संजय कुमार
बिहारशरीफ (अपना नालंदा)। आई एम ए भवन, बिहारशरीफ में चिकित्सकों की प्रतिष्ठित संस्था Indian Medical Association की बिहारशरीफ शाखा द्वारा 1 मार्च 2026 को नालंदा जिला चिकित्सा वार्षिक समारोह धूमधाम एवं गरिमामय वातावरण में आयोजित किया गया। इस भव्य सम्मेलन में नालंदा जिला सहित आसपास के कई जिलों से आए लगभग 500 चिकित्सकों ने भाग लेकर इसे ऐतिहासिक बना दिया। पूरे आयोजन में चिकित्सा क्षेत्र से जुड़ी नई जानकारियों, अनुभवों और समसामयिक विषयों पर गंभीर एवं सार्थक चर्चा की गई।
समारोह का उद्घाटन मुख्य अतिथि प्रसिद्ध हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. बी. बी. भारती द्वारा दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया। अपने उद्घाटन संबोधन में उन्होंने चिकित्सा क्षेत्र में निरंतर अद्यतन ज्ञान की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि बदलते समय के साथ चिकित्सकों को वैज्ञानिक शोध, तकनीकी प्रगति और कानूनी पहलुओं की जानकारी रखना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने आयोजन की सराहना करते हुए इसे चिकित्सकों के लिए एक सशक्त मंच बताया।
कार्यक्रम के दौरान मुख्य संपादक डॉ. अजय कुमार सिन्हा एवं सह संपादक डॉ. प्रशांत कुमार, डॉ. सुजीत कुमार तथा डॉ. दयानन्द प्रसाद द्वारा संपादित स्मारिका का विमोचन मुख्य अतिथि के करकमलों द्वारा किया गया। इस स्मारिका में चिकित्सा क्षेत्र की उपलब्धियों, शोध लेखों तथा चिकित्सकीय अनुभवों को समाहित किया गया है, जो चिकित्सकों के लिए मार्गदर्शक सिद्ध होगी।
उद्घाटन सत्र में आई एम ए बिहारशरीफ के अध्यक्ष डॉ. अरुण कुमार (हड्डी रोग विशेषज्ञ) एवं आयोजन अध्यक्ष डॉ. चन्द्रेश्वर प्रसाद ने अतिथियों का स्वागत किया। पैट्रन डॉ. श्याम नारायण प्रसाद, डॉ. अरविन्द कुमार सिन्हा, डॉ. जवाहर लाल, डॉ. ममता कौशांबी एवं डॉ. रश्मि नारायण सहित कई वरिष्ठ चिकित्सकों ने अपने विचार व्यक्त करते हुए संगठन की एकजुटता और चिकित्सा सेवा की प्रतिबद्धता पर जोर दिया।

सचिव डॉ. अभिषेक ने सत्र 2025-26 का विस्तृत लेखा-जोखा प्रस्तुत करते हुए वर्ष भर की गतिविधियों, स्वास्थ्य शिविरों, सामाजिक कार्यों तथा प्रशिक्षण कार्यक्रमों की जानकारी दी। मंच संचालन डॉ. स्वाति सिन्हा, डॉ. रिचा एवं डॉ. नीतू द्वारा प्रभावशाली ढंग से किया गया, जिससे कार्यक्रम सुव्यवस्थित और रोचक बना रहा।
सम्मेलन का मुख्य आकर्षण वैज्ञानिक सत्र रहा, जिसमें विभिन्न विषयों पर विशेषज्ञ चिकित्सकों ने अपने अनुभव साझा किए। बच्चों की मनोचिकित्सा पर डॉ. अमरदीप कुमार ने विस्तृत व्याख्यान दिया। हृदय रोग एवं जॉन्डिस पर डॉ. वैभव राज ने महत्वपूर्ण जानकारी प्रस्तुत की। कैंसर पर डॉ. नवीन कुमार ने नवीनतम उपचार पद्धतियों पर प्रकाश डाला। चिकित्सीय कानून के जटिल पहलुओं पर डॉ. ललित कुमार सिंह ने विस्तृत चर्चा की।

इसके अतिरिक्त डॉ. पुलक राज, डॉ. नीरु जनेश्वर सिंह, डॉ. प्रशांत कुमार, डॉ. सुमन प्रकाश, डॉ. अजय कुमार सिंह, डॉ. कीर्ति पराशर, डॉ. ब्रजेश कुमार, डॉ. मनोज कुमार, डॉ. अनंत कुमार वर्मा एवं डॉ. अमरदीप कुमार ने भी विभिन्न चिकित्सीय विषयों पर अपने अनुभव साझा किए। वैज्ञानिक सत्र का संचालन डॉ. पुलक एवं डॉ. अभिनव द्वारा किया गया।
नेत्र रोग विशेषज्ञों द्वारा सामान्य नेत्र रोगों एवं उनके आधुनिक उपचार पर गहन चर्चा की गई। पैनल चर्चा में चिकित्सीय चुनौतियों, मरीजों के अधिकार, चिकित्सकों की जिम्मेदारियों तथा आधुनिक तकनीकों के प्रभाव पर सारगर्भित विमर्श हुआ।
इस वर्ष सम्मेलन की थीम “मेडिको लीगल इश्यूज इन क्लिनिकल प्रैक्टिस” रही, जिस पर अनुभवी चिकित्सकों एवं कानूनी विशेषज्ञों ने विस्तार से चर्चा की। वक्ताओं ने बताया कि वर्तमान समय में चिकित्सकों के लिए कानूनी जागरूकता उतनी ही महत्वपूर्ण है जितनी चिकित्सीय दक्षता। इस विषय पर हुए संवाद ने उपस्थित चिकित्सकों को व्यावहारिक दिशा-निर्देश प्रदान किए।
पूरे आयोजन के दौरान आपसी संवाद, ज्ञान-विनिमय और सहयोग की भावना स्पष्ट रूप से दिखाई दी। प्रतिभागियों ने आयोजन की उत्कृष्ट व्यवस्था, विषय-वस्तु की गुणवत्ता तथा समयबद्ध संचालन की सराहना करते हुए इसे अत्यंत सफल सम्मेलन बताया।
अंत में आयोजक सचिव डॉ. धनंजय कुमार (शिशु विशेषज्ञ) ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत करते हुए सभी अतिथियों, वक्ताओं, प्रतिभागियों एवं आयोजन समिति के सदस्यों के प्रति आभार व्यक्त किया। इस प्रकार नालंदा जिला चिकित्सा वार्षिक समारोह ज्ञान, संवाद और सहयोग की भावना के साथ सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।







