जहानाबाद (अपना नालंदा)। जहानाबाद जिले के सागरपुर में आयोजित सत्संग कार्यक्रम में संत पंकज जी महाराज ने लोगों को आध्यात्मिकता, शाकाहार और सदाचार का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि मनुष्य के जीवन में गुरु का स्थान सर्वोपरि होता है। बिना गुरु के न तो सही ज्ञान प्राप्त होता है और न ही आत्मा-परमात्मा के रहस्य को समझा जा सकता है। गुरु ही मनुष्य को सही मार्ग दिखाते हैं और जीवन को सार्थक बनाते हैं।
संत पंकज जी महाराज ने कहा कि गुरु तीन प्रकार के होते हैं। पहले गुरु माता-पिता होते हैं, जो हमें जन्म देकर इस संसार में लाते हैं। दूसरे गुरु वे होते हैं जो हमें शिक्षा और जीविकोपार्जन का ज्ञान देते हैं। तीसरे गुरु वे संत-महात्मा होते हैं जो आत्मा-परमात्मा के गूढ़ ज्ञान से परिचित कराते हैं और सरल साधना के माध्यम से आत्मकल्याण का मार्ग दिखाते हैं। उन्होंने कहा कि परमात्मा का अनुभव जीवन रहते ही संभव है, इसके लिए कलयुग की सरल साधना “सुरत शब्द योग मार्ग” अपनाना आवश्यक है।

महाराज जी ने शाकाहार को श्रेष्ठ और सुखद आहार बताते हुए कहा कि इससे शरीर में शुद्ध रक्त का संचार होता है, बुद्धि निर्मल रहती है और मन शांत रहता है। उन्होंने लोगों से नशे और मांसाहार से दूर रहने की अपील की, ताकि स्वस्थ और सदाचारपूर्ण समाज का निर्माण हो सके।
संत पंकज जी महाराज ने 17 से 21 मई तक उत्तर प्रदेश के मथुरा स्थित जयगुरुदेव आश्रम में आयोजित बाबा जयगुरुदेव जी महाराज के वार्षिक भंडारा सत्संग मेले में शामिल होने का आमंत्रण भी दिया। कार्यक्रम में जिलाध्यक्ष सन्दीप साहू, आयोजक कारू साव, रायबरेली संगत के सतीष सिंह, संत शरण ‘राजा’, बंषबहादुर सिंह, हरिकेष बहादुर सिंह तथा सत्रोहन मौर्य सहित अनेक श्रद्धालु उपस्थित रहे। कार्यक्रम के बाद जनजागरण यात्रा अगले पड़ाव पंडुई, थाना परसबीघा (जहानाबाद) के लिए रवाना हो गई, जहां सोमवार को पूर्वाह्न 11:30 बजे से सत्संग का आयोजन होगा।







