिशा में प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो राजगीर की प्राकृतिक एवं ऐतिहासिक धरोहर प्रभावित हो सकती है।
उपेंद्र कुमार विभूति ने मुख्यमंत्री से आग्रह किया है कि इस मामले की गंभीरता को देखते हुए भू-वैज्ञानिकों, जल विशेषज्ञों, पर्यावरणविदों तथा संबंधित विभागों की संयुक्त टीम गठित कर वैज्ञानिक आधार पर विस्तृत जांच कराई जाए। साथ ही स्थानीय नागरिकों, विशेषज्ञों और जानकार लोगों के सुझावों को भी शामिल करते हुए संरक्षण एवं पुनर्स्थापन की प्रभावी कार्ययोजना तैयार की जाए।
उन्होंने विश्वास जताया कि राज्य सरकार इस महत्वपूर्ण विषय पर शीघ्र कार्रवाई करेगी, जिससे राजगीर के ऐतिहासिक गर्म जलकुंडों की प्राकृतिक विशेषता सुरक्षित रहेगी और आने वाली पीढ़ियां भी इस अमूल्य धरोहर का लाभ उठा सकेंगी।

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