बिहारशरीफ (अपना नालंदा)। नालंदा जिले के रहुई प्रखंड अंतर्गत दोसूत पंचायत के देवबीघा गांव में बिहार सरकार की हर घर नल-जल योजना पिछले सात महीनों से बंद पड़ी है। वार्ड संख्या-7 और 8 में मोटर खराब होने के कारण करीब 250 परिवार गंभीर पेयजल संकट का सामना कर रहे हैं। शुद्ध पेयजल नहीं मिलने से ग्रामीणों को मजबूरी में दूषित पानी का उपयोग करना पड़ रहा है।
ग्रामीणों ने बताया कि योजना के तहत कुछ समय तक नियमित जलापूर्ति हुई, लेकिन मोटर खराब होने के बाद आज तक उसकी मरम्मत नहीं कराई गई। कई बार स्थानीय जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों से शिकायत करने के बावजूद समस्या का समाधान नहीं हो सका। अब गांव के लोग स्कूल के समीप लगे एकमात्र चापाकल पर निर्भर हैं, जहां सुबह-शाम पानी भरने के लिए लंबी कतार लगती है।

ग्रामीणों का कहना है कि चापाकल का पानी भी पूरी तरह स्वच्छ नहीं है, जिससे जलजनित बीमारियों का खतरा बना हुआ है। स्कूल के बच्चों को भी शुद्ध पेयजल नहीं मिल पा रहा है, जिससे अभिभावकों की चिंता बढ़ गई है।
ग्रामीण जगन्नाथ पासवान, रवि कुमार, रमेश कुमार, मिंता देवी, चंचला देवी, सुशीला देवी, बाबूलाल पासवान और गोलू पासवान सहित कई लोगों ने खराब मोटर की तत्काल मरम्मत तथा स्थायी जलमीनार निर्माण की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द जलापूर्ति बहाल नहीं हुई तो प्रखंड कार्यालय का घेराव कर आंदोलन किया जाएगा।
वहीं रहुई प्रखंड विकास पदाधिकारी धर्मराज कुमार ने बताया कि मामला संज्ञान में है। संबंधित विभाग को निर्देश दिया गया है और जल्द ही मोटर की मरम्मत कराकर नल-जल योजना को पुनः चालू कराया जाएगा, ताकि ग्रामीणों को नियमित रूप से शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराया जा सके।







