महाबोधि महाविद्यालय के संस्थापक स्व. शिवनंदन प्रसाद केशरी की 95वीं जयंती पर उमड़ा श्रद्धा का सैलाब, शिक्षा और समाज सेवा के योगदान को किया गया नमन

Written by Sanjay Kumar

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संजय कुमार
बिहारशरीफ (अपना नालंदा)। महाबोधि महाविद्यालय, नालंदा के संस्थापक सचिव स्वर्गीय शिवनंदन प्रसाद केशरी की 95वीं जयंती बुधवार को महाविद्यालय परिसर में श्रद्धा, सम्मान और गरिमामय वातावरण में मनाई गई। इस अवसर पर महाविद्यालय परिवार ने उनके शिक्षा, समाज सेवा और राष्ट्र निर्माण में दिए गए अतुलनीय योगदान को याद करते हुए भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।

कार्यक्रम की शुरुआत महाविद्यालय के प्रभारी प्राचार्य डॉ. अरविंद कुमार के नेतृत्व में परिसर स्थित स्व. केशरी के समाधि स्थल पर पुष्पांजलि अर्पित कर की गई। इस दौरान शिक्षक एवं शिक्षकेत्तर कर्मचारियों ने दो मिनट का मौन रखकर उन्हें श्रद्धांजलि दी और उनके आदर्शों पर चलने का संकल्प लिया।

इसके बाद महाविद्यालय सभागार में आयोजित जयंती समारोह को संबोधित करते हुए प्रभारी प्राचार्य डॉ. अरविंद कुमार ने कहा कि स्व. शिवनंदन प्रसाद केशरी केवल एक समाजसेवी नहीं, बल्कि शिक्षा जगत के दूरदर्शी व्यक्तित्व थे। उन्होंने ग्रामीण एवं आर्थिक रूप से कमजोर विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से महाबोधि महाविद्यालय की स्थापना की, जिसका लाभ आज हजारों छात्र-छात्राएं प्राप्त कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि स्व. केशरी का जीवन सादगी, सेवा और समर्पण का प्रतीक था तथा उनके आदर्श सदैव आने वाली पीढ़ियों का मार्गदर्शन करते रहेंगे।

राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) के कार्यक्रम पदाधिकारी प्रो. सुधीर कुमार वर्मा ने कहा कि स्व. केशरी के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि तभी होगी, जब हम सभी अपने दायित्वों का ईमानदारी, निष्ठा और समर्पण के साथ निर्वहन करेंगे तथा उनके द्वारा स्थापित मूल्यों को अपने जीवन में उतारेंगे।

वहीं प्रो. आनंद मूर्ति ने अपने संबोधन में कहा कि उनके दादा स्व. शिवनंदन प्रसाद केशरी की दूरदर्शी सोच और शिक्षा के प्रति समर्पण के कारण ही महाबोधि महाविद्यालय की स्थापना संभव हो सकी। उन्होंने कहा कि आज यह संस्थान हजारों विद्यार्थियों के भविष्य को संवार रहा है, जो उनके महान सपनों का साकार रूप है।

कार्यक्रम के दौरान उपस्थित सभी शिक्षकों एवं कर्मचारियों ने महाविद्यालय के शैक्षणिक, सामाजिक एवं सांस्कृतिक विकास के लिए निरंतर कार्य करने तथा स्व. शिवनंदन प्रसाद केशरी के आदर्शों को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया।

इस अवसर पर प्रो. डॉ. काज़मी अंसारी, प्रो. डॉ. सुरेश प्रसाद, प्रो. विनोद प्रसाद, डॉ. रामानुज प्रसाद, प्रो. डॉ. कौशलेन्द्र कुमार, प्रो. अरुण कुमार, प्रो. डॉ. ललन कुमार पांडे, डॉ. राजेश रंजन, प्रो. डॉ. आनंद माधवन, प्रो. शशिभूषण प्रसाद, प्रो. विकास कुमार, आनंद शशिभूषण, अमरीश राज, डॉ. संगीता कुमारी, प्रो. डॉ. रेणुका कुमारी सिन्हा, डॉ. विभा सिन्हा, प्रो. गीता कुमारी, प्रो. मंजू कुमारी, डॉ. प्रेमलता कुमारी, डॉ. राखी कुमारी, प्रो. पल्लवी सिन्हा, प्रो. संजीव गुप्ता, लेखापाल विजय सिन्हा, सुरेंद्र प्रसाद, सुभाष कुमार, डोमिनारायण मिस्त्री, सुरेंद्र मिस्त्री सहित महाविद्यालय के सभी शिक्षक, शिक्षकेत्तर कर्मचारी एवं गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

कार्यक्रम का समापन स्व. शिवनंदन प्रसाद केशरी के बताए आदर्शों को आत्मसात करते हुए शिक्षा, सेवा और समाज कल्याण के कार्यों को आगे बढ़ाने के सामूहिक संकल्प के साथ हुआ।

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