मलमास मेला 2026 की तैयारी तेज, डीएम ने अधिकारियों के साथ की समीक्षा बैठक

Written by Sanjay Kumar

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अखिलेंद्र कुमार
बिहारशरीफ (अपना नालंदा)। नालंदा जिले के राजगीर में आयोजित होने वाले मलमास मेला 2026 के सफल आयोजन को लेकर जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। इसी क्रम में 6 अप्रैल को जिला पदाधिकारी नालंदा श्री कुंदन कुमार की अध्यक्षता में संबंधित कोषांगों के पदाधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक आयोजित की गई, जिसमें मेला की तैयारियों और व्यवस्थाओं की विस्तार से समीक्षा की गई।
बैठक में बताया गया कि राजगीर में मलमास मेला 17 मई 2026 से 15 जून 2026 तक आयोजित होगा। इस अवसर पर देश के विभिन्न हिस्सों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु आस्था के साथ राजगीर पहुंचते हैं और पवित्र ब्रह्म कुंड में स्नान करते हैं। श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन द्वारा व्यापक तैयारियां की जा रही हैं।
जिला पदाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि मलमास मेला से जुड़े सभी प्रकार के टेंडर समय से पूर्व हर हाल में पूरा कर लिया जाए। उन्होंने बताया कि मेला के सफल संचालन के लिए विभिन्न समितियों का गठन पहले ही किया जा चुका है।
बैठक में सुरक्षा व्यवस्था, यातायात प्रबंधन, भीड़ नियंत्रण, आपातकालीन सेवाएं, स्वच्छता, पेयजल, विद्युत आपूर्ति, स्वास्थ्य सुविधाएं, शरण स्थली, शौचालय, चेंजिंग रूम, साफ-सफाई, नियंत्रण कक्ष, हेल्प डेस्क, आवासन, खानपान, माइकिंग, हाई मास्ट लाइटिंग, ट्रैफिक चेक पोस्ट, बैरिकेडिंग, अग्निशमन सुरक्षा, मोबाइल शौचालय सहित विभिन्न व्यवस्थाओं पर विस्तार से चर्चा की गई। श्रद्धालुओं के आवागमन को सुगम बनाने के लिए निर्धारित शुल्क पर बस और ई-रिक्शा से परिवहन की व्यवस्था भी की जाएगी।

Rajgir–Patna Express to Run Regularly from April 6; MP Kaushalendra Kumar to Flag Off the Train.


जिला पदाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिया कि मेला अवधि के दौरान श्रद्धालुओं और आमजन को किसी प्रकार की असुविधा नहीं होनी चाहिए। इसके लिए मेला क्षेत्र में पर्याप्त संख्या में दंडाधिकारियों, पुलिस बल, महिला पुलिस और स्वयंसेवकों की प्रतिनियुक्ति की जाएगी। संवेदनशील स्थलों पर विशेष निगरानी रखी जाएगी तथा सीसीटीवी कैमरों और ड्रोन के माध्यम से भीड़ पर सतत निगरानी की जाएगी। साथ ही असामाजिक तत्वों पर भी कड़ी नजर रखी जाएगी।
यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए वैकल्पिक मार्गों की व्यवस्था की जाएगी और विभिन्न स्थानों पर पार्किंग स्थलों को चिन्हित किया जाएगा। स्वास्थ्य विभाग द्वारा एंबुलेंस, स्ट्रेचर, आवश्यक दवाएं, मेडिकल कैंप तथा चिकित्सकों की तैनाती सुनिश्चित की जाएगी।
मेला में खोए हुए व्यक्तियों को उनके परिजनों से मिलाने के लिए सूचना केंद्र बनाए जाएंगे। श्रद्धालुओं के लिए कैंटीन, दीदी की रसोई और सस्ती रोटी काउंटर की व्यवस्था भी की जाएगी। साथ ही आधुनिक तकनीक के तहत श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए एआई काउंटर, मोबाइल एप और वेबसाइट की भी व्यवस्था की जाएगी।
श्रद्धालुओं के ठहरने के लिए रेलवे स्टेशन, मेला थाना, धुनीवर, बस स्टैंड, झुनकिया बाबा, ब्रह्म कुंड घाट, स्टेट गेस्ट हाउस, सैनिक स्कूल, महाराजा होटल के समीप, गढ़ महादेव, वैतरणी और पीएचईडी कैंपस में वाटरप्रूफ यात्री शेड (टेंट सिटी) का निर्माण कराया जाएगा।
जिला पदाधिकारी ने ब्रह्म कुंड में प्राकृतिक स्रोतों से आने वाली अविरल जलधारा को बनाए रखने के लिए आसपास के क्षेत्रों में विशेष चौकसी बरतने का निर्देश दिया। वहीं वैतरणी घाट की साफ-सफाई, मरम्मत और सौंदर्यीकरण कार्य समय पर पूरा करने का भी निर्देश दिया गया। शाही स्नान के दौरान लगने वाली भीड़ को नियंत्रित करने के लिए प्रवेश और निकास द्वार पर विशेष व्यवस्था की जाएगी।
बैठक में उप विकास आयुक्त, नगर आयुक्त, सहायक प्रशिक्षु समाहर्ता, अपर समाहर्ता राजस्व, वरीय उप समाहर्ता बैंकिंग, जिला आपूर्ति पदाधिकारी, जिला लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी, अनुमंडल पदाधिकारी, विशेष कार्य पदाधिकारी गोपनीय शाखा, संबंधित अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी सहित भवन, लघु सिंचाई, विद्युत, पीएचईडी, नगर परिषद तथा अन्य संबंधित विभागों के पदाधिकारी उपस्थित थे।

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