विजय प्रकाश उर्फ पिन्नु
नूरसराय(अपना नालंदा)। ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार पर हिलसा प्रखंड के मलामा गाँव में ग्रामीणों द्वारा खदेड़े जाने की खबर को लेकर परविंदर इंटरप्राइजेज के निदेशक एवं समाजसेवी अरविन्द कुमार सिन्हा ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने इसे विपक्षी दलों की एक सोची-समझी साजिश करार दिया और कहा कि यह महज़ भ्रामक दुष्प्रचार है, जिसका मकसद मंत्री की छवि धूमिल करना है।
श्री सिन्हा ने कहा कि ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार पिछले 30 वर्षों से नालंदा की जनता के बीच लोकप्रिय रहे हैं और लगातार विधायक चुने जाते आ रहे हैं। “वह हमेशा जनता से आत्मीयता से मिलते हैं और नालंदा जिले के विकास में उनका योगदान सबके सामने है। ऐसे नेता पर अनर्गल आरोप लगाना विपक्षियों की नकारात्मक राजनीति का हिस्सा है।”
उन्होंने स्पष्ट किया कि जिस दिन की घटना को लेकर अफवाह फैलाई गई, उस दिन मंत्री श्रवण कुमार सड़क हादसे में मारे गए नौ लोगों के परिजनों से मिलने और सांत्वना देने गए थे। वहाँ उनके साथ स्थानीय विधायक भी मौजूद थे। पीड़ित परिवारों की पीड़ा सुनने और उन्हें हरसंभव सहायता दिलाने का आश्वासन देने के दौरान कहीं भी ऐसी कोई अप्रिय घटना नहीं घटी।
समाजसेवी अरविन्द सिन्हा ने आरोप लगाया कि हिलसा के एक स्थानीय नेता ने पूर्व नियोजित रूप से हंगामा कराने की कोशिश की थी, ताकि मंत्री को बदनाम किया जा सके। लेकिन ग्रामीणों ने मंत्री के प्रति सम्मान दिखाया और विरोधियों की मंशा नाकाम हो गई।
उन्होंने कहा कि “नालंदा में ग्रामीण विकास मंत्री के सामने कोई टिकने वाला नहीं है। जनता सब देख रही है और विपक्ष का यह दुष्प्रचार कभी सफल नहीं होगा। श्रवण कुमार ने अपने क्षेत्र ही नहीं बल्कि पूरे नालंदा जिले के लिए विकास कार्य किए हैं। विपक्ष चाहे जितनी भी अफवाह फैलाए, जनता उन पर विश्वास करती है।”