संजय कुमार
बिहारशरीफ (अपना नालंदा)। बिहार चिकित्सा एवं जन स्वास्थ्य कर्मचारी संघ के आह्वान पर नालंदा जिले के नियमित एवं संविदा स्वास्थ्य कर्मियों ने गुरुवार से चरणबद्ध आंदोलन की शुरुआत कर दी। आंदोलन के तहत 21 मई से 26 मई तक कर्मचारी अपने-अपने कार्यस्थलों पर काला बिल्ला लगाकर सरकारी कार्यों का निष्पादन करेंगे। संघ का उद्देश्य स्वास्थ्य मंत्री एवं स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का ध्यान कर्मचारियों की लंबित समस्याओं की ओर आकर्षित करना है।
संघ के जिलाध्यक्ष नदीम ने बताया कि कर्मचारियों की विभिन्न मांगें लंबे समय से लंबित हैं, जिनके समाधान के लिए यह आंदोलन शुरू किया गया है। जिला मंत्री संजय कुमार ने कहा कि सभी संवर्ग के कर्मियों को नियमानुसार पदोन्नति का लाभ दिया जाए। इसके अलावा एएनएम सहित राज्य संवर्ग के कर्मियों को मातृत्व अवकाश, उपार्जित अवकाश, सेवा संपुष्टि तथा एमएसीपी संबंधी लाभ उपलब्ध कराने के लिए आवश्यक आदेश जारी किए जाएं।
उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य समिति के कर्मचारियों के लिए संवर्ग नियमावली बनाकर सेवा समायोजन किया जाए, शहरी एएनएम को सभी निर्धारित अवकाश दिए जाएं, संविदा कर्मियों की सेवा नियमित की जाए तथा आउटसोर्सिंग कर्मियों को न्यूनतम 26 हजार रुपये मासिक वैधानिक पारिश्रमिक का भुगतान सुनिश्चित किया जाए।
संघ के उपाध्यक्ष राजीव रंजन, मीना कुमारी, राजेश कुमार सिंह, रितेश कुमार एवं गंगासागर सहित अन्य पदाधिकारियों ने बताया कि मांगों के समाधान नहीं होने पर 1 जून 2026 को पटना के गर्दनीबाग में राज्यस्तरीय धरना-प्रदर्शन आयोजित किया जाएगा। इस प्रदर्शन में बिहार भर के हजारों स्वास्थ्य कर्मचारी भाग लेकर अपनी मांगों के समर्थन में आवाज बुलंद करेंगे।
काला बिल्ला लगाकर स्वास्थ्य कर्मियों ने जताया विरोध, मांगे दोहराईं
Written by Sanjay Kumar
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