वोट चोर गद्दी छोड़: एसआईआर और सामंती हिंसा के खिलाफ भाकपा माले का मार्च”

Written by Subhash Rajak

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अपना नालंदा संवाददाता
बिहारशरीफ । “चुनाव चोर गद्दी छोड़” के नारे के तहत भाकपा माले के राष्ट्रव्यापी कार्यक्रम के क्रम में रविवार को नालंदा जिला के बिहारशरीफ में मार्च और सभा का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत पार्टी जिला कार्यालय, कमरुद्दीन गंज से हुई, जो एलआईसी कार्यालय, सरकारी बस स्टैंड, पेट्रोल पंप होते हुए अस्पताल चौक तक पहुंचा, जहां यह मार्च सभा में बदल गया।
सभा को संबोधित करते हुए भाकपा माले जिला सचिव सुरेन्द्र राम ने कहा कि यह मार्च अगस्त क्रांति के शहीदों की स्मृति में और आजादी, लोकतंत्र व संविधान की रक्षा के लिए आयोजित किया गया है। उन्होंने डबल इंजन सरकार और चुनाव आयोग पर आरोप लगाते हुए कहा कि बिहार में एसआईआर (स्पेशल समरी रिवीजन) की आड़ में मतदाताओं के अधिकार छीने जा रहे हैं।
सुरेन्द्र राम ने कहा कि 26 जुलाई से बिहार में गहन मतदाता पुनरीक्षण अभियान चलाया गया और 1 अगस्त को प्रकाशित ड्राफ्ट वोटर लिस्ट से 65 लाख मतदाताओं के नाम हटा दिए गए, जबकि इनमें से अधिकांश 2024 के लोकसभा चुनाव में मतदान कर चुके थे। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर इतने कम समय में ये मतदाता कैसे मृत, विस्थापित या दोहरी वोटिंग करने वाले हो गए?
भाकपा माले और इंडिया गठबंधन ने मांग की है कि हटाए गए मतदाताओं की पूरी सूची सार्वजनिक की जाए और यह बताया जाए कि उनमें से कितने मृत हैं, कितने स्थायी रूप से विस्थापित हैं और कितनों के नाम दो जगह दर्ज हैं। सुरेन्द्र राम ने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग ने मृत मतदाताओं को फॉर्म भरवा कर जीवित दिखाया, जबकि वास्तविक मतदाताओं को सूची से हटा दिया गया है और अब उनसे जन्म व आवास प्रमाण पत्र जमा कर फॉर्म-6 भरने को कहा जा रहा है। उन्होंने कहा कि बिहार में 17 लाख से अधिक परिवारों के पास खुद का घर नहीं है और लाखों परिवारों के पास जन्म प्रमाण पत्र भी नहीं है। क्या ऐसे सभी लोग प्रवासी नागरिक माने जाएंगे?
उन्होंने इसे व्यस्क सार्वभौमिक मताधिकार पर सीधा हमला बताते हुए एसआईआर प्रक्रिया को खत्म करने की मांग की।
सुरेन्द्र राम ने ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार के क्षेत्र वेन थाना अंतर्गत गड़ेरिया बीघा में हुई सामंती हिंसा का भी मुद्दा उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि गांव के ही उदय सिंह और चुनमुन सिंह सहित दर्जनों अपराधियों ने महादलित समुदाय के महिला-पुरुषों की बर्बर पिटाई की और पुलिस के सामने ही गोली मारने की धमकी दी। पीड़ितों द्वारा थाने में आवेदन देने पर पुलिस ने शिकायत लेने से इंकार कर दिया। माले ने पीड़ितों को सरकारी खर्च पर इलाज, सुरक्षा गारंटी, मुकदमा दर्ज कर अपराधियों की गिरफ्तारी और गांव में अमन कायम करने की मांग की।
इसी क्रम में “वोट चोर गद्दी छोड़” नारे के साथ हरनौत में भी कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसका नेतृत्व भाकपा माले हरनौत प्रभारी विरेश कुमार ने किया।
बिहारशरीफ कार्यक्रम में पार्टी जिला कमेटी सदस्य पाल बिहारी लाल, डॉ. शैलेश कुमार यादव, ऐपवा जिला अध्यक्ष गिरजा देवी, रेनू देवी, माले जिला कमेटी सदस्य उमेश पासवान, सुनील कुमार, मुन्नी लाल यादव, महेंद्र प्रसाद, इनौस जिला अध्यक्ष विरेश कुमार, राजेश रविदास, शिव शंकर प्रसाद, बीड़ी मजदूर नेता सुभाष शर्मा, पार्टी नेता रामप्रीत केवट, विजय रविदास, वीर बहादुर पासवान, हेमंती देवी, गौरी देवी सहित दर्जनों कार्यकर्ता मौजूद रहे।

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