आर संतोष भारती
कतरीसराय (अपना नालंदा)। बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) की 70वीं संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा के परिणाम ने कतरीसराय प्रखंड के लिए गौरव और खुशी का अवसर प्रदान किया है। प्रखंड क्षेत्र के दो अभ्यर्थियों ने सफलता हासिल कर क्षेत्र का मान बढ़ाया है। इनमें बिलारी गांव निवासी आयुष कुमार ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 844वीं रैंक प्राप्त की है। उनकी इस उपलब्धि के आधार पर उनका चयन राजस्व पदाधिकारी (RDO) पद के लिए हुआ है।
आयुष कुमार, बिलारी गांव निवासी मुरारी कुमार एवं अंजु देवी के पुत्र हैं। 24 वर्षीय आयुष ने अपनी कड़ी मेहनत, अनुशासन और लगन के बल पर यह सफलता अर्जित की है। उनकी सफलता से परिवार, गांव और पूरे क्षेत्र में उत्साह का माहौल है।
आयुष की प्रारंभिक शिक्षा बनारस और इलाहाबाद में हुई। बचपन से ही पढ़ाई में मेधावी रहे आयुष ने उच्च शिक्षा के लिए काशी हिंदू विश्वविद्यालय (BHU), वाराणसी का चयन किया। वर्ष 2022 में उन्होंने स्नातक की पढ़ाई पूरी की। कॉलेज के दिनों से ही उन्होंने प्रशासनिक सेवाओं में जाने का लक्ष्य निर्धारित कर लिया था और नियमित रूप से प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में जुट गए।
सीमित संसाधनों के बावजूद आयुष ने कभी अपने लक्ष्य से समझौता नहीं किया। उनके पिता मुरारी कुमार वर्तमान में वारसलीगंज में किराना दुकान चलाकर परिवार का भरण-पोषण करते हैं। साधारण आर्थिक पृष्ठभूमि से आने वाले आयुष ने यह साबित कर दिया कि दृढ़ इच्छाशक्ति और निरंतर मेहनत के बल पर कोई भी मंजिल हासिल की जा सकती है।
आयुष की सफलता की खबर मिलते ही परिवार में खुशी की लहर दौड़ गई। परिजनों, रिश्तेदारों, मित्रों और ग्रामीणों ने उन्हें बधाई देते हुए उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं। स्थानीय लोगों का कहना है कि आयुष की यह उपलब्धि क्षेत्र के युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगी और उन्हें भी बड़े सपने देखने तथा उन्हें पूरा करने के लिए मेहनत करने की प्रेरणा देगी।
बिलारी गांव के लोगों ने कहा कि आयुष ने न केवल अपने माता-पिता का नाम रोशन किया है, बल्कि पूरे कतरीसराय प्रखंड और नालंदा जिले को गौरवान्वित किया है। उनकी सफलता से क्षेत्र में हर्ष और गर्व का माहौल है।
किराना दुकानदार के बेटे ने रचा इतिहास, BPSC में 844वीं रैंक लाकर बने राजस्व पदाधिकारी
Written by Sanjay Kumar
Published on:







