स्पीडी ट्रायल की मांग, पीड़ित परिवार को 50 हजार की सहायता; समाजसेवी राजू दानवीर ने दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की उठाई मांग
संजय कुमार
बिहारशरीफ (अपना नालंदा)। नालंदा जिले के नूरसराय थाना क्षेत्र के ढीबरापर गांव में महिला के साथ हुई छेड़खानी की घटना को लेकर पूर्णिया के सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव ने गहरी चिंता व्यक्त की है। गुरुवार को सांसद पप्पू यादव पीड़ित परिवार के घर पहुंचे और परिजनों से मुलाकात कर उन्हें सांत्वना दी। इस दौरान उन्होंने कहा कि इस तरह की घटनाएं केवल नालंदा ही नहीं, बल्कि पूरे बिहार की छवि को धूमिल करती हैं और समाज में बढ़ती आपराधिक मानसिकता को उजागर करती हैं।
सांसद ने पीड़िता और उसके परिजनों से बातचीत कर उनका हाल जाना तथा उन्हें हरसंभव मदद का भरोसा दिलाया। उन्होंने पीड़ित परिवार को तत्काल 50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता भी प्रदान की। साथ ही उन्होंने आश्वस्त किया कि पीड़ित परिवार गांव में सम्मानपूर्वक जीवन यापन कर सके, इसके लिए रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने में भी हरसंभव सहयोग किया जाएगा।
सांसद पप्पू यादव ने प्रशासन से मांग की कि इस मामले में दोषियों के खिलाफ स्पीडी ट्रायल चलाकर कड़ी से कड़ी सजा सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि महिलाओं के साथ बदसलूकी करने वाले अपराधियों का मनोबल इतना बढ़ गया है कि वे अपनी घिनौनी हरकतों का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल करने से भी नहीं डरते। यह स्थिति कानून-व्यवस्था के साथ-साथ समाज की संवेदनशीलता पर भी गंभीर सवाल खड़े करती है।

उन्होंने कहा कि समाज में एक दुखद प्रवृत्ति यह भी है कि ऐसी घटनाओं में अपराधियों से ज्यादा सवाल पीड़िता के चरित्र पर उठाए जाते हैं। उन्होंने सवाल किया कि आखिर महिलाओं को बदनाम करने का यह अधिकार समाज को किसने दिया है। उन्होंने कहा कि जब भी कोई महिला स्कूल, कॉलेज, कोचिंग या कार्यस्थल के लिए घर से निकलती है तो उस पर संदेह की नजरें उठाई जाती हैं, जो समाज की सोच में गहरी समस्या को दर्शाता है।

सांसद ने युवाओं में बढ़ती नशे की प्रवृत्ति पर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि स्मैक, नशीले पदार्थ और अन्य ड्रग्स का बढ़ता प्रचलन युवाओं को अपराध की ओर धकेल रहा है। इसका सबसे अधिक खामियाजा महिलाओं और कमजोर वर्गों को भुगतना पड़ता है। उन्होंने समाज से अपील की कि सभी लोग अपनी जिम्मेदारी समझें और महिलाओं की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दें।
इस मौके पर सांसद के साथ पहुंचे समाजसेवी राजू दानवीर ने भी घटना की कड़ी निंदा की। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों में निर्दोष लोगों को किसी भी परिस्थिति में नहीं फंसाया जाना चाहिए, लेकिन दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाना चाहिए। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई कर उन्हें कड़ी सजा दी जाए, ताकि समाज में सख्त संदेश जाए और भविष्य में कोई ऐसी घटना करने की हिम्मत न कर सके।
उन्होंने कहा कि न्याय व्यवस्था का उद्देश्य पीड़ित को सम्मान और सुरक्षा दिलाना है, इसलिए प्रशासन को निष्पक्ष और त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करनी चाहिए, ताकि पीड़ित परिवार को न्याय मिल सके और समाज में विश्वास कायम रहे।







