दो माह से वेतन नहीं मिलने पर नियोजित शिक्षकों में आक्रोश, आर्थिक संकट गहराया

Written by Sanjay Kumar

Published on:

संजय कुमार
बिहारशरीफ (अपना नालंदा)। नालंदा जिले के नियोजित शिक्षकों को पिछले दो माह से वेतन नहीं मिलने के कारण उनमें भारी आक्रोश व्याप्त है। मई माह आधा बीत जाने के बावजूद जिले के नियोजित शिक्षकों को मार्च और अप्रैल माह का वेतन अब तक नहीं मिल पाया है। वेतन भुगतान में हो रही लगातार देरी से शिक्षकों की आर्थिक स्थिति गंभीर रूप से प्रभावित हो रही है।
इस संबंध में परिवर्तनकारी प्रारंभिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष रौशन कुमार ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर जानकारी दी। उन्होंने बताया कि जिले में कार्यरत नियोजित एवं कुछ नियमित शिक्षकों का वेतन समग्र शिक्षा अभियान तथा राज्य सरकार (जीओबी) मद से भुगतान किया जाता है।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की ओर से जीओबी मद की राशि कागजों पर भेज दी गई है, लेकिन सीएफएमएस पोर्टल पर राशि प्रदर्शित नहीं होने के कारण भुगतान प्रक्रिया अटक गई है। वहीं समग्र शिक्षा मद की राशि जिला स्तर पर उपलब्ध रहने के बावजूद शिक्षा विभाग के पदाधिकारियों एवं संबंधित लिपिक रमाकांत की लापरवाही के कारण शिक्षकों का वेतन भुगतान नहीं हो सका है।


संघ के नेताओं ने कहा कि वेतन भुगतान में लगातार हो रही देरी के कारण शिक्षकों को गंभीर आर्थिक संकट का सामना करना पड़ रहा है। समय पर वेतन नहीं मिलने से परिवार के इलाज, बच्चों की पढ़ाई, पुस्तक खरीद, बैंक की ईएमआई, घर के राशन तथा अन्य जरूरी खर्चों पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है।
संघ के जिलाध्यक्ष रौशन कुमार, महासचिव मो. इरफान मल्लिक, सचिव सुनील कुमार तथा कोषाध्यक्ष मनोज कुमार ने कहा कि लंबित वेतन भुगतान को लेकर संबंधित अधिकारियों से लगातार बातचीत की जा रही है और भुगतान सुनिश्चित कराने का प्रयास जारी है। बावजूद इसके अब तक स्थिति स्पष्ट नहीं हो सकी है।
शिक्षक नेताओं के अनुसार ट्रेजरी विभाग का कहना है कि उनके स्तर पर कोई राशि लंबित नहीं है, जबकि शिक्षा विभाग नालंदा इसे राज्य स्तरीय तकनीकी समस्या बता रहा है। विभाग का कहना है कि सीएफएमएस पोर्टल में तकनीकी बाधा के कारण किसी भी जिले में शिक्षकों का वेतन भुगतान नहीं हो पा रहा है।
संघ नेताओं ने सवाल उठाया कि स्लो पेमेंट और तकनीकी समस्याओं का खामियाजा केवल नियोजित शिक्षकों को ही क्यों भुगतना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि यह स्थिति शिक्षकों के प्रति सरकार की उदासीनता को दर्शाती है।
संघ ने जिला शिक्षा पदाधिकारी एवं संबंधित अधिकारियों से मांग की है कि मामले में तत्काल हस्तक्षेप कर स्थिति को सार्वजनिक रूप से स्पष्ट किया जाए तथा राज्य स्तर पर पहल कर शिक्षकों के लंबित वेतन का शीघ्र भुगतान सुनिश्चित कराया जाए।

Leave a Comment