अपना नालंदा संवाददाता
बिहारशरीफ।नालंदा के जिलाधिकारी कुंदन कुमार की अध्यक्षता में कृषि विभाग के अधिकारियों के साथ एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में कृषि क्षेत्र को आधुनिक, लाभकारी और आत्मनिर्भर बनाने को लेकर कई अहम निर्देश दिए गए।
बैठक के प्रमुख बिंदु निम्नलिखित हैं:
ड्रोन के माध्यम से उर्वरक एवं कीटनाशी का छिड़काव:
जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि कृषि में लागत कम करने और समय की बचत के लिए ड्रोन तकनीक का अधिक से अधिक उपयोग किया जाए। उन्होंने ड्रोन पायलटों की उपलब्धता की सूची तैयार करने और प्रखंड स्तर पर उनकी तैनाती सुनिश्चित करने को कहा।
मुख्य फसलों की खेती और विपणन व्यवस्था:
जिले में प्रमुख फसलों के रकबा, प्रति एकड़ लाभ, और विपणन के स्रोतों की अद्यतन जानकारी एकत्र करने तथा किसानों को इसकी जानकारी देने पर जोर दिया गया।
कृषि यंत्र निर्माण और संसाधन प्रबंधन:
कृषि यंत्रों की उपलब्धता, निर्माण एवं उनकी प्रगति को लेकर विमर्श हुआ। जिलाधिकारी ने आवश्यक संसाधनों की पूर्ति और योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु ठोस कदम उठाने के निर्देश दिए।
विशेष फसलें और वैश्विक मानक:
पारंपरिक खेती से इतर विशेष फसलों को बढ़ावा देने और उन्हें राष्ट्रीय व वैश्विक बेंचमार्क से जोड़ने की रणनीति पर चर्चा की गई।
FPOs और उच्च मूल्य फसलें:
जिले में कार्यरत कृषक उत्पादक समूह (FPOs) की गतिविधियों की समीक्षा की गई। साथ ही, उच्च मूल्य वाली फसलों की पहचान कर किसानों को तकनीकी प्रशिक्षण देने की आवश्यकता पर बल दिया गया।
कृषकों को एग्रीप्रेन्योर बनाने पर जोर:
जिलाधिकारी ने कहा कि मुख्य उद्देश्य किसानों को सिर्फ पारंपरिक खेती तक सीमित नहीं रखना है, बल्कि उन्हें एग्रीप्रेन्योर के रूप में विकसित कर कृषि को लाभकारी व्यवसाय में बदलना है। इसके लिए जिले में चल रहे सफल मॉडलों और सराहनीय कार्यों को आगे बढ़ाने का निर्देश दिया गया।
