खरीफ महाअभियान 2026 का शुभारंभ, किसानों को वैज्ञानिक खेती और पराली प्रबंधन की दी गई जानकारी

Written by Sanjay Kumar

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सुधीर प्रसाद
बेन (अपना नालंदा)। प्रखंड मुख्यालय स्थित किसान भवन में सोमवार को खरीफ महाअभियान 2026 के तहत प्रखंड स्तरीय किसान प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ प्रखंड प्रमुख रंजू देवी ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इस अवसर पर कृषि विभाग के पदाधिकारियों, कृषि वैज्ञानिकों तथा बड़ी संख्या में किसानों ने भाग लिया।
कार्यक्रम में उपस्थित कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को खरीफ फसलों की उन्नत खेती, आधुनिक कृषि तकनीकों, बीज चयन, संतुलित उर्वरक प्रयोग, जल प्रबंधन तथा फसल सुरक्षा के बारे में विस्तृत जानकारी दी। किसानों को कम लागत में अधिक उत्पादन प्राप्त करने के वैज्ञानिक उपायों से भी अवगत कराया गया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रखंड कृषि पदाधिकारी कृष्ण मुरारी ने कहा कि सरकार किसानों की आय बढ़ाने और कृषि उत्पादन में वृद्धि के लिए विभिन्न योजनाएं चला रही है। किसानों को इन योजनाओं का लाभ उठाकर वैज्ञानिक पद्धति से खेती करनी चाहिए।
नूरसराय कृषि महाविद्यालय के कृषि वैज्ञानिक डॉ. संजय कुमार एवं डॉ. अजीत ने पराली जलाने से होने वाले नुकसान पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि पराली जलाने से मिट्टी के लाभकारी सूक्ष्म जीव नष्ट हो जाते हैं, भूमि की उर्वरा शक्ति प्रभावित होती है तथा पर्यावरण प्रदूषण बढ़ता है। उन्होंने किसानों से पराली को जलाने के बजाय उसके वैज्ञानिक प्रबंधन के उपाय अपनाने की अपील की।
प्रखंड प्रमुख रंजू देवी ने कहा कि सरकार पराली जलाने की समस्या पर नियंत्रण के लिए जागरूकता अभियान चला रही है और किसानों को इसके दुष्प्रभावों से अवगत कराया जा रहा है। ऐसे में सभी किसानों को पर्यावरण संरक्षण एवं कृषि हित में पराली नहीं जलाने का संकल्प लेना चाहिए। उन्होंने कहा कि जागरूकता और आधुनिक तकनीक के माध्यम से ही खेती को अधिक लाभकारी बनाया जा सकता है।
इस अवसर पर अरविंद पटेल, टुनटुन सिंह, सोनम सोनाली, सुविधा कुमारी, कृषि सलाहकार देवनारायण सहित कई जनप्रतिनिधि, कृषि कर्मी और किसान उपस्थित रहे।

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