संविधान और आरक्षण पर सरकार को घेरा, रविदास जयंती समारोह में तेजस्वी का हमला

Written by Sanjay Kumar

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सुजीत कुमार
पटना (अपना नालंदा)। रविवार को रविदास चेतना मंच के तत्वावधान में संत शिरोमणि गुरु रविदास की 649वीं जयंती राज्यस्तरीय समारोह के रूप में मिलर हाई स्कूल मैदान में मनाई गई। कार्यक्रम की अध्यक्षता मंच के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मंत्री शिवचंद्र राम ने की, संचालन विधायक सूबेदार दास ने किया तथा धन्यवाद ज्ञापन पूर्व विधायक राजेंद्र राम ने दिया। समारोह में बड़ी संख्या में लोगों की उपस्थिति रही।
इस अवसर पर बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी प्रसाद यादव ने गुरु रविदास के तैलचित्र पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की और उनके विचारों को सामाजिक समता का मार्गदर्शक बताया। दीप प्रज्वलन कर कार्यक्रम का उद्घाटन करते हुए उन्होंने कहा कि समाज में समानता, भाईचारा और न्याय की स्थापना के लिए संतों और महापुरुषों के आदर्शों को अपनाना आवश्यक है।
तेजस्वी यादव ने केंद्र और राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि सत्ता में बैठे लोग बाबा साहब भीमराव अंबेडकर के संविधान को कमजोर करने की साजिश कर रहे हैं, इसलिए जनता को सजग रहना होगा। उन्होंने आरोप लगाया कि उनकी पार्टी राष्ट्रीय जनता दल ने हमेशा सामाजिक न्याय की परंपरा को आगे बढ़ाया है और लालू प्रसाद यादव ने पुरखों के विचारों पर चलते हुए समाज को संगठित किया, जबकि भारतीय जनता पार्टी पर समाज में विभाजन फैलाने का आरोप लगाया।
आरक्षण के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि महागठबंधन सरकार के समय कराई गई जातीय गणना के आधार पर 65 प्रतिशत आरक्षण लागू किया गया था, लेकिन सरकार बदलने के बाद इसे कानूनी पेच में फंसा दिया गया। उनका आरोप था कि वर्तमान सरकार, जिसमें मुख्यमंत्री नीतीश कुमार शामिल हैं, ने आरक्षण व्यवस्था को कमजोर किया है, जिससे हजारों युवाओं को नौकरी का लाभ नहीं मिल पा रहा है।
तेजस्वी यादव ने यह भी कहा कि उनकी पार्टी संत रविदास, कबीर, अंबेडकर, महात्मा गांधी, राममनोहर लोहिया, कर्पूरी ठाकुर, जगदेव प्रसाद और मौलाना अबुल कलाम आजाद जैसे महापुरुषों के विचारों को पाठ्यक्रम में शामिल कराने के लिए सदन से सड़क तक आवाज उठाएगी। उन्होंने कहा कि गरीबों, ठेला-खोमचा चलाने वालों और छोटे दुकानदारों के साथ अन्याय हो रहा है तथा राज्य में अपराध की घटनाएं बढ़ रही हैं।
समारोह को संबोधित करते हुए शिवचंद्र राम ने कहा कि गुरु रविदास के संदेशों को जन-जन तक पहुंचाकर ही समाज में व्याप्त कुरीतियों और असमानता को समाप्त किया जा सकता है। कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने शिक्षा, नशामुक्ति और अंधविश्वास उन्मूलन का सामूहिक संकल्प लिया। साथ ही पूर्व उप प्रधानमंत्री जगजीवन राम और कांशीराम को भारत रत्न देने तथा बिहार विधानसभा परिसर में अंबेडकर और रविदास की आदमकद प्रतिमा स्थापित करने की मांग भी उठी।
कार्यक्रम में कई जनप्रतिनिधि, सामाजिक कार्यकर्ता और विभिन्न जिलों से आए हजारों लोग मौजूद रहे। आयोजकों ने इसे सामाजिक जागरूकता और अधिकारों के प्रति एकजुटता का प्रतीक बताया।

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