अखिलेंद्र कुमार
बिहारशरीफ (अपना नालंदा)। नालंदा की जिलाधिकारी उदिता सिंह की अध्यक्षता में बुधवार को राजस्व महाअभियान एवं सहयोग पोर्टल पर प्राप्त मामलों की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिलाधिकारी ने राजस्व विभाग के लंबित मामलों के शीघ्र एवं गुणवत्तापूर्ण निष्पादन पर विशेष जोर देते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने कहा कि जिन मामलों में म्यूटेशन अथवा परिमार्जन की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है, उन्हें तत्काल फाइनल रिकॉर्ड (FR) में परिवर्तित किया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि इस कार्य में अपेक्षित प्रगति नहीं हो रही है तो संबंधित पदाधिकारी प्रक्रिया को और तेज गति से संचालित करें।
बैठक में बताया गया कि सहयोग पोर्टल पर प्राप्त लगभग 90 प्रतिशत मामले राजस्व विभाग से जुड़े हैं, जबकि शेष मामले अन्य विभागों के हैं। इस पर जिलाधिकारी ने सभी विभागों को निर्देश दिया कि प्रत्येक मामले का समयबद्ध, पारदर्शी और गुणवत्तापूर्ण निष्पादन सुनिश्चित किया जाए, ताकि जिले का प्रदर्शन राज्य स्तर पर और बेहतर हो सके।
राजस्व महाअभियान की प्रगति की समीक्षा के दौरान हिलसा, सिलाव, बिहारशरीफ और इस्लामपुर अंचलों के बेहतर कार्यों की जिलाधिकारी ने सराहना की तथा संबंधित अधिकारियों की प्रशंसा की। वहीं जिन अंचलों की प्रगति अपेक्षाकृत धीमी है, उन्हें अभियान में तेजी लाने के निर्देश दिए गए।
जिन अंचलों में अभियान की प्रगति 20 प्रतिशत से कम है, वहां के भूमि सुधार उप समाहर्ता (डीसीएलआर) एवं अंचल अधिकारियों को नियमित निगरानी करते हुए अभियान को गति देने तथा निर्धारित लक्ष्य शीघ्र हासिल करने का निर्देश दिया गया। जिलाधिकारी ने कहा कि राजस्व मामलों के त्वरित निष्पादन से आम लोगों को राहत मिलेगी और प्रशासन के प्रति विश्वास भी मजबूत होगा।







