सरस्वती शिशु निकेतन का दसवां वार्षिकोत्सव सांस्कृतिक उल्लास के साथ संपन्न

Written by Sanjay Kumar

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संजय कुमार,बिहारशरीफ (अपना नालंदा)। विद्यानगर, डुमरावां स्थित सरस्वती शिशु निकेतन विद्यालय में शनिवार को विद्यालय का 10वां वार्षिक उत्सव बड़े ही हर्षोल्लास, उत्साह और भव्यता के साथ मनाया गया। पूरे विद्यालय परिसर को आकर्षक ढंग से सजाया गया था। विद्यार्थियों, अभिभावकों एवं अतिथियों की उपस्थिति से कार्यक्रम अत्यंत गरिमामय और यादगार बन गया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि भारतीय स्वतंत्र शिक्षण संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष भारत मानस रहे। उनके विद्यालय परिसर में आगमन पर विद्यालय के निदेशक विकास कुमार सहित विद्यालय परिवार के सदस्यों ने अंगवस्त्र एवं स्मृति-चिन्ह भेंट कर उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। इसके उपरांत दीप प्रज्वलन के साथ कार्यक्रम का विधिवत उद्घाटन मुख्य अतिथि भारत मानस द्वारा किया गया।
दीप प्रज्वलन के पश्चात विद्यालय के नन्हे-मुन्ने विद्यार्थियों ने स्वागत गीत प्रस्तुत कर सभी अतिथियों का अभिनंदन किया। बच्चों की मधुर आवाज और तालबद्ध प्रस्तुतियों ने पूरे वातावरण को उत्सवमय बना दिया। जैसे ही मुख्य अतिथि मंच पर पहुंचे, तालियों की गड़गड़ाहट और विद्यार्थियों के उत्साह से विद्यालय प्रांगण गूंज उठा।


अपने संबोधन में मुख्य अतिथि भारत मानस ने कहा कि सरस्वती शिशु निकेतन केवल पुस्तकीय शिक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि यहां विद्यार्थियों को संस्कार, अनुशासन और राष्ट्रप्रेम की शिक्षा भी दी जाती है। उन्होंने विद्यालय की उपलब्धियों की सराहना करते हुए कहा कि यहां के अनेक विद्यार्थी नवोदय विद्यालय जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में चयनित होकर विद्यालय का नाम रोशन कर रहे हैं। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि इस विद्यालय से शिक्षा प्राप्त कर कई छात्र बिहार पुलिस, भारतीय सेना, रेलवे, यूपीएससी, बीपीएससी सहित विभिन्न सरकारी सेवाओं में चयनित होकर देश और समाज की सेवा कर रहे हैं, जो विद्यालय परिवार के लिए गर्व की बात है।


विद्यालय के निदेशक विकास कुमार ने अपने वक्तव्य में कहा कि सरस्वती शिशु निकेतन के लिए यह दिन ऐतिहासिक और गौरवपूर्ण है, क्योंकि विद्यालय ने अपनी स्थापना के सफल दस वर्ष पूरे कर लिए हैं। उन्होंने कहा कि विद्यालय की यह सफलता शिक्षकों की निष्ठा, विद्यार्थियों की मेहनत और अभिभावकों के सहयोग का परिणाम है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि आने वाले समय में विद्यालय शिक्षा, संस्कार और उपलब्धियों के क्षेत्र में नए कीर्तिमान स्थापित करेगा।
विद्यालय की प्राचार्या संगीता कुमारी ने बताया कि वार्षिक उत्सव के दौरान विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण रहा। बच्चों ने गीत, नृत्य, नाटक, कविता पाठ एवं देशभक्ति से ओत-प्रोत प्रस्तुतियों से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। विशेष रूप से देशभक्ति गीतों पर दी गई प्रस्तुतियों ने दर्शकों में जोश और गर्व का भाव भर दिया। हर प्रस्तुति के बाद तालियों की गड़गड़ाहट से बच्चों का उत्साह और बढ़ता गया।


कार्यक्रम के समापन अवसर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को मुख्य अतिथि एवं विद्यालय प्रबंधन के हाथों मोमेंटो देकर सम्मानित किया गया। साथ ही विद्यालय परिवार की ओर से मुख्य अतिथि भारत मानस को स्मृति-चिन्ह भेंट कर आभार व्यक्त किया गया।


पूरे कार्यक्रम के दौरान विद्यालय परिसर आनंद, उल्लास और सांस्कृतिक रंगों से सराबोर रहा। सरस्वती शिशु निकेतन का यह 10वां वार्षिक उत्सव केवल एक सांस्कृतिक आयोजन नहीं रहा, बल्कि विद्यालय की शैक्षिक, नैतिक एवं सांस्कृतिक उपलब्धियों का जीवंत उदाहरण बनकर सामने आया। यह आयोजन विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास और उज्ज्वल भविष्य की दिशा में विद्यालय की प्रतिबद्धता को भी दर्शाता है।
इस अवसर पर नंदनी कुमारी, सोनाली, माही, शिवानी, लक्ष्मी, अंजलि, धनराज, गणेश, सोनू, साहिल, अनुपम, तेजस्वी, आयुष, सौरव, आदित्य, प्रियांशु, रानी, पूनम, संध्या, रोहित, पीयूष, हिमांशु, अर्जुन, अनीश राज, गुंजन, कोमल एवं मनीषा सहित कई छात्र-छात्राओं ने शानदार प्रस्तुतियां देकर कार्यक्रम को यादगार बना दिया।

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