जेपी आंदोलन में जेल गए सुरेंद्र यादव आज तक पेंशन से वंचित

Written by Sanjay Kumar

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राजगीर (अपना नालंदा)। पर्यटन नगरी राजगीर के गंज पर मोहल्ला निवासी जेपी आंदोलनकारी सुरेंद्र प्रसाद यादव को सरकारी घोषणा के बावजूद अब तक पेंशन योजना का लाभ नहीं मिल सका है। उन्होंने बताया कि वर्ष 1974 के जेपी आंदोलन के दौरान उन्हें गिरफ्तार कर केंद्रीय कारा बक्सर भेजा गया था। कारा अभिलेख के अनुसार उनकी प्रवेश तिथि 18 जून 1974 तथा रिहाई की तिथि 8 अगस्त 1974 दर्ज है। उस समय उनके विरुद्ध भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं सहित सीएलए एक्ट 1942 के तहत मामला दर्ज किया गया था।
सुरेंद्र प्रसाद यादव का कहना है कि सरकार द्वारा जेपी आंदोलनकारियों को पेंशन देने की घोषणा की गई थी, किंतु उन्हें आज तक इस योजना का लाभ नहीं मिल पाया। उन्होंने बताया कि अपने दस्तावेज प्राप्त करने के लिए उन्होंने सूचना का अधिकार अधिनियम के तहत आवेदन देकर काफी प्रयासों के बाद जेल रिकॉर्ड हासिल किया, जिससे उनकी गिरफ्तारी और रिहाई की पुष्टि होती है।
उन्होंने आरोप लगाया कि संबंधित विभागों में आवेदन देने के बावजूद अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने सरकार, विशेषकर भारतीय जनता पार्टी नेतृत्व से अनुरोध किया है कि उन्हें भी अन्य आंदोलनकारियों की तरह पेंशन एवं सुविधाएं प्रदान की जाएं, ताकि उनके परिवार का भरण-पोषण सुचारु रूप से हो सके।
स्थानीय लोगों ने भी प्रशासन से मामले की जांच कर उचित लाभ दिलाने की मांग की है, ताकि आंदोलनकारियों को उनका अधिकार मिल सके।

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