पटना (अपना नालंदा)। बिहार में बहुजन समाज पार्टी से अलग हुए नेताओं के एक गुट ने पूर्व प्रदेश प्रभारी अनिल कुमार के नेतृत्व में नए सामाजिक-राजनीतिक मंच “बहुजन शोषित संघर्ष समिति (बीएस-4)” और “बहुजन सेना” के गठन की घोषणा की। इस अवसर पर बड़ी संख्या में समर्थक और सामाजिक कार्यकर्ता मौजूद रहे। साथ ही 20 अप्रैल को पटना में बहुजन समाज के बड़े महाजुटान का आयोजन करने की घोषणा भी की गई।
अनिल कुमार ने कहा कि यह संगठन बहुजन, दलित, पिछड़े और वंचित समाज के अधिकारों की रक्षा तथा सामाजिक न्याय की लड़ाई को मजबूत करने के उद्देश्य से बनाया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि बिहार की बदलती राजनीतिक परिस्थितियों में बहुजन समाज की आवाज को नजरअंदाज किया गया है, जिससे समाज में असंतोष बढ़ा है। इसी कारण एक मजबूत सामाजिक संगठन की आवश्यकता महसूस हुई।
उन्होंने कहा कि यह संगठन डॉ. भीमराव अंबेडकर, कांशीराम, पेरियार ई.वी. रामासामी, सावित्रीबाई फुले और जगदेव प्रसाद जैसे महापुरुषों के विचारों से प्रेरणा लेकर काम करेगा। इन महान नेताओं का सपना एक ऐसे समाज का निर्माण करना था, जहां समानता, सम्मान और सामाजिक न्याय सुनिश्चित हो।
अनिल कुमार ने बताया कि बहुजन सेना राज्य में कहीं भी दलित, पिछड़े और वंचित समाज के लोगों पर अत्याचार या अन्याय होने की स्थिति में तुरंत पहुंचकर पीड़ितों को न्याय दिलाने के लिए संघर्ष करेगी। उन्होंने कहा कि भूमि, आरक्षण और रोजगार जैसे मुद्दों को भी संगठन प्रमुखता से उठाएगा। तीन डिसमिल जमीन की योजना और युवाओं के रोजगार के सवालों को लेकर आंदोलन चलाया जाएगा।
इस अवसर पर संजय मंडल, रंजन कुमार, अभिमन्यु कुशवाहा, अमर आजाद पासवान, सुशील कुशवाहा, अजय कुमार और गौतम आनंद सहित सैकड़ों समर्थक उपस्थित रहे।
पटना में बहुजन शोषित संघर्ष समिति और बहुजन सेना का गठन, 20 अप्रैल को महाजुटान
Written by Sanjay Kumar
Published on:






