राजगीर स्टेडियम निर्माण में लापरवाही पर सख्त एक्शन, मार्च तक काम पूरा करने का अल्टीमेटम

Written by Sanjay Kumar

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सुजीत कुमार
पटना (अपना नालंदा)। भवन निर्माण विभाग के सचिव कुमार रवि ने सोमवार को राजगीर खेल परिसर का निरीक्षण कर निर्माणाधीन क्रिकेट स्टेडियम, बहुउद्देशीय हॉल और साइकिल वेलोड्रम के कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने संबंधित अभियंताओं और कार्य एजेंसियों को सभी शेष कार्य निर्धारित समय सीमा में तेज गति से पूरा करने का सख्त निर्देश दिया।
समीक्षा के दौरान सचिव ने जनरल स्टैंड वेस्ट (जी+2), जनरल स्टैंड ईस्ट (जी+2) और रिवर्स पवेलियन (जी+2) समेत शेष निर्माण कार्यों की धीमी प्रगति पर नाराजगी जताई। उन्होंने एजेंसी को स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि तय माइलस्टोन के अनुसार कार्य नहीं हुआ तो पेनल्टी लगाई जाएगी और लक्ष्य पूरा न होने पर कंपनी को ब्लैकलिस्ट करने की कार्रवाई भी की जा सकती है। साथ ही कार्यस्थल पर श्रमिकों की संख्या बढ़ाने का निर्देश दिया गया।
करीब 18 एकड़ भूमि में बन रहे इस क्रिकेट स्टेडियम का मैदान और मुख्य पवेलियन का निर्माण कार्य पूर्ण हो चुका है। स्टेडियम का कुल निर्मित क्षेत्र लगभग 52,318 वर्गमीटर है तथा इसका लोकार्पण पहले ही संपन्न हो चुका है। सचिव ने बताया कि खिलाड़ियों के अभ्यास के लिए पांच अतिरिक्त पिचें इसी माह तैयार कर ली जाएंगी, जिनमें दो लाल मिट्टी और तीन काली मिट्टी से बन रही हैं।
स्टेडियम में अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप कुल 13 पिचें तैयार की गई हैं। इनमें छह पिचें महाराष्ट्र के पुणे की लाल मिट्टी तथा सात पिचें बिहार के मोकामा की काली मिट्टी से बनाई गई हैं। बीसीसीआई के मुख्य क्यूरेटर की देखरेख में तैयार की गई ये पिचें राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मैचों के आयोजन के लिए उपयुक्त होंगी। स्टेडियम में लगभग 40 हजार दर्शकों के बैठने की क्षमता होगी और बारिश के दौरान जलनिकासी के लिए आधुनिक ड्रेनेज प्रणाली विकसित की गई है।
सचिव ने निर्देश दिया कि स्टेडियम परिसर में चार हाई मास्ट लाइट्स स्थापित की जाएं और इसके लिए भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड से आवश्यक स्वीकृति ली जाए, ताकि भविष्य में अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों के आयोजन में कोई बाधा न आए।
मुख्य पवेलियन में खिलाड़ियों, कोच, अधिकारियों और वीवीआईपी मेहमानों के लिए विशेष स्टैंड बनाए गए हैं। इसके अलावा मीडिया और कमेंट्री के लिए अलग गैलरी, प्लेयर्स लाउंज, अंपायर रूम, प्रेस कॉन्फ्रेंस हॉल, ड्रेसिंग रूम, जिम, फिजियो रूम, स्पा, कॉन्फ्रेंस रूम, स्कोर रूम तथा कैमरा प्लेटफॉर्म जैसी आधुनिक सुविधाएं विकसित की जा रही हैं। साथ ही स्कोरबोर्ड, साउंड सिस्टम, अग्निशमन व्यवस्था और प्रसारण सुविधाओं की स्थापना भी प्रगति पर है।
सचिव ने तीन बहुउद्देशीय इंडोर हॉल और साइकिल वेलोड्रम के निर्माण कार्य को भी शीघ्र पूरा करने का निर्देश दिया, ताकि खेल परिसर में विभिन्न खेल प्रतियोगिताओं का आयोजन हो सके। अधिकारियों ने बताया कि परियोजना की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए विभागीय स्तर पर नियमित मॉनिटरिंग की जा रही है।
यह विश्वस्तरीय स्टेडियम तैयार होने के बाद बिहार के खिलाड़ियों को आधुनिक प्रशिक्षण सुविधाएं मिलेंगी और राज्य राष्ट्रीय तथा अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट आयोजनों की मेजबानी के लिए सक्षम बन सकेगा।

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