संजय कुमार
बिहारशरीफ (अपना नालंदा)। सिलाव प्रखंड में कथित फर्जी शिक्षकों के मामले को लेकर एक बार फिर विवाद गहरा गया है। उत्क्रमित मध्य विद्यालय, दरियासराय के शिक्षक रोहित कुमार ने शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा है कि कई स्तरों की जांच में प्रमाणपत्र और नियुक्ति सही पाए जाने के बावजूद उन्हें बार-बार फर्जी शिक्षक बताकर मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा है।
रोहित कुमार ने बताया कि धनंजय कुमार उर्फ गुड्डू द्वारा सिलाव प्रखंड के 127 शिक्षकों के विरुद्ध फर्जी नियुक्ति की शिकायत की गई थी, जिसमें उनका नाम भी शामिल कर दिया गया था। शिकायत के आधार पर मई 2019 में बिना समुचित जांच के उनका वेतन रोक दिया गया। बाद में प्रमाणपत्र प्रस्तुत करने और शिकायत दर्ज कराने पर वेतन बहाल किया गया, लेकिन दिसंबर 2019 में पुनः जांच के नाम पर भुगतान रोक दिया गया।
उन्होंने बताया कि चार सदस्यीय जांच समिति ने उनके प्रमाणपत्रों को सही करार दिया, फिर भी 127 कथित फर्जी शिक्षकों की सूची से उनका नाम नहीं हटाया गया। इसके बाद जिला शिक्षा पदाधिकारी द्वारा जांच के आधार पर वेतन भुगतान शुरू कराया गया। वर्ष 2020 में जिलाधिकारी के निर्देश पर पुनः जांच हुई, जिसमें भी दस्तावेज सही पाए गए और वेतन बहाल कर दिया गया, जो वर्तमान तक जारी है।
शिक्षक का कहना है कि जांच समिति, जिला शिक्षा पदाधिकारी, जिलाधिकारी तथा विभागीय परीक्षाओं के बाद हुई सभी जांचों में उनकी नियुक्ति वैध पाई गई है। इसके बावजूद समय-समय पर उन्हें फर्जी शिक्षक बताकर उनकी प्रतिष्ठा को ठेस पहुंचाई जा रही है। उन्होंने मांग की कि विभाग इस मामले में स्पष्ट निर्णय लेकर उनके नाम से लगे फर्जी शिक्षक के आरोप को स्थायी रूप से समाप्त करे।
जांच में सही पाए शिक्षक ने फर्जी घोषित करने पर उठाए सवाल
Written by Sanjay Kumar
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